Encroachment Drive Bihar: बिहार में सरकारी जमीन पर अवैध कब्जे का मकड़जाल इस कदर फैल चुका है कि प्रशासन का बुलडोजर भी इसे पूरी तरह से उखाड़ फेंकने में नाकाम साबित हो रहा है। एक तरफ अतिक्रमण हटाने की तैयारी है, तो दूसरी तरफ हटे हुए जगहों पर फिर से कब्ज़ा हो जा रहा है।
समस्तीपुर में Encroachment Drive Bihar की तैयारी
समस्तीपुर जिले में प्रशासन ने अवैध कब्जों पर शिकंजा कसने का मन बना लिया है। पूसा बाजार समेत चार प्रमुख चौकों से अतिक्रमण हटाने के लिए बुलडोजर चलाने की अंतिम तैयारियां चल रही हैं। इस खबर से इलाके में हड़कंप मचा हुआ है और अतिक्रमणकारियों में भय का माहौल है। जिला प्रशासन के सूत्रों के अनुसार, समस्तीपुर के इन चिह्नित इलाकों में कई दिनों से अवैध निर्माण और दुकानों के कारण यातायात बाधित हो रहा था। स्थानीय लोगों की शिकायतें लगातार मिल रही थीं, जिसके बाद अब सख्त कार्रवाई का फैसला लिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए हैं कि इस बार अतिक्रमण को पूरी तरह से समाप्त किया जाए ताकि भविष्य में ऐसी स्थिति दोबारा उत्पन्न न हो।
पूर्णिया में प्रशासन की कार्रवाई पर सवाल
वहीं, पूर्णिया जिले के भवानीपुर में हुई कार्रवाई के बाद की स्थिति ने सरकारी सिस्टम पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। महज सात दिन पहले प्रशासन ने बड़ी कार्रवाई करते हुए अवैध कब्जों को हटाया था, लेकिन कुछ ही दिनों में भू-माफियाओं ने दोबारा उन जमीनों पर कब्जा कर होटल और दुकानें फिर से खोल ली हैं। यह घटना दर्शाती है कि सिर्फ बुलडोजर चला देने से समस्या का समाधान नहीं होता। अवैध कब्जा करने वाले गिरोह कितने बेखौफ हैं और प्रशासन की कार्रवाई का उन पर कितना कम असर हो रहा है, यह पूर्णिया का मामला स्पष्ट बताता है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
जानकारों का कहना है कि प्रशासन को केवल अतिक्रमण हटाना ही नहीं, बल्कि हटाई गई जगहों की निगरानी और अवैध कब्जों को रोकने के लिए दीर्घकालिक योजनाएं भी बनानी होंगी। तभी जाकर इस समस्या से स्थायी रूप से निजात मिल पाएगी और सरकारी संपत्तियों को सुरक्षित रखा जा सकेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




