back to top
29 नवम्बर, 2025

SIR की जंग में नया मोड़: अखिलेश यादव के बयान पर उपेंद्र कुशवाहा का तीखा पलटवार

spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

पटना से आई एक राजनीतिक चिंगारी ने देश भर में गरमाए ‘SIR’ के सियासी माहौल को और भड़का दिया है। समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव के इस मुद्दे पर दिए बयान ने जैसे ही हलचल मचाई, राष्ट्रीय लोक मोर्चा के अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने तीखे तेवर दिखाते हुए पलटवार कर दिया। सवाल यह है कि क्या यह सिर्फ बयानबाजी है या इसके पीछे कोई गहरा राजनीतिक दांव छिपा है?

- Advertisement - Advertisement

देश की राजनीति में इन दिनों ‘एसआईआर’ (SIR) का मुद्दा ज़ोरों पर है और इस पर सियासी बयानबाज़ी का दौर थमने का नाम नहीं ले रहा है। इसी कड़ी में समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने केंद्र सरकार और चुनाव आयोग पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनके इन बयानों पर पलटवार करते हुए, राष्ट्रीय लोक मोर्चा (RLM) के राष्ट्रीय अध्यक्ष उपेंद्र कुशवाहा ने अखिलेश यादव को आड़े हाथों लिया है।

- Advertisement - Advertisement

पटना में मीडिया से बात करते हुए उपेंद्र कुशवाहा ने अखिलेश यादव के दावों पर तंज कसा। उन्होंने कहा कि अखिलेश बिहार में ‘क्रांति’ करने की बातें कर रहे थे, लेकिन बिहार की जनता ने उन्हें यह साफ़ संदेश दे दिया है कि एसआईआर कोई बड़ा चुनावी या जनहित का मुद्दा नहीं है। कुशवाहा ने अखिलेश यादव पर निशाना साधते हुए कहा, “एसआईआर कोई मुद्दा है ही नहीं, इसे बेवजह मुद्दा बनाने की कोशिश की जा रही है। भगवान इन लोगों को सद्बुद्धि दें, क्योंकि इस तरह की बयानबाज़ी से उन्हें कोई लाभ नहीं मिलने वाला।”

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  बिहार के 30 IAS अफसर दूसरे राज्यों में, क्यों ' अपने' हैं अपनी ही जन्मभूमि से दूर?

अखिलेश यादव के गंभीर आरोप

दरअसल, अखिलेश यादव ने एसआईआर को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। उनका दावा है कि यदि एसआईआर पूरे देश में लागू हो जाता है, तो आने वाले समय में संविधान निर्माता डॉ. भीमराव आंबेडकर द्वारा दिए गए संवैधानिक अधिकार भी जनता से छीन लिए जाएंगे। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि चुनाव आयोग और भाजपा मिलकर एसआईआर के बहाने लोगों के वोट डालने के अधिकार को खत्म करने की कोशिश कर रहे हैं।

लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान अखिलेश यादव ने दावा किया कि ‘बीएलओ’ (बूथ लेवल ऑफिसर) पर एसआईआर से जुड़े काम को जल्दबाज़ी में पूरा करने का दबाव बनाया जा रहा है, जिसकी वजह से कुछ बीएलओ ने आत्महत्या जैसा कदम भी उठाया है।

‘जल्दबाजी’ पर उठे सवाल

समाजवादी पार्टी प्रमुख ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए कहा कि समाजवादी पार्टी की शुरुआत से ही यह मांग रही है कि बीएलओ पर काम का अनावश्यक दबाव न डाला जाए, क्योंकि एसआईआर जैसे कार्य बेहद संवेदनशील और ज़िम्मेदारी भरे होते हैं, जिनमें पूरी सावधानी बरतना ज़रूरी है। उन्होंने आगाह किया कि अगर एक बार किसी का फॉर्म रिजेक्ट हो जाता है और उसका वोट नहीं बन पाता, तो उसे अपने कागजात लेकर दर-दर भटकना पड़ेगा। अखिलेश यादव ने भाजपा सरकार पर सवाल उठाते हुए पूछा कि आखिर एसआईआर को लेकर इतनी जल्दबाज़ी क्यों की जा रही है?

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

जाले में पांच गायों की चोरी से हड़कंप, संदिग्ध की गतिविधियों से गहराया शक

जाले न्यूज़: दरभंगा के जाले थाना क्षेत्र में एक ऐसी घटना सामने आई है...

‘SIR’ पर सियासी घमासान: कुशवाहा ने अखिलेश को घेरा, बोले- बिहार में फेल हुए थे अब फिर…

पटना न्यूज़: देशभर में 'SIR' को लेकर सियासी पारा चढ़ा हुआ है। इसी बीच...

केवटी में रहस्यमयी मौत, 7 दिन बाद पति समेत 5 पर हत्या का केस दर्ज, क्या था घरेलू कलह का सच?

केवटी, दरभंगा न्यूज़: केवटी थाना क्षेत्र से एक सनसनीखेज मामला सामने आया है, जहां...

दरभंगा: प्राथमिक स्कूल के हेडमास्टर पर रसोइया से दुष्कर्म का आरोप, FIR दर्ज

दरभंगा न्यूज़: शिक्षा के मंदिर कहे जाने वाले प्राथमिक विद्यालयों से अक्सर बच्चों के...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें