
लखनऊ: उत्तर प्रदेश में बाबरी मस्जिद विध्वंस की 31वीं बरसी (6 दिसंबर) से पहले राज्य भर में सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। अयोध्या और मथुरा जैसे प्रमुख धार्मिक स्थलों के साथ-साथ वाराणसी, लखनऊ, मेरठ, अलीगढ़, आगरा, कानपुर और प्रयागराज जैसे संवेदनशील जिलों में विशेष सतर्कता बरती जा रही है। अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी।
पुलिस के अनुसार, अयोध्या में 4 दिसंबर से ही सुरक्षा चौकसी बढ़ा दी गई है और अतिरिक्त निगरानी रखी जा रही है। यहां तक कि छह दिसंबर को सुरक्षा घेरा और कड़ा कर दिया जाएगा। अयोध्या के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) गौरव ग्रोवर ने बताया कि जिले के सभी थानों को अलर्ट पर रहने के निर्देश दिए गए हैं। उन्होंने आश्वासन दिया कि इस दौरान आम लोगों को किसी प्रकार की असुविधा नहीं होने दी जाएगी।
अयोध्या में चप्पे-चप्पे पर नजर
एसएसपी ग्रोवर ने बताया कि अयोध्या में होटलों, ढाबों, अतिथि गृहों और धर्मशालाओं की लगातार जांच की जा रही है। शहर के प्रवेश द्वारों पर भी वाहनों की सघन निगरानी की जा रही है। अयोध्या के पुलिस क्षेत्राधिकारी (सीओ) आशुतोष तिवारी ने बताया कि छह दिसंबर को लेकर अयोध्या क्षेत्र में पैदल गश्त की जा रही है। पुलिसकर्मियों को राम मंदिर मार्ग और अन्य संवेदनशील स्थानों पर विशेष सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।
मथुरा: ड्रोन से निगरानी, चप्पे-चप्पे पर पैनी नजर
उधर, मथुरा में कृष्ण जन्मभूमि-शाही ईदगाह परिसर को अति संवेदनशील मानते हुए सुरक्षा व्यवस्था चाक-चौबंद कर दी गई है। आगरा रेंज के पुलिस उप महानिरीक्षक (डीआईजी) शैलेश कुमार पांडेय ने स्वयं सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा की और पूरे जिले में सतर्कता बढ़ा दी है। अधिकारियों ने बताया कि मंदिर परिसर और अन्य संवेदनशील स्थानों पर ड्रोन से भी निगरानी रखी जा रही है।
जिलाधिकारी और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सहित वरिष्ठ अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक के बाद, पांडेय ने निवासियों को आश्वस्त करने के लिए गोविंद नगर और कोतवाली के प्रमुख बाजार क्षेत्रों में पैदल मार्च भी किया। मथुरा के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार ने बताया कि शहर को जोन और सेक्टर में विभाजित किया गया है और प्रत्येक जोन की निगरानी एक वरिष्ठ राजपत्रित अधिकारी करेंगे। बाहरी जिलों से अतिरिक्त पुलिस बल, पीएसी, आरएएफ और अन्य विशेष इकाइयों को भी तैनात किया गया है।
पुलिस-प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद, किसी भी गतिविधि पर पैनी नजर
एसएसपी श्लोक कुमार ने कहा, “पुलिस और प्रशासन पूरी तरह सतर्क है। किसी भी व्यक्ति या संगठन को ऐसी कोई भी नई गतिविधि शुरू करने की अनुमति नहीं दी जाएगी जिससे शांति भंग होने का खतरा हो। धार्मिक स्थलों और मिश्रित आबादी वाले क्षेत्रों के आसपास सुरक्षा बढ़ा दी गई है।” उन्होंने बताया कि संवेदनशील इलाकों में खुफिया इकाइयां सक्रिय हैं और आयोजनों की आड़ में शांति भंग करने वाले संदिग्धों पर कड़ी नजर रखी जा रही है। ऐसे लोगों को हिरासत में लिया जा रहा है। राज्य भर में रेलवे स्टेशनों, बस अड्डों, जिला सीमाओं, बाजारों और सार्वजनिक स्थलों पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ा दी गई है।
दिल्ली कार विस्फोट के मद्देनजर भी बढ़ाई गई सतर्कता
अधिकारियों ने यह भी बताया कि हाल ही में दिल्ली में हुए कार विस्फोट की घटना के मद्देनजर भी सतर्कता बढ़ा दी गई है। ज्ञात हो कि कुछ हिंदू संगठन 6 दिसंबर को “शौर्य दिवस” के रूप में मनाते हैं, जबकि कई मुस्लिम समूह इसे “काला दिवस” के तौर पर मनाते हैं। इस कारण यह दिन कानून व्यवस्था के लिहाज से अत्यंत संवेदनशील माना जाता है।







