
समस्तीपुर में अस्पताल बना तंत्र-मंत्र का अड्डा! ‘मरे को जिंदा’ करने पहुंचे भगत। 15 साल के मृत लड़के को जिंदा करने का दावा! अस्पताल में भगत ने किया तंत्र-मंत्र का तमाशा। वैज्ञानिक युग में अंधविश्वास की हद! अस्पताल में ‘मृत’ को जिंदा करने पहुंचे भगत। सांप के काटने से मौत… फिर भगत ने किया दावा – “मैं जिंदा कर दूंगा”। पोस्टमार्टम हाउस में तंत्र-मंत्र! मृत किशोर को जिंदा करने की नाकाम कोशिश। डॉक्टर बोले – “मौत के बाद कुछ नहीं हो सकता” लेकिन भगत 30 मिनट करता रहा झाड़-फूंक। समस्तीपुर में शर्मनाक घटना! अस्पताल में अंधविश्वास का खेल, तंत्र-मंत्र से मौत को हराने की कोशिश।@समस्तीपुर देशज टाइम्स।
समस्तीपुर सदर अस्पताल में तंत्र-मंत्र का तमाशा: ‘मृत’ किशोर को जिंदा करने का दावा, 30 मिनट बाद भगत ने मानी हार
समस्तीपुर। वैज्ञानिक युग में भी अंधविश्वास की जकड़न कितनी गहरी है, इसका ताजा उदाहरण समस्तीपुर सदर अस्पताल (Samastipur Sadar Hospital) में सोमवार देर रात देखने को मिला। यहां एक भगत (Tantrik) ने दावा किया कि वह सांप के काटने से मृत 15 वर्षीय किशोर को 24 घंटे के भीतर जिंदा कर सकता है।
यह घटना न केवल अस्पताल परिसर की गरिमा को ठेस पहुंचाने वाली रही, बल्कि इसने यह भी दिखाया कि ग्रामीण क्षेत्रों में तंत्र-मंत्र और झाड़-फूंक पर अंधविश्वास अब भी लोगों की सोच पर हावी है।
मामला: सांप के काटने से हुई मौत
मोहिउद्दीननगर थाना क्षेत्र के राजा जान गांव निवासी रंजीत पासवान का पुत्र झामन कुमार रविवार रात सोते समय सांप के डंस का शिकार हो गया। परिजन उसे इलाज के लिए दलसिंहसराय ले गए, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
पुलिस प्रक्रिया के तहत शव को पोस्टमार्टम के लिए समस्तीपुर सदर अस्पताल भेजा गया।
अस्पताल में ‘चमत्कार’ का दावा
इसी बीच मोहिउद्दीननगर निवासी अखिलेश कुमार राय नामक भगत अस्पताल पहुंचा और यह दावा करने लगा कि वह मृतक को 24 घंटे में जिंदा कर सकता है।
भगत ने हेलमेट पहनकर तंत्र-मंत्र, झाड़-फूंक और कोड़ा मारने जैसी क्रियाएं कीं। कभी मृतक की छाती पर हाथ रखकर धड़कन तलाशता, कभी नब्ज टटोलता, साथी तलवे दबाकर ‘ऊर्जा लौटाने’ का प्रयास करता रहा।
करीब 30 मिनट तक यह नजारा पोस्टमार्टम हाउस के बाहर चलता रहा और लोग ‘चमत्कार’ देखने की उम्मीद में जुटे रहे।
अंधविश्वास की हार
आखिरकार, प्रयास असफल रहने पर भगत ने हाथ जोड़कर परिजनों से माफी मांगी और कहा कि मौत को कई घंटे हो चुके हैं, इसलिए अब वह कुछ नहीं कर सकता।
डॉक्टर की कड़ी प्रतिक्रिया
अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड में तैनात डॉ. पीडी शर्मा ने नाराजगी जताते हुए कहा
“मृत व्यक्ति को किसी भी माध्यम से जिंदा करना संभव नहीं है। इस तरह की हरकतें परिजनों के दुख का फायदा उठाने की कोशिश हैं।”
मेडिकल विज्ञान के अनुसार, मौत के बाद शरीर के अंगों की कार्यप्रणाली पूरी तरह बंद हो जाती है, जिसे किसी भी उपाय से वापस चालू नहीं किया जा सकता।


