

Bihar Snake Bite: ज़िंदगी और मौत के बीच अक्सर इंसान घबरा जाता है, लेकिन कुछ लोग ऐसे भी होते हैं जो विपरीत परिस्थितियों में भी धैर्य का दामन नहीं छोड़ते। बिहार के सीतामढ़ी में एक ऐसा ही हैरतअंगेज मामला सामने आया है, जहां एक शख्स को जहरीले सांप ने डस लिया, लेकिन उसने डरने के बजाय सांप को ही पकड़कर डिब्बे में बंद कर दिया।
Bihar Snake Bite: ज़िंदा सांप लेकर अस्पताल पहुंचा शख्स
सीतामढ़ी जिले के मेजरगंज थाना क्षेत्र के डुमरी गांव में मुकेश पासवान नामक एक व्यक्ति को देर रात जहरीले सांप ने डस लिया। यह घटना तब हुई जब मुकेश अपने घर में सो रहे थे। सांप के डसते ही उन्होंने घबराने के बजाय अदम्य साहस का परिचय दिया और उस सांप को तुरंत पकड़ लिया। उन्होंने सांप को एक प्लास्टिक के डिब्बे में सावधानीपूर्वक बंद किया और तत्काल इलाज के लिए घर से निकल पड़े।
मुकेश पासवान के परिजन भी इस घटना से हैरान थे, लेकिन मुकेश की सूझबूझ ने उन्हें भी सहारा दिया। परिवार के सदस्यों ने बताया कि मुकेश ने सांप को इसलिए पकड़ा ताकि डॉक्टर्स सही प्रजाति की पहचान कर सकें और सटीक विषरोधी इलाज दे सकें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह घटना इलाके में चर्चा का विषय बनी हुई है।
सांप के साथ अस्पताल में भर्ती, डॉक्टर भी हैरान
मुकेश पासवान सांप से डसे जाने के बाद भी डिब्बे में बंद सांप को लेकर सीधे सीतामढ़ी सदर अस्पताल पहुंचे। वहां के चिकित्सकों ने पहले तो यह देखकर आश्चर्य व्यक्त किया कि मरीज खुद सांप को डिब्बे में बंद करके लाया है। आमतौर पर सांप काटने के मामलों में मरीज या परिजन सिर्फ सांप का विवरण देते हैं, लेकिन मुकेश ने एक कदम आगे बढ़कर सांप को ही प्रस्तुत कर दिया था।
चिकित्सकों ने मुकेश की इस दिलेरी की सराहना की और तुरंत उनका इलाज शुरू कर दिया। उन्होंने बताया कि इस तरह सांप को साथ लाने से इलाज में काफी मदद मिलती है क्योंकि सांप की प्रजाति के अनुसार विषरोधी इलाज का प्रोटोकॉल तय किया जाता है। मुकेश पासवान की स्थिति अब स्थिर बताई जा रही है और वे डॉक्टरों की निगरानी में हैं।
ऐसी घटनाओं में तुरंत क्या करें?
विशेषज्ञों का कहना है कि सांप के काटने पर घबराना नहीं चाहिए। घबराहट से हृदय गति बढ़ती है और जहर पूरे शरीर में तेजी से फैल सकता है। सांप काटने पर तुरंत प्राथमिक उपचार के तौर पर कटे हुए स्थान को साबुन और पानी से धोना चाहिए और मरीज को हिलने-डुलने से रोकना चाहिए। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/national/। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सांप की पहचान होने पर इलाज में आसानी होती है, जैसा कि मुकेश पासवान के मामले में देखा गया।
ग्रामीण इलाकों में सांप काटने की समस्या और जागरूकता
बिहार के ग्रामीण इलाकों में सांप काटने की घटनाएं अक्सर सामने आती हैं, खासकर मानसून के मौसम में जब सांप बिलों से बाहर निकलते हैं। जागरूकता की कमी और अंधविश्वास के कारण कई बार लोग ओझा-गुणी के चक्कर में पड़कर अपना कीमती समय गँवा देते हैं, जिससे मरीज की जान को खतरा हो सकता है। यह ज़रूरी है कि सांप काटने पर तुरंत आधुनिक चिकित्सा पद्धति का सहारा लिया जाए। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



