Stock Market: देश का आम बजट 1 फरवरी रविवार को पेश होने वाला है, और इस महत्वपूर्ण अवसर पर निवेशकों की निगाहें उन सेक्टर्स पर टिकी हैं जिन्हें सरकारी खर्च और नीतिगत समर्थन से लगातार लाभ मिलने की उम्मीद है। बाजार विश्लेषकों का मानना है कि इस बजट में सार्वजनिक क्षेत्र के बैंक (PSU बैंक), रेलवे, रक्षा, बुनियादी ढाँचा, इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और FMCG जैसे सेक्टर हावी रह सकते हैं। इन क्षेत्रों में नए आवंटन और सुधारों से एक सेक्टर-स्पेसिफिक रैली को बढ़ावा मिलने की प्रबल संभावना है, जो Stock Market के लिए एक नई दिशा तय कर सकती है।
बजट 2026: क्या बदल जाएगी Stock Market की चाल? निवेशकों की निगाहें इन सेक्टर्स पर
बजट 2026 और Stock Market: किन सेक्टर्स में उम्मीद, किनमें निराशा?
बजट से पहले के सप्ताह में, अंतिम कारोबारी दिन शुक्रवार को सेक्टोरल इंडेक्स में मिला-जुला रुझान देखने को मिला। FMCG, कंज्यूमर ड्यूरेबल्स, हेल्थकेयर और ऑटो शेयरों में अच्छी तेजी दर्ज की गई। निफ्टी ऑटो इंडेक्स 0.73 प्रतिशत की बढ़त के साथ 26,750.35 पर बंद हुआ, जबकि निफ्टी FMCG में 1.37 प्रतिशत की उछाल के साथ यह 51,215.20 पर पहुंच गया। निफ्टी कंज्यूमर ड्यूरेबल्स इंडेक्स भी 1.08 प्रतिशत की तेजी के साथ 34,387.55 पर बंद हुआ और निफ्टी हेल्थकेयर इंडेक्स 0.75 प्रतिशत की मजबूती के साथ 13,893.85 पर अपनी क्लोजिंग दी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
दूसरी ओर, फाइनेंशियल और मेटल सेक्टर दबाव में दिखाई दिए। निफ्टी फाइनेंशियल सर्विसेज में 0.85 प्रतिशत की गिरावट आई और यह 29,773.10 पर आ गया। निफ्टी मेटल में 5.21 प्रतिशत की तेज गिरावट दर्ज की गई, जिससे यह 11,827.55 पर बंद हुआ और सबसे खराब प्रदर्शन करने वाला सेक्टर बन गया। बैंकों में, निफ्टी PSU बैंक लगभग 9,019.35 पर सपाट रहा, जबकि निफ्टी प्राइवेट बैंक में 0.63 प्रतिशत की गिरावट आई। बड़े पैमाने पर निफ्टी रियल्टी में 0.84 प्रतिशत और निफ्टी मीडिया में 1.85 प्रतिशत की तेजी देखी गई। इसी तरह, मिडस्मॉल हेल्थकेयर और मिडस्मॉल IT & टेलीकॉम इंडेक्स में भी मामूली बढ़त दर्ज की गई।
विदेशी निवेशकों की बिकवाली और घरेलू खरीददारी का गणित
यह ध्यान रखना महत्वपूर्ण है कि पिछले कुछ ट्रेडिंग सेशन से भारतीय शेयर बाजार लगातार दबाव में है, जिसका मुख्य कारण घरेलू इक्विटी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FII) की भारी बिकवाली है। एक्सचेंज डेटा के अनुसार, 29 जनवरी, 2026 को FII ने अपनी बिकवाली जारी रखी और 393.97 करोड़ रुपये के शेयर बेचे। इसके विपरीत, घरेलू संस्थागत निवेशकों (DII) ने उसी दिन 2,638.76 करोड़ रुपये के भारतीय शेयरों पर दांव लगाया, जिससे बाजार को कुछ हद तक सहारा मिला। यह रुझान दर्शाता है कि घरेलू निवेशक बाजार में विश्वास बनाए हुए हैं, जबकि FII अभी भी सतर्कता बरत रहे हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। विदेशी निवेश के इस उतार-चढ़ाव भरे माहौल में, घरेलू खरीददारी की भूमिका और भी महत्वपूर्ण हो जाती है, जो बाजार को स्थिरता प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बजट 2026 से इन FII के रुख में बदलाव की उम्मीद है, खासकर यदि सरकार ऐसे सुधारों की घोषणा करती है जो विदेशी पूंजी को आकर्षित कर सकें। यह देखना दिलचस्प होगा कि बजट घोषणाओं के बाद Stock Market किस दिशा में आगे बढ़ता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।







