8th Pay Commission: नए साल 2026 की दस्तक के साथ ही देश के लगभग 1.19 करोड़ केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों की उम्मीदें एक बार फिर 8th Pay Commission को लेकर परवान चढ़ने लगी हैं। हर किसी की जुबान पर अपनी सैलरी में संभावित बढ़ोतरी की चर्चाएं हैं, लेकिन क्या वाकई इतनी जल्दी यह संभव होगा? आइए इस जटिल प्रक्रिया और संभावित समयरेखा को गहराई से समझते हैं।
केंद्रीय कर्मचारियों का इंतजार: कब आएगा 8th Pay Commission और क्या होंगी चुनौतियां?
8th Pay Commission: प्रक्रिया और देरी के कारण
फिलहाल, केंद्र सरकार की ओर से 8th Pay Commission को लेकर 2026 में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है, जिससे इसके लागू होने की सटीक तारीख को लेकर संशय बरकरार है। पिछले रुझानों को देखें तो किसी भी नए वेतन आयोग के गठन के बाद उसे लागू होने में कुछ समय लगना स्वाभाविक है। मौजूदा आकलन बताते हैं कि नए वेतन आयोग की सिफारिशें साल 2027 में ही प्रभावी हो सकती हैं।
पिछले एक साल की गतिविधियों का विश्लेषण करें तो, सरकार ने 15 जनवरी 2025 को आठवें वेतन आयोग के गठन का ऐलान किया था। हालांकि, इस प्रक्रिया में काफी समय तक कोई खास प्रगति नहीं हुई। करीब 10 महीने बाद, 28 अक्टूबर को इसका आधिकारिक गजट नोटिफिकेशन जारी किया गया, जिसमें आयोग को अपनी रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अक्टूबर 2025 से अगर हम 18 महीने की अवधि को जोड़ते हैं, तो आयोग की रिपोर्ट सौंपने की अंतिम समय-सीमा जुलाई 2027 होती है। वर्तमान परिस्थितियों को देखते हुए यही अनुमान लगाया जा रहा है कि केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों को बढ़ी हुई वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ 2027 के मध्य या फिर 2028 की शुरुआत में मिलना संभव होगा।
विलंब के पीछे के मुख्य कारण
वेतन आयोग को अपनी रिपोर्ट तैयार करने के लिए एक विस्तृत और गहन अध्ययन की आवश्यकता होती है, जिसके लिए 18 महीने का समय निर्धारित है। रिपोर्ट सौंपे जाने के बाद, इन सिफारिशों पर सरकार द्वारा विचार किया जाता है और कैबिनेट से मंजूरी मिलने में लगभग 6 महीने का अतिरिक्त समय लग जाता है। इस पूरी प्रक्रिया में लगभग दो साल का समय लग जाता है।
इसी वजह से, नई सैलरी और वेतन वृद्धि का वास्तविक लाभ कर्मचारियों को 2027 के अंत या 2028 की शुरुआत में ही मिलने की उम्मीद की जा सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। यह लंबी प्रक्रिया कर्मचारियों के लिए धैर्य का इम्तिहान है, लेकिन एक बार लागू होने के बाद यह उनके आर्थिक जीवन में बड़ा बदलाव लाएगी। देश की अर्थव्यवस्था और कर्मचारियों की वित्तीय स्थिति पर इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




