
सत्यनारायण चौधरी, समस्तीपुर देशज टाइम्स। समस्तीपुर पुलिस में ऐसा लगता है कि अनुशासन का अभाव है। इस कारण आरोपियों का मन काफी बढ़ा हुआ है।
गंभीर मामलों के आरोपी महज कुछ ही दिन में जेल से निकलकर वादी को धमकाना शुरू कर देते हैं। यहां तक कहते हैं, केस में हुए खर्च और पैसा नहीं दोगे तो फिर अंजाम बुरा होगा।
मामला समस्तीपुर जिले के खानपुर थाना (140/22) का है। जमीनी विवाद में आठ लोगों ने मिलकर राम निवास चौधरी एवं उनके परिजनों को लाठी डंडे आदि से मारकर सिर फोड़ दिया। जमकर पीटा। पीट-पीटकर जख्मी कर दिया।
इस मामले में सदर अंचल के पुलिस निरीक्षक विक्रम आचार्य ने घटना को सत्य करार देते हुए पुनीता देवी, नरेश राय, राम लाल राय, सुरेश राय, महादेव राय, मुरारी राय, कन्हैया राय, कीमती देवी एवं गीता देवी को गिरफ्तार करने का आदेश अनुसंधानक मनोज सिंह को दिया था।
इस मामले में अबतक एक आरोपी सुरेश राय की गिरफ्तारी हुई है। कुछ ही दिनों बाद सुरेश जेल से छूटकर घर आ गया। सुरेश के पिता महादेव राय पुनः वादी के घर पहुंचकर धमकाना शुरू कर दिए हैं। वहीं, गजेंद्र नारायण के जख्म प्रतिवेदन में चिकित्सकों ने HART BLUNT SUBSTANCE लिखा है। मतलब साफ है कि प्राथमिकी में लगे धारा 147/ 149/ 341/323/307/379/527 भादवि के अंतर्गत मामला सत्य है।
चिकित्सक की इसी रिपोर्ट के बाद पुलिस निरीक्षक विक्रम आचार्य ने मामले को सत्य करार देते हुए अनुसंधानक को निर्देश दिया कि सभी आरोपी को गिरफ्तार करें। गिरफ्तार नहीं होने की स्थिति में कुर्की-जब्ती की कार्रवाई सुनिश्चित करें। इसके बावजूद आरोपी की गिरफ्तारी नहीं होना या न्यायालय से वारंट समेत कुर्की-जब्ती का नहीं होना खानपुर पुलिस के कार्य शैली पर प्रश्न चिन्ह जरूर खड़ा करता है।

