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Muzaffarpur, Samastipur, Vaishali, Motihari का कुख्यात, 22 केस, Chhattisgarh Gold Robbery का 50 हजार इनामी Encounter में ढ़ेर

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22 केस वाला मोस्ट वांटेड अरविंद सहनी ढेर! बिहार पुलिस-एसटीएफ की बड़ी सफलता| 55 किलो सोना लूट से लेकर 22 मामलों तक – अरविंद सहनी की खौफनाक कहानी का अंत |@वैशाली देशज टाइम्स।

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वैशाली में कुख्यात अपराधी अरविंद सहनी का अंत, बिहार पुलिस और STF की संयुक्त कार्रवाई में एनकाउंटर

समस्तीपुर कोर्ट से फरार, छत्तीसगढ़ में सोना लूट… आखिरकार एनकाउंटर में मारा गया अरविंद सहनी | बिहार का मोस्ट वांटेड अरविंद सहनी मारा गया! 50 हजार के इनामी का एनकाउंटर | वैशाली में हाई-वोल्टेज एनकाउंटर! हत्या-लूट के 22 मामलों का आरोपी अरविंद सहनी मारा गया| 3 जिलों में फैला खौफ, सोना लूट मास्टरमाइंड अरविंद सहनी का एनकाउंटर में अंत@वैशाली देशज टाइम्स।

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22 मामलों में वांछित था अरविंद सहनी

वैशाली जिले के चिंतामणिपुर में गुरुवार शाम उस कुख्यात अपराधी की दास्तां खत्म हो गई, जो लंबे समय से बिहार पुलिस के लिए सिरदर्द बना हुआ था।

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30 वर्षीय अरविंद सहनी पर हत्या, लूट, डकैती जैसे 22 गंभीर आपराधिक मामले दर्ज थे। वह 28 मई को समस्तीपुर कोर्ट से पेशी के बाद फरार हो गया था और तब से पुलिस को चकमा देता रहा।

अपराध की लंबी फेहरिस्त

अरविंद सहनी सिर्फ बिहार ही नहीं बल्कि छत्तीसगढ़ तक सक्रिय था। 2019 में हाजीपुर मुथूट फाइनेंस लूटकांड में 55 किलो सोना लूट में उसका नाम जुड़ा था। छत्तीसगढ़ में बड़े सोना लूटकांड को भी उसने अंजाम दिया था। वैशाली, मुजफ्फरपुर, मोतिहारी और समस्तीपुर में उसका आतंक फैला हुआ था।

उसकी गिरफ्तारी पर ₹50,000 का इनाम घोषित था, जबकि उसके दो साथियों मोहम्मद अनवर और मंजीत कुमार पर ₹25,000-₹25,000 का इनाम था।

एनकाउंटर की रात – चिंतामणिपुर में घेराबंदी

गुरुवार शाम पुलिस को अरविंद की लोकेशन चिंतामणिपुर हाई स्कूल के पीछे बगीचे में मिली। बिहार पुलिस और STF ने संयुक्त रूप से घेराबंदी की। खुद को फंसा देख अरविंद ने पुलिस पर फायरिंग शुरू कर दी, जिसमें करीब 20 राउंड गोलियां चलीं। एक पुलिसकर्मी घायल हुआ और कुछ जवान भी हल्के रूप से जख्मी हुए। जवाबी फायरिंग में अरविंद सहनी मौके पर ढेर हो गया

पहले भी फिसल चुका था पुलिस के हाथ से

3 अगस्त को मुजफ्फरपुर जिले के करजा थाना क्षेत्र में भी पुलिस को उसकी मौजूदगी की सूचना मिली थी, लेकिन वह बाइक और हथियार छोड़कर अंधेरे का फायदा उठाकर भाग निकला।

सबसे बड़ी घटना 28 मई को हुई, जब वह समस्तीपुर कोर्ट से पेशी के बाद हवालात में मौजूद चार अन्य अपराधियों के साथ पुलिसकर्मियों को धक्का देकर फरार हो गया था। उस दिन पांच कैदी भागे थे, जिनमें से एक को तुरंत पकड़ लिया गया, लेकिन अरविंद लगातार फरार रहा।

बिहार पुलिस की बड़ी सफलता

यह एनकाउंटर न केवल बिहार पुलिस बल्कि STF के लिए भी एक बड़ी कामयाबी है, क्योंकि लंबे समय से फरार एक खतरनाक अपराधी का सफाया हुआ। इससे वैशाली, मुजफ्फरपुर और समस्तीपुर में लोगों की सुरक्षा की भावना मजबूत होगी।

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