



Sasaram Firing: बिहार के सासाराम में खुशी के रंग बेरंग हुए, जहां शहनाइयों की गूँज के बीच मौत का मातम पसर गया। जिस मंच पर जश्न अपने शबाब पर था, वही कुछ पल बाद लहूलुहान होकर एक युवक की जिंदगी का अंतस्थल बन गया। यह सिर्फ एक घटना नहीं, बल्कि आधुनिक समाज में बढ़ती आपराधिक प्रवृत्ति और हथियारों के बढ़ते चलन की एक वीभत्स कहानी है।
Sasaram Firing: शादी समारोह बना मौत का अखाड़ा
बिहार के सासाराम जिले में एक शादी की रस्मों के दौरान ऐसा दिल दहला देने वाला मंजर सामने आया, जिसे देखकर हर कोई सन्न रह गया। डीजे की तेज धुन पर बाराती झूम रहे थे और हवा में नोट उछाले जा रहे थे। चारों तरफ खुशियों का माहौल था, लेकिन चंद ही पलों में यह खुशी चीखों और मातम में बदल गई। अचानक चली गोली से एक युवक मंच पर ही ढेर हो गया, और जश्न का माहौल पल भर में खौफनाक शांति में तब्दील हो गया।
बताया जा रहा है कि यह घटना देर रात हुई जब विवाह समारोह अपने चरम पर था। गोली लगने के बाद युवक ढोढनडीह गांव निवासी 24 वर्षीय वीर बहादुर सिंह ढेर रूप में की गई है। जानकारी के अनुसार, गांव निवासी मिथिलेश सिंह की पुत्री की शादी थी। शुक्रवार की शाम भोजपुर जिले के बिहिया थाना क्षेत्र के यादवपुर गांव से बारात आई थी और विवाह समारोह के तहत नाच का आयोजन किया गया था। खून से लथपथ होकर मंच पर गिर पड़ा। मौके पर मौजूद लोग पहले तो कुछ समझ ही नहीं पाए, लेकिन जैसे ही सच्चाई सामने आई, भगदड़ मच गई। चारों तरफ चीख-पुकार मच गई और लोग अपनी जान बचाने के लिए इधर-उधर भागने लगे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस बल मौके पर पहुंची। पुलिस ने शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है और मामले की छानबीन शुरू कर दी है। इस शादी समारोह में हिंसा की वारदात ने एक बार फिर से जश्न के माहौल में हथियारों के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। पुलिस प्रारंभिक जांच में यह पता लगाने की कोशिश कर रही है कि गोली किसने चलाई और इसके पीछे का मकसद क्या था।
जश्न के माहौल में गोलीबारी, सुरक्षा पर उठे सवाल
इस घटना से पूरे इलाके में दहशत और शोक का माहौल है। लोगों में इस बात को लेकर गुस्सा है कि आखिर खुलेआम शादी जैसे आयोजनों में हथियारों का प्रदर्शन और उनका इस्तेमाल कैसे हो रहा है। यह घटना समाज में बढ़ रही आपराधिक मानसिकता और कानून व्यवस्था के लिए एक बड़ी चुनौती पेश करती है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
स्थानीय प्रशासन और पुलिस पर अब दबाव है कि वे ऐसी घटनाओं पर लगाम लगाएं और दोषियों को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाएं। यह सिर्फ एक व्यक्ति की मौत नहीं, बल्कि सामाजिक ताने-बाने पर किया गया एक गहरा प्रहार है, जो बताता है कि जश्न के नाम पर किस कदर लापरवाही और उग्रता का प्रदर्शन किया जा रहा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


