
नई दिल्ली: कभी गरीबों का सोना कही जाने वाली चांदी ने बाजार में ऐसी छलांग लगाई है कि अब वह सोने को भी कड़ी टक्कर दे रही है। 3 दिसंबर 2025 को चांदी ने ₹1,84,727 प्रति किलोग्राम का नया रिकॉर्ड हाई बनाया, जो पिछले कई सालों का सबसे बड़ा उछाल है। इस अभूतपूर्व तेजी के साथ चांदी ने बाजार में अपनी नई पहचान बनाई है।
चांदी की रिकॉर्डतोड़ बढ़त
3 दिसंबर 2025 को चांदी ने बाजार में ₹3,126 की बड़ी तेजी दर्ज की, जिससे यह ₹1,84,727 प्रति किलोग्राम के अब तक के सर्वोच्च स्तर पर पहुंच गई। यह उछाल न केवल भारतीय बाजार के लिए, बल्कि वैश्विक स्तर पर भी महत्वपूर्ण है। सोने के वायदा कारोबार (Gold futures) भी मजबूत वैश्विक रुझानों के अनुरूप ₹1,30,766 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए, जिससेमती धातुओं के प्रति निवेशकों का आकर्षण और बढ़ गया है।
रुपये की गिरावट का असर
इस जबरदस्त उछाल के पीछे सबसे प्रमुख कारणों में से एक भारतीय रुपये का भारी अवमूल्यन है। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपया अपने अब तक के सबसे निचले स्तर पर आ गया है। इस दबाव ने न केवल चांदी, बल्कि सोने की कीमतों को भी ऊपर धकेलने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है। जब रुपया कमजोर होता है, तो आयातित वस्तुओं की लागत बढ़ जाती है, जिसका सीधा असर सोने और चांदी जैसी कीमती धातुओं की कीमतों पर पड़ता है, क्योंकि इनका व्यापार अंतरराष्ट्रीय बाजार में डॉलर में होता है।
MCX पर बाजार की हलचल
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर भी कीमती धातुओं के बाजार में खासी हलचल देखी गई। सोने के फरवरी 2026 के वायदा अनुबंध ₹1,007 की वृद्धि के साथ ₹1,30,766 प्रति 10 ग्राम तक पहुंच गए। वहीं, चांदी के मार्च 2026 के वायदा अनुबंधों ने ₹3,126 की प्रभावशाली तेजी के साथ ₹1,84,727 प्रति किलोग्राम के अपने सर्वकालिक उच्च स्तर को फिर से छुआ। यह दर्शाता है कि बाजार में इन धातुओं की मांग और आपूर्ति दोनों में महत्वपूर्ण बदलाव आ रहे हैं।
वैश्विक बाजार में भी चांदी का दबदबा
भारतीय बाजार के अलावा, वैश्विक बाजारों में भी चांदी रिकॉर्ड स्तर के करीब कारोबार कर रही है। पिछले सात कारोबारी सत्रों में चांदी की कीमतों में लगभग 17% की तेज रफ्तार देखी गई है। इस तेजी को मुख्य रूप से अमेरिकी मौद्रिक नीति में नरमी की उम्मीदों (US monetary easing expectations) और आपूर्ति में कमी (supply tightness) जैसे कारकों का समर्थन मिला है।
अंतरराष्ट्रीय बाजार में, चांदी वर्तमान में लगभग $58 प्रति औंस के स्तर पर कारोबार कर रही है, जबकि सोना $4,200 प्रति औंस के करीब स्थिर बना हुआ है। अमेरिकी फेडरल रिजर्व द्वारा ब्याज दरों में कटौती की संभावित घोषणाओं का वैश्विक बाजार की धारणा पर बड़ा प्रभाव पड़ रहा है। इसी सकारात्मक माहौल के बीच, Comex पर चांदी के दिसंबर अनुबंधों ने 1.6% की बढ़त के साथ $58.90 प्रति औंस और मार्च अनुबंधों ने $59.65 प्रति औंस के जीवनकाल के उच्च स्तर को छुआ।
मुख्य बिंदु:
- चांदी ने ₹1,84,727 प्रति किलोग्राम का नया रिकॉर्ड उच्च स्तर बनाया।
- रुपये की कमजोरी ने सोने और चांदी की कीमतों को बढ़ाया।
- वैश्विक बाजारों में भी चांदी की कीमतों में तेज उछाल देखा गया।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की संभावित दर कटौती की उम्मीदों ने बाजार को बढ़ावा दिया।







