back to top
⮜ शहर चुनें
जनवरी, 2, 2026

Water Crisis: समस्तीपुर में गहराता जल संकट: सर्दियां भी नहीं बचा पाईं भूजल स्तर, गर्मियों में बढ़ेगी मुश्किल

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

Water Crisis: धरती का जल भंडार सूख रहा है, और हम बेखबर हैं। समस्तीपुर में सर्दियों में ही भूजल दो फुट नीचे खिसक गया है, जो आने वाली गर्मियों में गंभीर पेयजल संकट का संकेत दे रहा है।

- Advertisement -

Water Crisis: समस्तीपुर में गहराता जल संकट: सर्दियां भी नहीं बचा पाईं भूजल स्तर, गर्मियों में बढ़ेगी मुश्किल

Water Crisis: समस्तीपुर में क्यों गिर रहा है भूजल?

समस्तीपुर जिले में भूमिगत जल के लगातार गिरते स्तर ने गंभीर चिंताएं पैदा कर दी हैं। यह एक ऐसी खामोश त्रासदी है, जो अगर समय रहते नहीं संभाली गई तो आने वाले दिनों में भयंकर रूप ले सकती है। जिले में भूजल का रिचार्ज सही अनुपात में नहीं हो पा रहा है। लोग भूमिगत जल के पुनर्भरण के प्रति संजीदा नहीं दिख रहे हैं, जिसका सीधा असर अब सामने आने लगा है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

विशेषज्ञों के अनुसार, समस्तीपुर में भूजल का रिचार्ज मुख्य रूप से वर्षा जल पर ही निर्भर करता है। दुर्भाग्यवश, वर्षा जल संचयन और उसके समुचित उपयोग के लिए कोई ठोस प्रयास नहीं किए जा रहे हैं। इसका नतीजा यह है कि ठंड के मौसम में भी भूजल स्तर में गिरावट दर्ज की गई है।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Jehanabad Electricity: जहानाबाद को मिलेगी जर्जर तारों से मुक्ति, नया साल लाएगा निर्बाध विद्युत आपूर्ति का तोहफा

ताजा आंकड़ों के मुताबिक, इस सर्दी में ही समस्तीपुर का भूजल स्तर लगभग दो फुट नीचे चला गया है। यह आंकड़ा बेहद alarming है क्योंकि सर्दियों में आमतौर पर भूजल स्तर अपेक्षाकृत स्थिर या थोड़ा ऊपर रहता है। विशेषज्ञों ने चेतावनी दी है कि यदि यही स्थिति बनी रही, तो आगामी गर्मियों में समस्तीपुर में पेयजल के लिए हाहाकार मच सकता है। यह एक गंभीर पेयजल संकट का संकेत है, जिससे निपटने के लिए तत्काल और प्रभावी कदम उठाने की आवश्यकता है।

जल संरक्षण के प्रति उदासीनता का परिणाम

यह गिरावट दर्शाती है कि जिले में जल संरक्षण के प्रयासों की कितनी कमी है। भूमिगत जल का अत्यधिक दोहन और रिचार्ज की धीमी गति के कारण यह समस्या दिन-प्रतिदिन विकराल रूप लेती जा रही है। लोगों को वर्षा जल संचयन के महत्व को समझना होगा और व्यक्तिगत तथा सामुदायिक स्तर पर इसके लिए पहल करनी होगी। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/

सरकार और स्थानीय प्रशासन को भी इस दिशा में सक्रिय भूमिका निभानी होगी। जल संरक्षण परियोजनाओं को प्राथमिकता देनी होगी और भूजल के अवैज्ञानिक दोहन पर रोक लगानी होगी। यदि समय रहते इन चुनौतियों का समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में पीने के पानी की किल्लत एक बड़ी मानवीय त्रासदी का कारण बन सकती है। यह केवल समस्तीपुर की समस्या नहीं, बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए एक चेतावनी है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

भारत में इलेक्ट्रॉनिक्स मैन्युफैक्चरिंग को मिला बंपर बूस्ट, ₹41,863 करोड़ का निवेश

Electronics Manufacturing: केंद्र सरकार की एक नई पहल से देश में इलेक्ट्रॉनिक्स उत्पादन को...

T20 World Cup से शुभमन गिल को बाहर करने पर भड़के योगराज, कपिल देव का दिया उदाहरण

T20 World Cup: क्रिकेट प्रेमियों का जोश सातवें आसमान पर है! टी20 विश्व कप...

अब ₹12,000 की छूट पर पाएं Motorola Edge 50 Pro: जानिए कैसे करें बचत!

Motorola Edge 50 Pro: अगर आप भी एक नए और दमदार स्मार्टफोन की तलाश...

Darbhanga Navodaya Vidyalaya Cricket: पचाढ़ी में सदा इलेवन ने जीता NPL का खिताब, राहुल इलेवन को हराया

Navodaya Vidyalaya Cricket: खेल का मैदान जीवन के युद्धक्षेत्र का लघु रूप है, जहाँ...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें