
Cyber Fraud Murder: बिहार के शेखपुरा में एक दिल दहला देने वाला मामला सामने आया है। 9 दिन पहले लापता हुए 5 वर्षीय मासूम दीपांशु कश्यप की निर्मम हत्या कर दी गई है। पुलिस ने नवादा जिले की एक पहाड़ी गुफा से बच्चे का क्षत-विक्षत शव बरामद किया, जिसके बाद पूरे इलाके में सनसनी फैल गई है।
Cyber Crime Murder: शेखपुरा से एक दिल दहला देने वाली खबर सामने आई है। साइबर ठगी के पैसों के विवाद में हुए इस Cyber Crime Murder में एक 5 साल के मासूम को बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया गया। 9 दिन बाद बच्चे का क्षत-विक्षत शव नवादा की पहाड़ी गुफा से बरामद किया गया है, जिसने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी है।
15 लाख के विवाद में Cyber Crime Murder की खूनी साजिश
शेखपुरा जिले के कसार थाना क्षेत्र के बरसा गांव से 9 दिन पहले लापता हुए 5 वर्षीय दीपांशु कश्यप की बेरहमी से हत्या कर दी गई है। पुलिस ने शनिवार को नवादा जिले के कौवाकोल थाना अंतर्गत सुमा पहाड़ी की एक गुफा से बालक का क्षत-विक्षत शव बरामद किया। इस सनसनीखेज हत्याकांड का खुलासा करते हुए शेखपुरा एसपी बलीराम चौधरी ने बताया कि यह पूरा मामला एक बेहद जघन्य Cyber Crime Murder का है, जिसमें साइबर अपराध से जुड़ी काली कमाई के बंटवारे का विवाद मूल कारण है। मृतक दीपांशु के पिता कन्हैया पंडित और इस हत्याकांड में शामिल सभी सात आरोपी नवादा के वारसलीगंज में एक साथ संगठित होकर साइबर ठगी के धंधे को अंजाम देते थे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। इसी दौरान साइबर ठगी से उड़ाए गए करीब 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के बैंक खाते में आए थे। गिरोह के बाकी सदस्य उस रकम को आपस में बांटने का लगातार दबाव बना रहे थे, लेकिन कन्हैया पंडित पैसे देने में आनाकानी कर रहा था। इसी खुन्नस में आरोपियों ने कन्हैया को सबक सिखाने के लिए एक खूनी साजिश रची।
कैसे हुआ मासूम का अपहरण और हत्या?
तय साजिश के तहत आरोपियों ने 7 मई को बरसा गांव से कन्हैया के 5 वर्षीय पुत्र दीपांशु का रहस्यमय तरीके से अपहरण कर लिया। अपहरण करने के बाद अपराधियों ने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के इरादे से उसके शव को नवादा की सुमा पहाड़ी के गुफा में गहरे नीचे फेंक दिया। वारदात वाली जगह से मृतक के कपड़े भी बरामद किए गए हैं, जिनसे उसकी पहचान की पुष्टि हुई है।
SIT ने सुलझाई गुत्थी, 4 आरोपी गिरफ्तार
बच्चे के लापता होने के बाद पिता कन्हैया पंडित ने कसार थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (SDPO) राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (SIT) का गठन किया गया। वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को दबोचा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। पुलिस हिरासत में आए अजीत मांझी और संदीप मांझी ने कड़ी पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया और उन्हीं की निशानदेही पर पुलिस ने पहाड़ी की गुफा से मासूम का शव बरामद किया। पुलिस ने अब तक इस मामले में अजीत मांझी और संदीप मांझी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
हालांकि, घटना में शामिल तीन अन्य नामजद आरोपी– सुदाम मांझी, प्रदीप मांझी और संतोष मांझी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। एसपी ने बताया कि शव काफी क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है, इसलिए मौके पर स्थानीय फॉरेंसिक साइंस लैब (FSL) की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करवाए गए हैं। हालांकि, परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त दीपांशु के रूप में कर ली है। पुलिस फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इस पूरे साइबर सिंडिकेट को ध्वस्त करने का दावा कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
साइबर ठगी के पैसे को लेकर रची गई खूनी साजिश
शेखपुरा पुलिस अधीक्षक बलीराम चौधरी ने शनिवार को इस सनसनीखेज Cyber Fraud Murder से पर्दा उठाते हुए बताया कि यह पूरी वारदात साइबर अपराध से जुड़ी काली कमाई के बंटवारे के विवाद का नतीजा है। मृतक दीपांशु के पिता कन्हैया पंडित और इस जघन्य हत्याकांड में शामिल सभी सात आरोपी नवादा के वारसलीगंज में एक साथ मिलकर साइबर ठगी का धंधा करते थे। इसी दौरान साइबर ठगी से उड़ाए गए करीब 15 लाख रुपये कन्हैया पंडित के बैंक खाते में आए थे। गिरोह के बाकी सदस्य उस रकम को आपस में बांटने का लगातार दबाव बना रहे थे, लेकिन कन्हैया पंडित पैसे देने में आनाकानी कर रहा था। इसी खुन्नस में आरोपियों ने कन्हैया को सबक सिखाने के लिए एक खूनी साजिश रची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
ऐसे हुआ अपहरण और हत्या का खुलासा
तय साजिश के तहत आरोपियों ने 7 मई को बरसा गांव से कन्हैया के 5 वर्षीय पुत्र दीपांशु का अपहरण कर लिया। अपहरण करने के बाद अपराधियों ने मासूम की गला दबाकर हत्या कर दी और साक्ष्य छुपाने के इरादे से उसके शव को नवादा की सुमा पहाड़ी की एक गुफा में गहरे नीचे फेंक दिया। वारदात वाली जगह से मृतक के कपड़े भी बरामद किए गए हैं। बच्चे के लापता होने के बाद पिता कन्हैया पंडित ने कसार थाने में गुमशुदगी का मामला दर्ज कराया था। मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी (एसडीपीओ) राकेश कुमार के नेतृत्व में एक विशेष जांच टीम (एसआईटी) का गठन किया गया। वैज्ञानिक अनुसंधान और तकनीकी कड़ियों को जोड़ते हुए पुलिस ने गिरोह के सदस्यों को दबोचा। पुलिस हिरासत में आए अजीत मांझी और संदीप मांझी ने कड़ी पूछताछ में अपना गुनाह कबूल कर लिया और उन्हीं की निशानदेही पर पुलिस ने पहाड़ी की गुफा से मासूम का शव बरामद किया। पुलिस ने अब तक इस शेखपुरा हत्याकांड में अजीत मांझी और संदीप मांझी समेत कुल चार आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
आगे की जांच और फरार आरोपियों की तलाश
एसपी ने बताया कि शव काफी क्षत-विक्षत अवस्था में मिला है, इसलिए मौके पर स्थानीय फॉरेंसिक साइंस लैब (एफएसएल) की टीम को बुलाकर वैज्ञानिक साक्ष्य एकत्र करवाए गए हैं। हालांकि, परिजनों ने कपड़ों और अन्य पहचान के आधार पर शव की शिनाख्त दीपांशु के रूप में कर ली है। साथ ही घटना में शामिल तीन अन्य नामजद आरोपी– सुदाम मांझी, प्रदीप मांझी और संतोष मांझी फिलहाल फरार हैं, जिनकी गिरफ्तारी के लिए पुलिस संभावित ठिकानों पर लगातार छापेमारी कर रही है। पुलिस फरार आरोपियों की जल्द गिरफ्तारी और इस पूरे साइबर सिंडिकेट को ध्वस्त करने का दावा कर रही है। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







