Samastipur Railway News: भारतीय रेलवे ने यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और स्वस्थ यात्रा सुनिश्चित करने के लिए एक महत्वपूर्ण कदम उठाया है। पूर्व मध्य रेल के समस्तीपुर मंडल ने ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान पर प्रभावी नियंत्रण के लिए एक विशेष अभियान शुरू किया है। इस पहल का मुख्य उद्देश्य लाखों यात्रियों को एक स्वच्छ, सुरक्षित और प्रदूषण-मुक्त वातावरण प्रदान करना है, जिससे सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान के हानिकारक प्रभावों और आग लगने के जोखिमों को रोका जा सके। रेलवे प्रशासन ने सभी यात्रियों से इस अभियान में सक्रिय सहयोग की अपील करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी है कि नियमों का उल्लंघन करने वालों के खिलाफ रेलवे अधिनियम के तहत कड़ी कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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धूम्रपान से खतरा: क्यों है यह गंभीर अपराध?
रेलवे प्रशासन ने बार-बार यह स्पष्ट किया है कि ट्रेनों और रेलवे परिसरों में धूम्रपान न केवल व्यक्तिगत स्वास्थ्य के लिए अत्यधिक हानिकारक है, बल्कि यह कानूनन एक गंभीर अपराध भी है। सार्वजनिक स्थानों पर धूम्रपान करने से निकलने वाला धुआँ अन्य सह-यात्रियों, विशेषकर बच्चों, गर्भवती महिलाओं और वरिष्ठ नागरिकों के स्वास्थ्य पर सीधा और नकारात्मक प्रभाव डालता है। निष्क्रिय धूम्रपान (Passive Smoking) के कारण कई गंभीर बीमारियाँ पनप सकती हैं, जो रेलवे के स्वच्छ वातावरण के उद्देश्य के बिल्कुल विपरीत है। इसके अतिरिक्त, रेलवे का सबसे बड़ा सरोकार आग लगने जैसी गंभीर दुर्घटनाओं की रोकथाम है। चलती ट्रेन में माचिस या लाइटर का उपयोग कर धूम्रपान करना, खासकर शौचालय या भीड़भाड़ वाले डिब्बों में, आग लगने का एक बड़ा और वास्तविक खतरा पैदा करता है। ऐसी दुर्घटनाएं न केवल जानमाल का भारी नुकसान करती हैं, बल्कि पूरे रेलवे परिचालन को बाधित कर देती हैं। इन्हीं खतरों की गंभीरता को देखते हुए समस्तीपुर मंडल ने ट्रेनों में धूम्रपान की घटनाओं को अत्यंत गंभीरता से लिया है और इसे रोकने के लिए कमर कस ली है।
मंडल रेल प्रबंधक श्री ज्योति प्रकाश मिश्रा के निर्देशानुसार, वाणिज्य विभाग और रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों को ट्रेनों और सभी रेलवे परिसरों, जैसे प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय और फुटओवर ब्रिज पर लगातार कड़ी निगरानी रखने का आदेश दिया गया है। इन अधिकारियों को यह सुनिश्चित करने के लिए कहा गया है कि कोई भी व्यक्ति धूम्रपान न करे और नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी यात्री के खिलाफ भारतीय रेलवे अधिनियम के तहत नियमानुसार और तत्काल कार्रवाई की जाए। यह व्यापक अभियान यात्रियों की सुरक्षा, सुविधा और एक स्वस्थ यात्रा अनुभव को सर्वोच्च प्राथमिकता देता है, जो भारतीय रेलवे के लिए हमेशा से एक महत्वपूर्ण लक्ष्य रहा है।
समस्तीपुर रेलवे का सख्त रुख और कानूनी कार्रवाई
