पटना से आई बड़ी खबर ने बिहार की सियासत में गहमागहमी तेज कर दी है. तेजस्वी यादव के आवास पर महागठबंधन की अहम बैठक संपन्न हुई है, जिसके बाद एक ऐसा बड़ा ऐलान किया गया है, जिसने राज्य की भावी राजनीतिक दिशा तय कर दी है. अब देखना होगा कि विपक्ष किस रणनीति के साथ सरकार का सामना करेगा.
इस महत्वपूर्ण बैठक के बाद कांग्रेस एमएलसी समीर सिंह ने मीडिया को जानकारी देते हुए बताया कि सर्वसम्मति से तेजस्वी यादव को महागठबंधन विधायक दल का नेता चुन लिया गया है. इस फैसले के साथ ही राज्य में विपक्ष की कमान अब पूरी तरह से तेजस्वी यादव के हाथों में आ गई है.
विपक्ष की नई भूमिका और रणनीति
समीर सिंह ने स्पष्ट किया कि महागठबंधन अब बिहार में एक सकारात्मक विपक्ष की भूमिका निभाएगा. उन्होंने कहा कि सभी घटक दल एकजुट होकर जनहित से जुड़े मुद्दों पर सरकार को मजबूती से घेरेगा. इसमें आम जनता से जुड़े वे सभी मुद्दे शामिल होंगे, जिन पर सरकार ने अपेक्षित ध्यान नहीं दिया है.
‘वोट चोरी’ का गंभीर आरोप और आंदोलन की तैयारी
कांग्रेस एमएलसी ने एनडीए पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि बिहार में एनडीए ने ‘वोट चोरी’ करके चुनाव जीता है. महागठबंधन इस मुद्दे को हल्के में नहीं लेगा और इसे जनता के बीच लेकर जाएगा. उन्होंने बताया कि इस मुद्दे पर व्यापक जन-जागरण अभियान चलाया जाएगा, ताकि आम लोग सच्चाई से अवगत हो सकें.
समीर सिंह ने यह भी बताया कि विधानसभा के विशेष सत्र के दौरान भी ‘वोट चोरी’ के इस गंभीर आरोप को मजबूती से उठाया जाएगा. महागठबंधन सदन के भीतर और बाहर दोनों जगह से सरकार पर दबाव बनाने की रणनीति पर काम कर रहा है.



