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फ़रवरी, 22, 2026
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बिहार के छपरा से बड़ी खबर : अकेली छात्रा को पुरुष कर्मचारी के साथ नहीं छोड़ेगा स्कूल प्रबंधन

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छपरा, 21 मार्च। घर से स्कूल लाने तथा वापस स्कूल से घर पहुंचाने के दौरान बस में किसी भी स्कूली छात्रा को अकेले किसी पुरुष कर्मचारी के साथ नहीं छोड़ना होगा। इसके लिए बस में एक महिला सहायक को अनिवार्य रूप से रखना होगा ।
क्षेत्रीय परिवहन प्राधिकार के सचिव संयुक्त आयुक्त डॉक्टर गगन ने बताया कि बिहार सरकार के नए मोटर अधिनियम 2020 में इसका प्रावधान किया गया है। विद्यालय प्रबंधन को यह सुनिश्चित करना होगा कि माता-पिता या अधिकृत अभिभावक को छोड़कर किसी अन्य को स्कूली बच्चों को नहीं सौंपा जायेगा। अभिभावकों द्वारा विद्यालय प्रबंधन को एस एम एस के द्वारा दूसरे व्यक्ति को अधिकृत करने की सूचना देनी होगी। किसी भी छात्रा को पुरुष कर्मचारी के साथ अकेला नहीं छोड़ा जायेगा। वाहन चालक को किसी भी अनुचित विलंब, बंदी, ट्रैफिक जाम, दुर्घटना, ब्रेकडाउन, सड़क अवरुद्ध के बारे में स्कूल प्रबंधन को सूचित करना होगा एवं वाहन को सुरक्षित हालत में रखना होगा।
स्कूल प्रबंधन द्वारा दूरभाष एस एम एस, ई-मेल, व्हाट्सएप के माध्यम से इसकी सूचना तुरंत अभिभावकों को दिया जाना अनिवार्य होगा। वाहन के चालक तथा सहायक की किसी भी लापरवाही के लिए स्कूल प्रबंधन जिम्मेदार होगा और दोषी चालक तथा सहायक के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करनी होगी। चार स्तरों पर होगी स्कूल वाहनों के परिवहन की मॉनिटरिंग राज्य स्तर पर राज्य सड़क सुरक्षा परिषद, प्रमंडल स्तर पर प्रमंडलीय आयुक्त की अध्यक्षता वाली समिति, जिला स्तर पर डीएम की अध्यक्षता वाली सड़क सुरक्षा समिति तथा विद्यालय स्तर पर बाल परिवहन समिति के द्वारा इसकी मॉनिटरिंग की जाएगी ।
विद्यालय स्तर पर गठित होने वाली बाल परिवहन समिति में स्कूल के प्राचार्य, दो अभिभावक, शिक्षक संघ के प्रतिनिधि , संबंधित क्षेत्र के ट्रैफिक इंस्पेक्टर, मोटरयान निरीक्षक, शिक्षा विभाग के एक प्रतिनिधि, स्कूल बस मालिकों के प्रतिनिधि सदस्य के रूप में नामित होंगे। बाल परिवहन समिति की बैठक प्रत्येक तीन माह पर होगी।
राज्य प्रमंडल तथा जिला स्तर पर पहले से सड़क सुरक्षा समितियां गठित है। उन्हीं को इसके मॉनिटरिंग का अधिकार दिया गया है। जिला सड़क सुरक्षा समिति को नियामक प्राधिकार बनाया गया है। जिला परिवहन पदाधिकारी की जांच रिपोर्ट के आधार पर नियामक प्राधिकार के द्वारा स्कूल वाहनों पर जुर्माना लगाए जाएंगे और वसूली की जाएगी नियामक प्राधिकार के द्वारा लगाए गए अर्थदंड के विरुद्ध प्रमंडलीय आयुक्त के यहां स्कूल प्रबंधन अपील कर सकेंगे।
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