



Ration e-KYC: बिहार में लाखों लोगों के लिए बड़ी खबर। सरकार के एक निर्देश ने सरकारी अनाज लेने वालों की नींद उड़ा दी है। अब तक अगर आपने यह काम नहीं किया है, तो फरवरी का राशन भूल जाइए।
क्यों महत्वपूर्ण है Ration e-KYC?
Ration e-KYC: सरकारी राशन योजना का लाभ ले रहे लाखों लाभार्थियों के लिए सरकार की ओर से एक अहम और बड़ा अपडेट सामने आया है। अब फरवरी माह का राशन केवल उन्हीं लाभार्थियों को मिलेगा, जिनका ई-केवाईसी (e-KYC) पूरा हो चुका है। जिन उपभोक्ताओं ने अभी तक अपना ई-केवाईसी नहीं कराया है, उन्हें इस बार सरकारी अनाज से वंचित होना पड़ सकता है।
बेतिया जिला आपूर्ति पदाधिकारी सह एडीएम विभागीय जांच कुमार रविंद्र ने स्पष्ट किया है कि ई-केवाईसी का काम हर हाल में 15 फरवरी तक पूरा करना अनिवार्य है, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वर्तमान में जिले में लगभग 78 प्रतिशत लाभार्थियों का ही ई-केवाईसी हो पाया है। इस स्थिति को देखते हुए सभी प्रखंड आपूर्ति पदाधिकारियों (एमओ) को सख्त निर्देश दिए गए हैं।
कम प्रगति वाले एमओ को चेतावनी भी जारी की गई है। यदि अगले 10 दिनों के भीतर ई-केवाईसी का प्रतिशत 90 तक नहीं पहुंचता है, तो संबंधित अधिकारियों के खिलाफ विभागीय कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने बताया कि जिले में कुल 8 लाख 27 हजार 748 राशन कार्डधारी हैं, जबकि लगभग 25 लाख 98 हजार 802 लोग इस योजना का लाभ उठा रहे हैं। देश की हर बड़ी ख़बर पढ़ने के लिए यहां क्लिक करें
अनुमंडलवार ई-केवाईसी की प्रगति इस प्रकार है:
- बगहा: 76.62 प्रतिशत
- बेतिया: 76.72 प्रतिशत
- नरकटियागंज: 78.76 प्रतिशत
अपात्र लाभार्थियों पर भी शिकंजा
प्रखंडवार ई-केवाईसी की स्थिति (प्रतिशत में): बगहा-एक 80.61, भितहां 75.05, मधुबनी 76.96, पिपरासी 80.04, रामनगर 78.60, बगहा-दो 78.20, ठकराहां 77.88, बैरिया 76.69, बेतिया 82.67, चनपटिया 73.61, योगापट्टी 78.12, मझौलिया 73.42, नौतन 79.22, गौनाहा 79.60, लौरिया 79.83, मैनाटांड 78.43, नरकटियागंज 78.69, सिकटा 77.16।
जिले में हुई जांच के दौरान 1 लाख 49 हजार 756 ऐसे राशन कार्डधारी सामने आए हैं, जो योजना के लिए अपात्र हैं, लेकिन फिर भी सरकारी अनाज का लाभ उठा रहे हैं। इन अपात्रों को नोटिस जारी किए जाने के बावजूद 1 लाख 31 हजार 453 लोगों ने अब तक कोई संतोषजनक जवाब नहीं दिया है। वहीं, 1932 अपात्र लाभार्थियों के नाम पहले ही राशन कार्ड सूची से हटा दिए गए हैं।
जिला आपूर्ति पदाधिकारी ने बताया कि आयकर डेटा और लाभार्थियों की जीवनशैली के आधार पर गहन जांच की जा रही है। उन्होंने स्पष्ट किया कि तय समय सीमा के भीतर संतोषजनक साक्ष्य प्रस्तुत नहीं करने वाले सभी अपात्र लाभार्थियों के नाम सूची से हटा दिए जाएंगे। साथ ही यह भी सुनिश्चित किया जा रहा है कि कोई भी पात्र लाभुक गलती से योजना से बाहर न हो, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


