
Supaul News: सीमा पर दुश्मनों के छक्के छुड़ाने की तैयारी अब सुपौल की धरती पर होगी, जहां जवानों के हुनर को तराशने के लिए एक नई नींव रखी जा रही है। जिले में सशस्त्र सीमा बल (SSB) के रिक्रूट प्रशिक्षण केंद्र को जल्द ही एक अत्याधुनिक 100 मीटर सेमी-इंडोर बफल रेंज की सौगात मिलने वाली है। इसके निर्माण का रास्ता साफ हो गया है क्योंकि राज्य सरकार ने भूमि आवंटन की प्रक्रिया पूरी कर ली है।
इसकी आधिकारिक घोषणा शनिवार को उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने की। उन्होंने बताया कि सुपौल में SSB के प्रशिक्षण केंद्र को और आधुनिक बनाने की दिशा में यह एक बड़ा कदम है। इस फायरिंग रेंज के निर्माण से जवानों को सुरक्षित और नियंत्रित वातावरण में गोलीबारी का अभ्यास करने का अवसर मिलेगा, जिससे उनकी कार्यकुशलता में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।
Supaul News: जानिए कहां और कितनी जमीन हुई आवंटित
उपमुख्यमंत्री सम्राट चौधरी ने भूमि आवंटन की विस्तृत जानकारी देते हुए बताया कि सुपौल जिले के किशनपुर अंचल स्थित मौजा-आसनपुर कुपहा में इस बफल रेंज का निर्माण किया जाएगा। इसके लिए खाता संख्या-346 के अंतर्गत आने वाले खेसरा नंबर-361 की 38 डिसमिल भूमि को स्वीकृति दी गई है। यह भूमि सशस्त्र सीमा बल को फिलहाल 10 वर्षों की निश्चित अवधि के लिए दी जा रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस भूमि का उपयोग मुख्य रूप से जवानों के प्रशिक्षण, युद्धाभ्यास और फायरिंग अभ्यास के लिए किया जाएगा।
क्यों महत्वपूर्ण है यह बफल रेंज?
राज्य सरकार का मानना है कि सुरक्षा बलों के लिए आधुनिक और सुरक्षित बुनियादी ढांचा तैयार करना सर्वोच्च प्राथमिकता है। उपमुख्यमंत्री ने कहा कि इस सेमी-इंडोर बफल रेंज के बन जाने से SSB के प्रशिक्षण केंद्र में जवानों को पहले से कहीं बेहतर अभ्यास की सुविधा मिलेगी। वे एक नियंत्रित माहौल में फायरिंग का अभ्यास कर सकेंगे, जिससे न केवल उनकी क्षमता बढ़ेगी, बल्कि सुरक्षा मानकों का भी पूरा ध्यान रखा जा सकेगा। इस पहल से हमारे सुरक्षा बल किसी भी चुनौती का सामना करने के लिए और बेहतर तरीके से तैयार होंगे। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें।
सुरक्षा तंत्र को मिलेगी मजबूती
सम्राट चौधरी ने इस बात पर जोर दिया कि केंद्र और राज्य की सुरक्षा एजेंसियों को मजबूत प्रशिक्षण सुविधाएं उपलब्ध कराना आवश्यक है ताकि वे किसी भी चुनौतीपूर्ण स्थिति से प्रभावी ढंग से निपट सकें। उन्होंने कहा, “सुपौल में प्रस्तावित यह सुविधा इसी दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे राज्य में सुरक्षा बलों के प्रशिक्षण तंत्र को और मजबूती मिलेगी और उनका मनोबल भी बढ़ेगा।” इस निर्णय से न केवल SSB के जवानों को फायदा होगा, बल्कि यह पूरे क्षेत्र की सुरक्षा व्यवस्था को सुदृढ़ करने में भी सहायक सिद्ध होगा।



