

Dearness Allowance Hike: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स के लिए महंगाई भत्ते में बढ़ोतरी की खबरें एक बार फिर जोर पकड़ रही हैं, खासकर होली के मद्देनजर उत्साह का माहौल है लेकिन सरकारी घोषणाओं का समय हमेशा उम्मीदों के मुताबिक नहीं होता है। वर्तमान परिदृश्य और पिछले पैटर्न को देखते हुए, यह जानना महत्वपूर्ण है कि क्या आगामी होली से पहले डीए में वृद्धि की घोषणा संभव है या हमें और इंतजार करना होगा।
केंद्रीय कर्मचारियों को मिल सकती है बड़ी सौगात: Dearness Allowance Hike से बढ़ेगी सैलरी!
Dearness Allowance Hike: क्या कहते हैं आंकड़े और उम्मीदें?
केंद्र सरकार के लाखों केंद्रीय कर्मचारी और पेंशनर्स बेसब्री से महंगाई भत्ते (DA) में आगामी बढ़ोतरी का इंतजार कर रहे हैं। उम्मीद की जा रही है कि जनवरी-जून 2026 अवधि के लिए सरकार डीए में वृद्धि का ऐलान कर सकती है। वर्तमान में, केंद्रीय कर्मचारियों को 58 प्रतिशत महंगाई भत्ता मिल रहा है, जो 1 अक्टूबर 2025 को जुलाई-दिसंबर साइकिल के लिए हुई 3 प्रतिशत की बढ़ोतरी के बाद लागू हुआ था। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अब, विभिन्न विभागों से जुड़े केंद्रीय कर्मचारियों को उम्मीद है कि सरकार अगले संशोधन में 2 प्रतिशत की डीए बढ़ोतरी कर सकती है। यदि यह अनुमान सही साबित होता है, तो महंगाई भत्ता मौजूदा 58 प्रतिशत से बढ़कर मूल वेतन का 60 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा, जिसे 1 जनवरी 2026 से प्रभावी किया जाएगा।
इस बढ़ोतरी का अंतिम निर्णय ऑल इंडिया कंज्यूमर प्राइस इंडेक्स (AICPI) डेटा में बदलाव और आखिरी महीनों के महंगाई आंकड़ों पर काफी हद तक निर्भर करेगा। हालांकि, होली जैसे बड़े त्योहारों के आसपास ऐसी घोषणाओं की उम्मीद बढ़ जाती है, लेकिन सरकार किसी भी तरह के अंतिम निर्णय से पहले कैबिनेट की मंजूरी का इंतजार करती है। इसलिए, यह संभावना अधिक है कि नई घोषणा होली के तुरंत बाद ही संभव हो पाएगी।
महंगाई भत्ता और त्योहारी सीजन: क्या है सरकारी पैटर्न?
महंगाई भत्ते की घोषणा और होली के समय का संबंध अक्सर चर्चा का विषय बना रहता है क्योंकि भारत सरकार आम तौर पर साल में दो बार डीए संशोधन करती है – एक बार मार्च के आसपास और दूसरा अक्टूबर या नवंबर में। हाल के वर्षों में, दूसरी बढ़ोतरी कई बार दिवाली के समय देखने को मिली है, जिससे कर्मचारियों में खुशी का माहौल रहता है। हालांकि, मार्च वाली घोषणा हर बार होली से पहले नहीं हुई है, विशेषकर जब होली मार्च की शुरुआत में पड़ती है। ऐसे मामलों में, कैबिनेट का फैसला अक्सर महीने के अंत में होता है। यदि निर्णय प्रक्रिया में कोई असामान्य तेजी नहीं होती है, तो डीए बढ़ोतरी की घोषणा होली के बाद होने की संभावना अधिक मानी जाती है। यह पैटर्न बताता है कि त्योहारों का उत्साह अक्सर घोषणाओं से आगे निकल जाता है, और सरकारी प्रक्रियाएं अपने तय समय पर ही चलती हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

