
सरकार के तमाम प्रयास और निगरानी विभाग के लगातार निगरानी के बाद भी भ्रष्ट अफसर और कर्मचारी घूसखोरी से बाज़ नहीं आ रहे है। सीवान में भी शुक्रवार को रिश्वत लेते एक प्रधान लिपिक को निगरानी ने रंगे हाथ पकड़ लिया।
सीवान समाहरणालय स्थित राजस्व शाखा में पदस्थापित प्रधान लिपिक जियाउल हक को एक लाख रूपये रिश्वत लेते हुए बिहार निगरानी अनवेष्ण ब्यूरों के पदाधिकारियों ने शुक्रवार को रंगे हाथ गिरफ्तार कर लिया । गिरफ्तार करने के बाद निगरानी की टीम अपने साथ पटना लेकर गयी गयी।
निगरानी विभाग के पदाधिकारियों से मिली जानकारी के अनुसार जमीन संबंधी मामला के निष्पादन के लिए आवेदक से एक लाख रूपये की मांग प्रधान लिपिक द्वारा किया गया था । जिसकी शिकायत आवेदक ने पटना स्थित निगरानी विभाग के कार्यालय में किया । जांच टीम के एक सदस्य आवेदक के साथ राजस्व शाखा में आकर एक लाख रूपये की मांग की बात सत्य साबित होने के बाद निगरानी ने जाल बिछाकर शुक्रवार की दोपहर बाद गिरफ्तार कर लिया।
समाहरणालय के प्रत्यक्षदर्शियों का कहना है कि निगरानी विभाग के अधिकारी रंगे हाथ गिरफ्तार लिपिक को ले जाना चाह रहे थे तो आरोपी द्वारा विरोध करने पर अधिकरियों ने बल प्रयोग किया । इस दौरान आस पास के लोग यह समझ रहे थे कि कोई बाहरी व्यक्ति जबरदस्ती ले जा रहा है । कार्यालय के कर्मियों ने रोकना चाहा तो निगरानी विभाग के अधिकारियों ने जब अपना परिचय पत्र दिखाया तो अन्य कर्मचारी शांत हो गये और जंगल की आग की तरह यह खबर अधिकारियों और कर्मचारियों में फैल गया।

