कोरोना संक्रमण के मद्देनजर गृह विभाग के निर्देशानुसार प्रशासन ने भले ही दुर्गा मेला के आयोजन पर रोक लगा रखी है। झूला इत्यादि नहीं लगाने का आदेश जारी किया, लेकिन बेगूसराय डीएम के आदेशों की धज्जियां उड़ गई है।
ग्रामीण क्षेत्रों में छोटे-छोटे आयोजनों पर स्थानीय प्रशासन ने कड़ाई पूर्वक बंद करा दिया गया। रावण वध, सांस्कृतिक कार्यक्रमों के आयोजन, खूबसूरत पंडालों के निर्माण पर रोक लगा दिया लेकिन कानून का पालन कराने जिम्मेदारी संभालने वाले ने ही बेगूसराय में गृह विभाग और जिला प्रशासन की धज्जियां उड़ा दी है।
बेगूसराय के बीएमपी -8 परिसर में बड़े बड़े झूले लगाए गए हैं, दुकानें सजाई गई है। दुर्गा मेला के इस विशेष बाजार में सोशल डिस्टेंसिंग की जमकर धज्जियां उड़ रही है, ना तो व्यवस्थापक और ना ही कोई दुकानदार मास्क का प्रयोग कर रहे हैं। बीएमपी के कमांडेंट भीड़ जुटाकर आरती पूजा कर रहे हैं, उनके साथ-साथ सहयोगी भी मेला का लुफ्त उठा रहे हैं।
बुधवार की रात बीएमपी परिसर में हजारों लोगों की भीड़ जुट गई, कोरोना प्रोटोकॉल की धज्जियां उड़ती रही लेकिन किसी का भी ध्यान इस ओर नहीं गया। इसके अलावा भी जिला भर में कई अन्य जगहों पर प्रशासनिक आदेश की धज्जियां उड़ गई है। बीएमपी के परिसर में नियमों की धज्जियां उड़ाने पर अन्य जगहों के पूजा समिति और अन्य लोगों में काफी आक्रोश है।
लोगों का कहना है कि दो साल से कोरोना के कारण कहीं मेला नहीं लगा। इस बार संक्रमण की हालत कम हुई तो उम्मीद थी मेला लगेगा, दुकानदारों ने तैयारी भी कर ली, लेकिन संक्रमण बढ़ने की संभावना के मद्देनजर जिला प्रशासन ने विशेष आयोजन और मेला पर रोक लगा दिया। लोगों की जान बचाने के लिए प्रशासन की यह अच्छी पहल थी, लेकिन बीएमपी प्रशासन द्वारा आदेशों की धज्जियां उड़ा जाना दुर्भाग्यपूर्ण बात है।
बरौनी रिफाइनरी टाउनशिप के ठीक बगल में स्थित बीएमपी और उसके आसपास का इलाका कोरोना का हाई रिक्स जोन रहा। इसके बावजूद भव्य तरीके से मेला लगाया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है, जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक अभिलंब इस पर एक्शन ले, एक जिला में दो रंग की नीति नहीं होनी चाहिए।
कानून की रक्षा करने वाले वर्दीधारी आदेश की धज्जियां उड़ाई तो ठीक और आम लोग थोड़ी भी गड़बड़ी करे तो उसे सजा, यह कहां का नियम है। इस संबंध में कोई भी अधिकारी कुछ बोलने को तैयार नहीं हैं।





