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Bihar Police में भूचाल, एक साथ 100 पुलिस अधिकारियों पर Action, केस नहीं सुलझाए, सैलरी बंद!

जानिए कौन-कौन हैं जद में, पूरी लिस्ट

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बिहार में 98 पुलिसकर्मियों पर बड़ी कार्रवाई हुई है। इनकी लापरवाही इनपर भारी पड़ गई है। केस नहीं सुलझाए, सैलरी बंद! यही कार्रवाई हुई है। इस कार्रवाई से बिहार पुलिस विभाग में भूचाल आ गया है। एकसाथ 100 अधिकारियों की सैलरी रोक दी गई है।

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मामला, सारण पुलिस का है जहां पुलिसकर्मियों का बड़ा झटका लगा है। 100 अफसरों की पहचान करते हुए लापरवाही बरतने वालों पर SSP का बड़ा फैसला सामने आया है। यहां करीब 100 पुलिस अधिकारियों के खिलाफ एसएसपी (SSP) ने कड़ी कार्रवाई की है। लापरवाही बरतने वाले 98 पुलिस पदाधिकारियों का वेतन अगले आदेश तक रोक दिया गया है। इस फैसले के बाद जिले के पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया है।

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लापरवाही बनी कार्रवाई की वजह, दो या उससे कम केस का निष्पादन बना आधार

सारण एसएसपी ने पाया कि मार्च महीने में कई पुलिस अधिकारियों ने दो या उससे कम मामलों का निष्पादन किया है। कमजोर परफॉर्मेंस के आधार पर 98 अधिकारियों को चिन्हित किया गया और सभी का वेतन रोकने का आदेश जारी कर दिया गया।

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मुफस्सिल थाना के सबसे अधिक अधिकारी कार्रवाई की जद में

जिन अधिकारियों पर यह कार्रवाई हुई है, उनमें मुफस्सिल थाना के 12 अधिकारी सबसे अधिक हैं। इसके अलावा:

  • दरियापुर, दाउदपुर, सहाजितपुर – 6-6 अधिकारी | इसुआपुर – 7 अधिकारी| सोनपुर, मकेर, एकमा, जनता बाजार – 4-4 अधिकारी | अवतारनगर, मढ़ौरा, परसा, गौरा – 3-3 अधिकारी| दिघवारा – 5 अधिकारी | पानापुर, मशरक, डेरनी, अकीलपुर, तरैया, डोरीगंज, मांझी, रसूलपुर, बनियापुर, खैरा – 1-1 अधिकारी |

  • अन्य थाने जैसे हरिनाथपुर, भगवानबाजार, नयागांव, मढ़ौरा ALTएफ, गरखा नगर, जलालपुर, रिविलगंज, कोपा – 2-2 अधिकारी

कर्मठ अधिकारियों को मिला सम्मान, 18 IO को किया गया पुरस्कृत

जहां एक ओर लापरवाह अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई हुई है, वहीं 18 आईओ (Investigating Officers) को अच्छे कार्य के लिए पुरस्कृत भी किया गया है। इससे स्पष्ट होता है कि एसएसपी की निगरानी और मूल्यांकन प्रणाली सख्त और निष्पक्ष है।

पुलिस महकमे में हड़कंप, सतर्कता बढ़ी

एसएसपी के इस तत्काल और सख्त निर्णय के बाद सारण जिले के पुलिस महकमे में हड़कंप मच गया है। अब अधिकारियों पर निष्पादन में पारदर्शिता और गति लाने का दबाव है।

प्रशासनिक सख्ती से बढ़ेगी जवाबदेही

इस कदम से यह साफ संदेश गया है कि लापरवाही और कार्य में ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी। यह कार्रवाई अन्य जिलों के लिए भी चेतावनी और उदाहरण बन सकती है।

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