
Bank Fraud: एक और झटका, और एक बार फिर सुर्खियां बटोरते उद्योगपति अनिल अंबानी। भारतीय व्यापार जगत के इस चर्चित चेहरे और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस (RCom) पर केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने एक नया मामला दर्ज किया है। यह कार्रवाई पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की उस शिकायत के बाद हुई है, जिसमें बैंक ने 1085 करोड़ रुपये से अधिक के कथित धोखाधड़ी का आरोप लगाया है। यह सिर्फ एक वित्तीय अनियमितता का मामला नहीं, बल्कि कॉरपोरेट गवर्नेंस और बैंक-कंपनी संबंधों पर गंभीर सवाल खड़े करता है।
# अनिल अंबानी और RCom पर नया Bank Fraud केस: PNB की शिकायत पर CBI का एक्शन
मुंबई में CBI ने उद्योगपति अनिल अंबानी और उनकी कंपनी रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड (RCom) के खिलाफ एक नया मामला दर्ज किया है। यह कदम पंजाब नेशनल बैंक (PNB) की शिकायत पर उठाया गया है, जिसने बीते 5 मार्च को अनिल अंबानी, RCom और कंपनी के एक पूर्व डायरेक्टर पर 1085 करोड़ रुपये से अधिक के फ्रॉड का आरोप लगाया था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह FIR PNB की मुंबई स्थित स्ट्रेस्ड एसेट्स मैनेजमेंट ब्रांच के मुख्य प्रबंधक संतोषकृष्ण अन्नावरपु की शिकायत के आधार पर दर्ज की गई है।
## RCom Bank Fraud: 1085 करोड़ रुपये से अधिक की कथित धोखाधड़ी की परतें
PNB की शिकायत के अनुसार, इस कथित धोखाधड़ी से PNB और यूनाइटेड बैंक ऑफ इंडिया (जो अब PNB में विलय हो चुका है) को कुल मिलाकर लगभग 1085.19 करोड़ रुपये का नुकसान हुआ है। शिकायत में आरोप लगाया गया है कि आरोपियों ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के लिए क्रेडिट सुविधा प्राप्त करने की साजिश रची और बाद में इस लोन के पैसे का कहीं और इस्तेमाल किया या उसका गलत इस्तेमाल किया। इस मामले में अनिल अंबानी, रिलायंस कम्युनिकेशंस लिमिटेड और इसकी पूर्व डायरेक्टर मंजरी अशोक कक्कड़ को आरोपी बनाया गया है।
## जांच में हुए चौंकाने वाले खुलासे
PNB ने आरोप लगाया है कि 2013 से 2017 के बीच, आरोपियों ने जानबूझकर बैंक को धोखा देने और गलत तरीके से क्रेडिट सुविधाएं प्राप्त करने के लिए आपराधिक साजिश रची। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लोन का इस्तेमाल उस उद्देश्य के लिए नहीं किया गया जिसके लिए इसे लिया गया था, बल्कि इसका उपयोग इनसे जुड़ी हुई कंपनियों और फर्जी लेनदेन के लिए किया गया। इस CBI Investigation में यह भी सामने आया है कि बैंक को गुमराह करने और अनियमितताओं को छिपाने के लिए कंपनी के अकाउंट्स बुक में हेरफेर की गई थी।
PNB ने बताया कि BDO India LLP द्वारा किए गए फॉरेंसिक ऑडिट में फंड के गलत इस्तेमाल और नियमों के उल्लंघन का खुलासा हुआ। इसके बाद फरवरी 2021 में बैंक ने इन खातों को ‘फ्रॉड’ घोषित कर दिया था। यह पहली बार नहीं है जब अंबानी और उनकी कंपनियों पर ऐसे आरोप लगे हैं; हाल ही में CBI ने बैंक ऑफ बड़ौदा की शिकायत पर भी अनिल अंबानी और उनसे जुड़ी कंपनियों के खिलाफ 2220 करोड़ रुपये की धोखाधड़ी का एक और केस दर्ज किया था। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें: रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


