
पत्रकार राजदेव रंजन की हत्याकांड (Journalist Rajdev Ranjan murder case) की जांच कर रहें केन्द्रीय जांच ब्यूरो की टीम की ओर से मृत घोषित कर दिए गए गवाह बदामी देवी की ओर से पिछले दिनों मुजफ्फरपुर के सीबीआई विशेष न्यायालय में अचानक जिंदा पहुंच गई।
इसके बाद रविवार को सीबीआई की पांच सदस्यीय विशेष जांच टीम सीवान शहर के कसेरा टोली स्थित बदामी देवी के घर पहुंच कर बंद कमरे में उन से लगभग एक घंटे तक पूछताछ की। वहीं बदामी देवी के पड़ोसियों से भी अलग-अलग पूछताछ की गई।




जानकारी के अनुसार, शुक्रवार को पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में विशेष सीबीआई कोर्ट के विशेष न्यायाधीश पुनीत कुमार गर्ग के अदालत में मौजूद उस समय सभी लोग हैरत में पड़ गए थे। जब सीबीआई द्वारा मृत घोषित गवाह बदामी देवी ने कोर्ट में उपस्थित होकर कहा था साहब में अभी जिन्दा हूं।
उन्होंने न्यायालय को बताया कि सीवान के पत्रकार राजदेव रंजन हत्याकांड मामले में सीबीआई ने मुझे गवाह बनाया था। लेकिन बाद में सीबीआई के किसी भी अधिकारी ने मुझे गवाही के लिए संपर्क नहीं किया। मुझे कागजातों में मृत घोषित करते हुए अपनी रिपोर्ट सौंप दी थी।
सीवान के चर्चित पत्रकार व दैनिक हिन्दुस्तान के सीवान ब्यूरो प्रमुख राजदेव रंजन की 13 मई 2016 को सीवान स्टेशन रोड पर गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। उक्त मामले में सीवान के पूर्व सांसद मोहम्मद शहाबुद्दीन सहित कई लोगों के खिलाफ सीबीआई ने चार्जशीट दाखिल किया था। उक्त मामले की सुनवाई मुजफ्फरपुर के सीबीआई के विषय न्यायालय में चल रहा है।







