
अयोध्या/मथुरा: बाबरी मस्जिद विध्वंस की बरसी, छह दिसंबर, नजदीक आते ही उत्तर प्रदेश में सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। खासकर, भगवान श्री राम की जन्मभूमि अयोध्या और श्री कृष्ण जन्मभूमि मथुरा में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अयोध्या और मथुरा के अलावा, वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और प्रयागराज जैसे प्रमुख जिलों में भी सुरक्षा कड़ी कर दी गई है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
अयोध्या में चार दिसंबर से ही सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। राम मंदिर के पक्ष में सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विवादित स्थल पर भव्य राम मंदिर का निर्माण पूरा हो चुका है। हाल ही में धर्म ध्वजा की स्थापना के साथ मंदिर का निर्माण कार्य संपन्न हुआ है, ऐसे में छह दिसंबर को सुरक्षा एजेंसियां किसी भी तरह के खतरे से निपटने के लिए अत्यंत सतर्क हैं।
अयोध्या में सुरक्षा का कड़ा घेरा
अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिले के सभी थानों को अलर्ट पर रहने के निर्देश जारी किए गए हैं। उन्होंने कहा कि चार दिसंबर से अतिरिक्त निगरानी शुरू हो गई है और छह दिसंबर तक सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया जाएगा। एसएसपी ग्रोवर ने आश्वस्त किया कि इस दौरान आम लोगों को किसी भी प्रकार की असुविधा का सामना नहीं करना पड़ेगा।
एसएसपी ने आगे बताया कि शहर में होटल, ढाबे, अतिथि गृह और धर्मशालाओं की लगातार जांच की जा रही है। साथ ही, शहर के प्रवेश द्वारों पर वाहनों की भी गहन निगरानी की जा रही है। अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने जानकारी दी कि छह दिसंबर को लेकर अयोध्या क्षेत्र में पैदल गश्त बढ़ाई गई है। पुलिसकर्मियों को राम मंदिर मार्ग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्कता बरतने के निर्देश दिए गए हैं।
मथुरा: ड्रोन से संवेदनशील इलाकों पर नजर
मथुरा का कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर एक अत्यंत संवेदनशील स्थल माना जाता है। आगरा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शैलेश कुमार पांडेय ने हाल ही में सुरक्षा व्यवस्था की गहन समीक्षा की और पूरे जिले में सतर्कता का स्तर बढ़ा दिया है। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर और अन्य संवेदनशील स्थानों की ड्रोन के माध्यम से लगातार निगरानी की जा रही है।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित अन्य वरिष्ठ अधिकारियों के साथ एक समीक्षा बैठक के बाद, डीआईजी पांडेय ने निवासियों को सुरक्षा का आश्वासन देने के लिए गोविंद नगर और कोतवाली के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पैदल मार्च भी किया। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि शहर को विभिन्न जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है, और प्रत्येक जोन की निगरानी एक वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी द्वारा की जाएगी। इसके अतिरिक्त, बाहरी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, आरएएफ और अन्य विशेष इकाइयों को भी तैनात किया गया है।
शांति भंग करने वालों पर पैनी नजर
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने कहा, “पुलिस और प्रशासन पूरी तरह से सतर्क हैं। किसी भी व्यक्ति या संगठन को ऐसी कोई भी नई गतिविधि शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे शांति भंग होने का खतरा हो।“ उन्होंने बताया कि धार्मिक स्थलों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा व्यवस्था को और मजबूत किया गया है। संवेदनशील इलाकों में खुफिया इकाइयां सक्रिय हैं और आयोजनों की आड़ में शांति भंग करने की कोशिश करने वाले संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है और ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। पूरे राज्य भर में रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, जिला सीमाओं, प्रमुख बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।
दिल्ली कार विस्फोट का भी असर
अधिकारियों ने यह भी सूचित किया कि हाल ही में दिल्ली में हुए कार विस्फोट की घटना के मद्देनजर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। गौरतलब है कि छह दिसंबर को कुछ हिंदू संगठन इसे ‘शौर्य दिवस’ के रूप में मनाते हैं, जबकि कई मुस्लिम समूह इस दिन को ‘काला दिवस’ के तौर पर मनाते हैं। इस दोहरी संवेदनशीलता के कारण यह दिन कानून व्यवस्था के दृष्टिकोण से विशेष महत्व रखता है।







