
नई दिल्ली: ओपनएआई का लोकप्रिय AI चैटबॉट ChatGPT इन दिनों यूजर्स के निशाने पर है. एक नए फीचर के कारण यूजर्स को बातचीत के बीच में ही शॉपिंग या फिटनेस से जुड़ी ऐप्स के सुझाव दिखाई दे रहे हैं, भले ही बातचीत का विषय बिल्कुल अलग क्यों न हो. यह समस्या फ्री यूजर्स के साथ-साथ पेड (प्रो) वर्जन इस्तेमाल करने वाले यूजर्स को भी आ रही है.
चैटजीपीटी में क्या चल रहा है?
ओपनएआई का कहना है कि ये हाल ही में शुरू किए गए थर्ड-पार्टी इंटीग्रेशन वाले ऐप सजेशन हैं, जिन्हें यूजर की मदद के लिए दिखाया जा रहा है. कंपनी ने वॉलमार्ट और स्पॉटिफाई जैसी सर्विसेज को ChatGPT इंटरफेस में इंटीग्रेट कर दिया है, ताकि यूजर्स को इन्हें इस्तेमाल करने के लिए अलग से ऐप्स खोलने की जरूरत न पड़े. लेकिन यूजर्स का अनुभव कुछ और ही है. उनका कहना है कि ChatGPT उन्हें बिल्कुल अलग संदर्भों में भी ये सुझाव दिखा रहा है. एक यूजर ने बताया कि वह विंडोज की किसी समस्या के बारे में जानकारी ले रहा था, तभी उसे किसी शॉपिंग ऐप पर खरीदारी का सुझाव मिला.
क्या कंपनी कमाई का जरिया तलाश रही है?
यह मामला तब और गंभीर हो जाता है जब हम ओपनएआई की कमाई की योजनाओं पर गौर करते हैं. कंपनी लंबे समय से ChatGPT से कमाई के तरीके तलाश रही है. उनका मानना है कि भविष्य में उसकी 20% आमदनी ChatGPT में शॉपिंग और एडवरटाइजमेंट जैसे फीचर्स से होगी. ऐसे में यह संभव है कि आने वाले समय में यूजर्स को ChatGPT में विज्ञापन भी देखने को मिलें.
सब्सक्रिप्शन मॉडल पर भी नजर
इसके अलावा, कंपनी को उम्मीद है कि उसके 2.6 अरब साप्ताहिक यूजर्स में से 8.5% यानी करीब 22 करोड़ यूजर्स ChatGPT का प्रीमियम वर्जन खरीदेंगे. अगर ऐसा होता है, तो यह दुनिया की सबसे बड़ी सब्सक्रिप्शन सर्विस बन सकती है. हालांकि, मौजूदा ऐप सजेशन वाले फीचर से यूजर्स की नाराजगी यह दिखाती है कि कंपनी को अपनी योजनाओं को लागू करने में अभी और मेहनत करनी पड़ सकती है.