समस्तीपुर मंडल द्वारा चलाए जा रहे इस विशेष अभियान के तहत, यदि कोई यात्री रेलवे स्टेशन के किसी भी हिस्से, प्लेटफॉर्म, प्रतीक्षालय, फुटओवर ब्रिज, कोच या ट्रेन के किसी भी डिब्बे में धूम्रपान करते हुए पाया जाता है, तो उसके खिलाफ बिना किसी देरी के तत्काल और सख्त कानूनी कार्रवाई की जाएगी। भारतीय रेलवे अधिनियम, 1989 की धारा 167 के तहत, रेलवे परिसर में धूम्रपान करना एक दंडनीय अपराध है। इस धारा के तहत, दोषी पाए जाने पर जुर्माना लगाया जा सकता है, जो कि ₹500 तक हो सकता है, या कुछ मामलों में कारावास का प्रावधान भी हो सकता है, विशेषकर यदि धूम्रपान से कोई बड़ा खतरा उत्पन्न हुआ हो। यह नियम यात्रियों की समग्र सुरक्षा और रेलवे संपत्ति की सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं, क्योंकि रेलवे सार्वजनिक परिवहन का एक महत्वपूर्ण साधन है।
रेल प्रशासन ने सभी यात्रियों से विनम्रतापूर्वक अनुरोध किया है कि वे इस Railway Smoking Ban का पूर्णतः पालन करें और अपने साथी यात्रियों को भी इसका पालन करने के लिए प्रेरित करें। यह अभियान केवल उल्लंघनकर्ताओं को दंडित करने के लिए नहीं है, बल्कि इसका मूल उद्देश्य एक सुरक्षित, स्वच्छ और अधिक सुखद यात्रा संस्कृति को बढ़ावा देना है। रेलवे का दीर्घकालिक लक्ष्य है कि हर यात्री अपनी यात्रा के दौरान स्वयं को सुरक्षित, आरामदायक और स्वस्थ महसूस करे। इस संबंध में, रेलवे अधिकारियों को यह भी निर्देश दिए गए हैं कि वे यात्रियों को धूम्रपान के गंभीर खतरों और रेलवे नियमों के बारे में लगातार जागरूक करें ताकि वे स्वयं भी सुरक्षित रहें और दूसरों को भी सुरक्षित रखें।
यात्रियों की भागीदारी: सुरक्षित यात्रा की कुंजी
रेलवे प्रशासन ने इस महत्वपूर्ण अभियान को सफल बनाने में सभी यात्रियों से अपनी सक्रिय भागीदारी और सहयोग की अपील की है। यदि किसी व्यक्ति को ट्रेन या रेलवे परिसर में कोई भी व्यक्ति धूम्रपान करते हुए दिखाई देता है, तो उसकी सूचना तत्काल रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर दें। इसके अतिरिक्त, ऑन-ड्यूटी रेलवे कर्मचारियों, जैसे टीटीई (यात्रा टिकट परीक्षक), वाणिज्य कर्मियों, स्टेशन मास्टर, या रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के जवानों को भी सूचित किया जा सकता है। प्राप्त सूचना पर रेलवे द्वारा बिना किसी विलंब के त्वरित और प्रभावी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी, जिससे नियमों का उल्लंघन करने वाले किसी भी व्यक्ति पर तत्काल लगाम कसी जा सकेगी और एक सुरक्षित माहौल बना रहेगा।
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एक सुरक्षित, स्वच्छ और पूरी तरह से धूम्रपान-मुक्त रेलवे वातावरण का निर्माण केवल रेलवे प्रशासन की जिम्मेदारी नहीं है, बल्कि इसमें प्रत्येक नागरिक और यात्री की सामूहिक भागीदारी अत्यंत महत्वपूर्ण है। रेलवे का दृढ़ विश्वास है कि सभी के सामूहिक प्रयासों और जागरूकता से ही हम एक बेहतर, सुरक्षित और अधिक सुखद यात्रा अनुभव सुनिश्चित कर सकते हैं। आइए, हम सभी मिलकर भारतीय रेलवे को धूम्रपान-मुक्त बनाएं, जिससे न केवल वर्तमान पीढ़ी के लिए बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए भी एक स्वस्थ और सुरक्षित यात्रा का मार्ग प्रशस्त हो सके। यह हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है कि हम सार्वजनिक स्थानों को स्वच्छ और सुरक्षित रखें।
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