Samastipur Junction @ रेल पटरियों पर दौड़ने वाली जिंदगियां, पलक झपकते ही किसी बड़ी चूक का शिकार हो सकती हैं। समस्तीपुर जंक्शन पर हुई एक ऐसी ही घटना ने रेलवे प्रशासन को सकते में डाल दिया, जब एक हाइड्रेंट पाइप ने सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े कर दिए। मंडल प्रशासन ने इस गंभीर लापरवाही पर तत्काल और कठोर कार्रवाई कर अपनी प्रतिबद्धता दोहराई है।
पूर्व मध्य रेलवे के समस्तीपुर मंडल में रेल संरक्षा हमेशा से सर्वोच्च प्राथमिकता रही है। इसी कड़ी में, 12 जनवरी 2026 की रात समस्तीपुर जंक्शन पर घटित एक घटना को मंडल प्रशासन ने बेहद गंभीरता से लिया है। इस मामले में तुरंत सुधारात्मक और दंडात्मक कार्रवाई की गई है।
प्राप्त जानकारी के अनुसार, 12 जनवरी 2026 को रात 10 बजकर 54 मिनट पर ट्रेन संख्या 13032 जयनगर-हावड़ा एक्सप्रेस प्लेटफार्म संख्या 03 पर पहुंच रही थी। इसी दौरान प्लेटफार्म के मुजफ्फरपुर छोर पर, त्वरित वाटरिंग के लिए असुरक्षित तरीके से रखा गया एक हाइड्रेंट पाइप लुढ़ककर ट्रेन के कोच संख्या 142422 (जो लोको से दसवां कोच था) में फंस गया। यह पाइप प्लेटफार्म और कोच के बॉडी के बीच बुरी तरह से जाम हो गया और लगभग 140 मीटर तक ट्रेन के साथ घिसटता रहा। इस दौरान प्लेटफार्म की कोपिंग टाइल्स बुरी तरह क्षतिग्रस्त हो गईं।
घटना की सूचना मिलते ही स्टेशन प्रबंधन और संबंधित तकनीकी विभागों ने बिना किसी विलंब के कार्रवाई शुरू की। गैस कटर की मदद से पाइप को काटकर सुरक्षित रूप से हटाया गया। जांच में पता चला कि प्रभावित कोच के निचले हिस्से में शौचालय क्षेत्र क्षतिग्रस्त हुआ था और पीछे के कोच का फुटबोर्ड भी मुड़ गया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। आवश्यक मरम्मत और अंडरगियर की गहन जांच के बाद, ट्रेन को पूरी तरह से फिट घोषित किया गया और रात 12 बजकर 35 मिनट पर गंतव्य की ओर रवाना कर दिया गया। एहतियात के तौर पर दो एस्कॉर्ट स्टाफ को भी ट्रेन के साथ भेजा गया। संतोषजनक बात यह रही कि इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। इस घटना के कारण ट्रेन संख्या 13032 लगभग 90 मिनट तक रुकी रही।
Samastipur Junction @ लापरवाहों पर गिरी गाज: समस्तीपुर रेलवे सेफ्टी के नए कड़े नियम
मंडल प्रशासन ने इस घटना को एक गंभीर संरक्षा चूक मानते हुए तुरंत कई कठोर कदम उठाए हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- संबंधित ठेकेदार फर्म पर टेंडर शर्तों के अनुसार भारी जुर्माना (पेनल्टी) लगाया गया है।
- परियोजना की देखरेख कर रहे वरीय अनुभाग अभियंता (SSE) के खिलाफ रेलवे सेवक, अनुशासन एवं अपील नियम (D&AR) के तहत कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है।
- घटनास्थल से सभी हाइड्रेंट और पाइप को तत्काल हटाकर रनिंग लाइन से सुरक्षित दूरी पर रखवा दिया गया है।
- भविष्य में ऐसी किसी भी लापरवाही को रोकने के लिए मंडल के सभी स्टेशनों पर प्लेटफार्मों पर रखे उपकरणों की सुरक्षा समीक्षा (Safety Audit) कराने के निर्देश जारी किए गए हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
मंडल रेल प्रबंधक, समस्तीपुर श्री ज्योति प्रकाश मिश्र ने इस संबंध में अपनी प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “यात्रियों की सुरक्षा के साथ किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह घटना अत्यंत गंभीर है और इसमें जिम्मेदार पाए गए कर्मचारियों एवं ठेकेदार के विरुद्ध सख्त कार्रवाई की जा रही है। समस्तीपुर मंडल में संरक्षा से कोई समझौता नहीं होगा और भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए सभी आवश्यक कदम उठाए जा रहे हैं।” उन्होंने आगे कहा कि हमारा लक्ष्य त्रुटिहीन रेलवे परिचालन और यात्री सुरक्षा सुनिश्चित करना है।
आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। समस्तीपुर मंडल यात्रियों को यह आश्वासन देता है कि सुरक्षित, संरक्षित एवं विश्वसनीय रेल परिचालन सुनिश्चित करने के लिए मंडल प्रशासन पूर्णतः प्रतिबद्ध है और किसी भी कीमत पर यात्री सुरक्षा से कोई समझौता नहीं किया जाएगा।

