Saharsa News: रेलवे की पटरी पर सरपट दौड़ती जिंदगी के बीच, सुरक्षा और आपातकालीन तैयारी किसी कवच से कम नहीं। इसी कवच की मजबूती को परखने के लिए, अधिकारी लगातार मुस्तैद रहते हैं। सहरसा में एडीआरएम ने एआरटी का निरीक्षण कर इसी मुस्तैदी को परखा।
सहरसा समाचार: एडीआरएम ने परखी रेलवे की आपातकालीन तैयारी, एआरटी का किया गहन निरीक्षण
पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल के अपर मंडल रेल प्रबंधक (एडीआरएम) ने सहरसा रेलवे स्टेशन पर शुक्रवार को महत्वपूर्ण निरीक्षण किया। उनका मुख्य उद्देश्य दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) की तैयारियों और आपातकालीन स्थिति से निपटने की क्षमता का आकलन करना था। यह निरीक्षण रेलवे की आंतरिक सुरक्षा व्यवस्था का एक अहम हिस्सा है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
एडीआरएम ने एआरटी के सभी उपकरणों, कर्मचारियों की तत्परता और आपातकालीन प्रतिक्रिया तंत्र का बारीकी से मुआयना किया। उन्होंने सुनिश्चित किया कि किसी भी अप्रत्याशित घटना के दौरान तत्काल सहायता और राहत कार्य सुनिश्चित किए जा सकें।
सहरसा समाचार: आपातकालीन सेवाओं की तत्परता का जायजा
दुर्घटना राहत ट्रेन (एआरटी) रेलवे दुर्घटनाओं या प्राकृतिक आपदाओं के दौरान बचाव और राहत कार्यों के लिए एक महत्वपूर्ण संसाधन है। इसमें आधुनिक उपकरण, चिकित्सा सुविधाएं और प्रशिक्षित कर्मचारियों का दल होता है, जो फंसे हुए लोगों को निकालने, घायलों को प्राथमिक उपचार देने और क्षतिग्रस्त पटरियों या रोलिंग स्टॉक को ठीक करने में सक्षम होते हैं। यह भारतीय रेलवे की रेलवे सुरक्षा सुनिश्चित करने की प्रतिबद्धता का प्रतीक है।
निरीक्षण के दौरान, एडीआरएम ने एआरटी में उपलब्ध उपकरणों की कार्यप्रणाली, उनकी रखरखाव की स्थिति और कर्मचारियों के प्रशिक्षण स्तर की समीक्षा की। उन्होंने विशेष रूप से हाइड्रोलिक जैक, क्रेन, चिकित्सा उपकरण और संचार प्रणालियों की जांच की, ताकि आपातकाल में कोई कमी न रहे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें https://deshajtimes.com/news/national/
रेलवे अधिकारियों के अनुसार, ऐसे नियमित निरीक्षण यह सुनिश्चित करने के लिए आवश्यक हैं कि रेलवे प्रणाली किसी भी प्रकार की आपात स्थिति से निपटने के लिए हर समय तैयार रहे। इससे न केवल यात्रियों की रेलवे सुरक्षा सुनिश्चित होती है बल्कि रेलवे संचालन में भी सुचारुता बनी रहती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भविष्य की तैयारियों पर जोर
एडीआरएम ने संबंधित अधिकारियों को भविष्य में किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश भी दिए। उन्होंने कहा कि कर्मचारियों के लिए नियमित मॉक ड्रिल और प्रशिक्षण सत्र आयोजित किए जाने चाहिए ताकि उनकी प्रतिक्रिया क्षमता को और बेहतर किया जा सके।
यह निरीक्षण सहरसा क्षेत्र में रेलवे सेवाओं की विश्वसनीयता और यात्रियों के प्रति रेलवे की जवाबदेही को मजबूत करता है। ऐसे कदम यह संदेश देते हैं कि यात्रियों की सुरक्षा रेलवे की सर्वोच्च प्राथमिकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।





