

बिहार में अब धार्मिक शोभा यात्रा और जुलूस निकालना आसान नहीं होगा। सरकार ने इसके लिए नई गाइडलाइन जारी कर दी है। नए एडवाइजरी के अनुसार, अब जूलूस में लाठी, तलवार भाला, बरछी लेकर निकलना मना हो (Sword, spear, spear and stick banned in religious procession in Bihar) गया है।
इस पर पाबंदी लगा दी गई है। वहीं, अब जुलूस में शामिल होने वाले लोगों की संख्या भी तय कर दी गई है। अब किसी भी जुलूस में पंद्रह से बीस लोग ही शामिल हो पाएंगें। इन लोगों की सूची पहले ही देनी होगी।
लोगों की लिस्ट देने के साथ यह बताना होगा कि जुलूस और शोभायात्रा के दौरान किसी तरह की हिंसा नहीं होगी। सरकार में सभी जिला अधिकारी एसपी को इसे लेकर निर्देश जारी किया है।
इसके लिए सामान्य प्रशासन विभाग ने गुरुवार को आदेश जारी करते हुए राज्य के सभी जिलों के डीएम और पुलिस अधीक्षक को इस संबंध में पत्र जारी कर सूचित कर दिया गया है। बिहार गृह विभाग की ओर से जारी आदेश में धार्मिक जुलूसों को विनियमित करने और जुलूसों को अनुज्ञप्ति निर्गत करने को लेकर कई नियमों को सख्ती से पालन करने का निर्देश दिया गया है।
साथ ही जुलूस या शोभायात्राओं में भाग ले रहे कम से कम 10 से 25 लोगों से उपक्रम लिया जाय कि विधि व्यवस्था जुलूस में संधारित करेंगे। वहीं 10 से 25 लोगों का नाम, पता तथा आधार कार्ड का नंबर भी प्राप्त कर लिया जाएंगें। जो मजिस्ट्रेट अथवा पुलिस पदाधिकारी इस जुलूस में प्रतिनियुक्त रहेंगे।
कंडिकाओं में उल्लेखित शर्तों की जांच कर सुनिश्चित होने एवं कंडिका-5 के अन्तर्गत उपक्रम प्राप्त होने के पश्चात हीं प्रारंभिक स्थल से जुलूस के प्रस्थान की अनुमति देंगे। संबंधित थाना के थाना प्रभारी को इसकी सूचना प्रतिनियुक्त पुलिस पदाधिकारी द्वारा तुरंत दी जाएगी।
जुलूस या शोभायात्राओं के दौरान कई लोगों द्वारा समूह में लाठी, भाला, तलवार, आग्ने यास्त्र एवं अन्य हथियारों का उत्तेजक प्रदर्शन किया जाता है। कुछ खास परिस्थिति यथा सिख समुदाय की ओर से धारित कृपाण को छोड़कर किसी भी जुलूस या शोभायात्रा में
हथियार ले जाना अथवा प्रदर्शन किया जाना आर्म्स एक्ट के तहत प्रतिबंधित है। यदि किसी कारण से तलवार इत्यादि ले जाना आवश्यक हो तो उसके लिए अलग से प्रत्येक पैसे व्यक्ति जो तलवार इत्यादि धारित करेंगे को अनुमति लेना आवश्यक होगा।


