
Sitamarhi Alcohol Smuggling: बिहार में शराबबंदी है, लेकिन तस्करों को इससे कोई फर्क नहीं पड़ता. खासकर भारत-नेपाल सीमा से सटे सीतामढ़ी जैसे इलाकों में शराब का काला कारोबार धड़ल्ले से जारी है. हाल ही में पुलिस ने सोनबरसा क्षेत्र में ऐसे ही दो शातिर तस्करों को रंगे हाथ पकड़ा है.
सीतामढ़ी जिले के सोनबरसा थाना क्षेत्र में पुलिस ने वाहन जांच के दौरान बड़ी कार्रवाई की है. गुप्त सूचना के आधार पर पुलिस को पता चला था कि सीमा पार से शराब की एक बड़ी खेप लाई जा रही है. इस सूचना के बाद पुलिस ने सोनबरसा-कन्हौली मार्ग पर सघन जांच अभियान चलाया. इसी दौरान, एक मोटरसाइकिल पर सवार दो युवक संदिग्ध अवस्था में आते दिखे. पुलिस ने जब उन्हें रोका और तलाशी ली, तो उनके पास से भारी मात्रा में नेपाली निर्मित शराब बरामद हुई. पुलिस ने मौके से ही दोनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया और शराब के साथ मोटरसाइकिल को भी जब्त कर थाने ले आई. यह घटना एक बार फिर साबित करती है कि Sitamarhi Alcohol Smuggling को रोकने के लिए प्रशासन को लगातार मुस्तैद रहना होगा. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1। अब पुलिस यह पता लगाने में जुटी है कि यह शराब किसे पहुंचाई जानी थी और इस तस्करी के पीछे कौन-कौन लोग शामिल हैं.
शराब की खेप के साथ पकड़े गए तस्कर
पुलिस के मुताबिक, गिरफ्तार किए गए युवकों की पहचान की जा रही है. उनसे पूछताछ में कई अहम सुराग मिलने की उम्मीद है. यह घटना एक बार फिर दर्शाती है कि सीमावर्ती क्षेत्रों में शराब तस्करी का धंधा कितनी मजबूती से पैर जमा चुका है. पुलिस लगातार कार्रवाई कर रही है, लेकिन तस्कर नए-नए तरीकों से शराब को बिहार पहुंचाने की कोशिश में रहते हैं.
Sitamarhi Alcohol Smuggling का संगठित नेटवर्क
सीमावर्ती इलाकों में शराब की तस्करी अब एक संगठित नेटवर्क का रूप ले चुकी है. कई युवा, खासकर बेरोजगारी की मार झेल रहे, इस अवैध धंधे में शामिल हो रहे हैं. पुलिस और सशस्त्र सीमा बल (एसएसबी) लगातार अभियान चलाकर ऐसे तत्वों पर नकेल कसने की कोशिश कर रही है. हालांकि, तस्करों का यह नेटवर्क अब भी सक्रिय बना हुआ है और प्रशासन के लिए एक बड़ी चुनौती पेश कर रहा है. आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का No.1।
कानून के सामने नई चुनौती
इस घटना ने एक बार फिर बिहार में लागू Bihar Prohibition कानून की प्रभावशीलता पर सवाल खड़े कर दिए हैं. स्थानीय लोगों का मानना है कि जब तक इस संगठित तस्करी के मुख्य सरगनाओं पर कार्रवाई नहीं होगी, तब तक युवाओं का इस दलदल में फंसना जारी रहेगा. पुलिस फिलहाल इस नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश में लगातार छापेमारी कर रही है. देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें







