

8th Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए आठवें वेतन आयोग पर बड़ी खबर सामने आई है, जहां नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की बैठक में कई अहम मांगों पर विचार-विमर्श किया गया, जिनमें न्यूनतम वेतन, प्रमोशन नीति और पुरानी पेंशन योजना की बहाली जैसे मुद्दे शामिल हैं।
# केंद्रीय कर्मचारियों की बढ़ी उम्मीदें: 8th Pay Commission की मांगों पर अहम बैठक
दिल्ली में 25 फरवरी, 2026 को नेशनल काउंसिल (स्टाफ साइड), जॉइंट कंसल्टेटिव मशीनरी (NC-JCM) की एक महत्वपूर्ण बैठक संपन्न हुई। इस बैठक में आठवें वेतन आयोग (8th Pay Commission) से जुड़े कई ज्वलंत मुद्दों पर गहन चर्चा की गई, जो लाखों कर्मियों और पेंशनर्स के भविष्य को प्रभावित कर सकते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
## 8th Pay Commission को लेकर कर्मचारियों की प्रमुख मांगें
बैठक में जिन मुख्य मांगों पर विचार किया गया, उनमें प्रमुख हैं:
* फैमिली यूनिट को 3 से बढ़ाकर 5 सदस्यों तक करना।
* कर्मचारियों के लिए कम से कम 5 पदोन्नति की गारंटी।
* सालाना इंक्रीमेंट में वृद्धि।
* आठवें वेतन आयोग में पुरानी पेंशन योजना (OPS) को फिर से लागू करना।
* केंद्रीय सरकार स्वास्थ्य योजना (CGHS) के शुल्क को गैर-CGHS शहरों के लिए 1,000 रुपये प्रति माह से बढ़ाकर 20,000 रुपये प्रति माह करना।
* इंटरनेट जैसी आवश्यक सेवाओं के लिए भत्ते को शामिल करना।
* सीपीसी के 18 सवालों के जवाब तैयार करना।
इस बैठक में रक्षा, रेलवे, डाक सेवा, आयकर विभाग, लेखा और ऑडिट जैसे विभिन्न कर्मचारी संगठनों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। ऑल इंडिया डिफेंस एम्प्लॉइज फेडरेशन (AIDEF) के महासचिव सी श्रीकुमार ने बताया कि न्यूनतम मूल वेतन, पदोन्नति नीति और वार्षिक वृद्धि जैसे मुद्दों पर आम सहमति बनाने का प्रयास किया गया। आगामी दिनों में, विभिन्न कर्मचारी संघ अपनी 8वें वेतन आयोग से संबंधित मांगों को JCM को भेजेंगे। अगले 10 से 15 दिनों में सभी संघों की ओर से एक संयुक्त ज्ञापन तैयार किया जाएगा।
JCM (संयुक्त सलाहकार तंत्र) भारत सरकार और कर्मचारियों के बीच संवाद का एक आधिकारिक मंच है। आठवें वेतन आयोग के संदर्भ में इसकी भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण हो जाती है। इसी मंच के माध्यम से, JCM की स्टाफ साइड कर्मचारियों की मांगों का मसौदा तैयार कर रही है और उन्हें सरकार के समक्ष प्रस्तुत करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
NC-JCM में केंद्रीय सरकारी कर्मचारी परिसंघ का प्रतिनिधित्व करने वाले मनजीत सिंह पटेल ने जानकारी दी कि JCM द्वारा एक बार कर्मचारियों की मांगों को लेकर एक सामान्य ज्ञापन तैयार कर लिया जाएगा, तो इसे आठवें वेतन आयोग की अध्यक्ष न्यायमूर्ति रंजना प्रकाश देसाई को सौंपा जाएगा। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि सामान्य ज्ञापन पर चर्चा के लिए 10 मार्च को एक और बैठक बुलाई गई है। इस बैठक के बाद, अगले 1-2 हफ्तों के भीतर इसे आठवें आयोग को भेजा जा सकता है। NC-JCM की बैठक में न्यूनतम वेतन, फिटमेंट फैक्टर और पेंशनर्स जैसे मुद्दे केंद्र में रहे। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: https://deshajtimes.com/news/business/
## आगे की राह और इन कर्मचारियों पर संभावित असर
आठवें वेतन आयोग की सिफारिशों का लाखों केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनभोगियों पर सीधा वित्तीय और सेवा संबंधी प्रभाव पड़ेगा। पुरानी पेंशन स्कीम की बहाली की मांग एक बड़ा मुद्दा है, जो बड़ी संख्या में इन कर्मियों को प्रभावित करता है। इसके अलावा, वेतन वृद्धि और पदोन्नति नीतियों में सुधार से कर्मचारियों का मनोबल बढ़ेगा और कार्यक्षमता में सुधार होगा। यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि सरकार इन मांगों पर क्या रुख अपनाती है और अंतिम सिफारिशें किस प्रकार इन कर्मियों के जीवन को प्रभावित करती हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


