

Income Tax: वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण जल्द ही केंद्रीय बजट 2026-27 पेश करने वाली हैं, और हर साल की तरह, इस बार भी देश का मध्यम वर्ग और वेतनभोगी करदाता आयकर में राहत की उम्मीद में बजट भाषण का बेसब्री से इंतजार कर रहे हैं। पिछले बजट में पुराने टैक्स रिजीम में कोई बड़ा बदलाव नहीं हुआ था, लेकिन नए रिजीम में टैक्स स्लैब रेट में कुछ संशोधन किए गए थे। हालांकि, विशेषज्ञों का मानना है कि बजट 2026 में आयकर में किसी बड़े आमूल-चूल परिवर्तन की संभावना कम है, लेकिन खपत को बढ़ावा देने के लिए कुछ छोटे बदलाव देखे जा सकते हैं। आइए, इस खबर के माध्यम से हम आयकर के मोर्चे पर लगाई जा रही पांच प्रमुख उम्मीदों पर एक नज़र डालते हैं।
बजट 2026: इनकम टैक्स में राहत की उम्मीद, मध्यम वर्ग की निगाहें निर्मला सीतारमण पर
आयकर छूट सीमा में बढ़ोतरी की मांग
वर्तमान में, नए टैक्स सिस्टम के तहत मूल छूट की सीमा 4 लाख रुपये है। वेतनभोगी करदाताओं की एक लंबे समय से मांग रही है कि इस सीमा को बढ़ाया जाए ताकि कंप्लायंस का बोझ कम हो सके और उनके हाथ में खर्च करने योग्य आय बढ़ सके। कर विशेषज्ञों का सुझाव है कि इस सीमा को 5 लाख रुपये तक किया जा सकता है, जो आम जनता को तत्काल राहत प्रदान करेगा। इससे खपत में वृद्धि हो सकती है, जो अर्थव्यवस्था के लिए भी सकारात्मक होगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
नए टैक्स रिजीम के तहत मौजूदा टैक्स स्लैब इस प्रकार हैं:
- 4 लाख रुपये से 8 लाख रुपये की आय पर 5 प्रतिशत टैक्स लगता है।
- 8 लाख रुपये से 12 लाख रुपये की आय पर 10 प्रतिशत टैक्स लगता है।
- 12 लाख रुपये से 16 लाख रुपये तक की आय पर 15 प्रतिशत टैक्स लगता है।
- 16 लाख रुपये से 20 लाख रुपये के बीच की आय के लिए यह बढ़कर 20 प्रतिशत हो जाता है।
- 20 लाख रुपये से 24 लाख रुपये के बीच कमाने वालों पर 25 प्रतिशत टैक्स लगता है।
वेतनभोगी करदाता यह भी उम्मीद कर रहे हैं कि वित्त मंत्री सीतारमण 30 प्रतिशत वाले उच्चतम टैक्स ब्रैकेट के लिए आय की सीमा को मौजूदा 24 लाख रुपये से बढ़ाकर 30 लाख रुपये कर दें। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह कदम उच्च आय वर्ग के करदाताओं को राहत देगा और निवेश को प्रोत्साहित कर सकता है।
धारा 87A के तहत छूट और अन्य अपेक्षाएं
वर्तमान में, धारा 87A के तहत छूट लेने के बाद, 12 लाख रुपये तक की आय (वेतनभोगी करदाताओं के लिए 12.75 लाख रुपये) टैक्स-फ्री है। टैक्स एक्सपर्ट्स का सुझाव है कि इस सीमा को भी बढ़ाकर 15 लाख रुपये किया जा सकता है। यह विशेष रूप से युवा पेशेवरों और मध्यम आय वर्ग के लिए फायदेमंद होगा, जिससे उन्हें अपनी बचत और निवेश बढ़ाने का मौका मिलेगा। उद्योग विशेषज्ञों का कहना है कि खपत को बढ़ावा देने के लिए कुछ अन्य छोटे-मोटे बदलावों की उम्मीद की जा सकती है, भले ही बड़े पैमाने पर कोई परिवर्तन न हो। सरकार का ध्यान अर्थव्यवस्था में गति बनाए रखने और आम नागरिक को सीधे लाभ पहुंचाने पर रहेगा। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। https://deshajtimes.com/news/business/ आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




