

Eighth Pay Commission: केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनधारकों के बीच आठवें वेतन आयोग को लेकर गहरा सस्पेंस बना हुआ है। सरकार ने पिछले साल नवंबर 2025 में इसके टर्म ऑफ रेफरेंस को मंजूरी दी थी और आयोग के चेयरपर्सन व सदस्यों की नियुक्ति पर मुहर भी लगा दी थी। अब आयोग विभिन्न मंत्रालयों और कर्मचारी संगठनों से सलाह-मशविरा कर अपनी सिफारिशों को अंतिम रूप देने में जुटा है, लेकिन 1 करोड़ से अधिक कर्मचारियों को सबसे बड़ा सवाल यह है कि आखिर उनकी सैलरी में वास्तविक बढ़ोतरी कब होगी।
आठवें वेतन आयोग: केंद्रीय कर्मचारियों के लिए कितनी बढ़ेगी सैलरी?
आठवें वेतन आयोग का इंतजार: क्यों बढ़ी उम्मीदें?
साल 2026 की शुरुआत में कई कर्मचारियों को यह उम्मीद थी कि जनवरी से नया वेतन ढांचा लागू हो जाएगा। हालांकि, अधिकारियों ने पहले ही स्पष्ट कर दिया है कि वेतन संशोधन और फिटमेंट फैक्टर पर अंतिम निर्णय आयोग की सिफारिशों के बाद ही लिया जाएगा। सातवें वेतन आयोग के तहत फिटमेंट फैक्टर 2.57 निर्धारित किया गया था, जिसने न्यूनतम वेतन को 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये कर दिया था। यह कागजों पर 157 प्रतिशत की वृद्धि दिखती है, लेकिन वास्तविक वेतन वृद्धि लगभग 14 प्रतिशत के आसपास ही रही थी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पिछली बार फिटमेंट फैक्टर की गणना में दो मुख्य घटक शामिल थे: इन्फ्लेशन एडजस्टमेंट कंपोनेंट (2.25) और रियल पे हाईक कंपोनेंट (0.32)। इन्फ्लेशन एडजस्टमेंट के लिए, 1 जनवरी 2016 तक महंगाई भत्ता (DA) 125% पर पहुंच गया था। पुराने बेसिक पे को 1.00 मानकर, 125% DA जोड़ने पर इसकी वैल्यू 1.25 हो गई थी। जब DA को बेसिक में मर्ज किया गया, तो संशोधित बेस 2.25 (1.00 + 1.25) हो गया। इसका सीधा मतलब था कि 2.25 का फैक्टर केवल महंगाई समायोजन को दर्शाता था।
रियल पे हाईक कंपोनेंट की बात करें तो, आयोग ने 14.22% की वास्तविक वेतन वृद्धि की सिफारिश की थी। यह बढ़ोतरी 2.25 पर लागू की गई, जिससे लगभग 0.32 का अतिरिक्त कंपोनेंट जुड़ा। इस प्रकार, कुल फिटमेंट फैक्टर 2.57 बना।
- इन्फ्लेशन एडजस्टमेंट: 2.25
- रियल हाईक कंपोनेंट: 0.32
- कुल फिटमेंट फैक्टर: 2.57
इसी 2.57 के फिटमेंट फैक्टर से न्यूनतम वेतन 7,000 रुपये से बढ़ाकर 18,000 रुपये किया गया था। यह वृद्धि भले ही कागजों पर बड़ी दिखती हो, आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। लेकिन इसमें महंगाई भत्ता पहले ही शामिल था, जिससे वास्तविक वेतन वृद्धि सीमित दायरे में ही रही थी। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
कब मिलेगा बढ़ा हुआ वेतन और एरियर?
आठवें वेतन आयोग के लिए जमीनी स्तर का काम भले ही जारी हो, लेकिन इसे कब लागू किया जाएगा, कर्मचारियों को कितना एरियर मिलेगा और वेतन में वास्तविक बढ़ोतरी कितनी होगी, इस पर अभी भी रहस्य बरकरार है। सरकार ने पैनल को रिपोर्ट सौंपने के लिए 18 महीने का समय दिया है, जिसकी समय-सीमा अभी पूरी नहीं हुई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह स्पष्ट है कि केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी में संभावित बढ़ोतरी पूरी तरह से वेतन आयोग की अंतिम सिफारिशों और सरकार के आधिकारिक फैसले पर निर्भर करेगी, न कि किसी अटकल या अनुमान पर। सभी की निगाहें अब आयोग की रिपोर्ट पर टिकी हैं, जो एक करोड़ से अधिक परिवारों के लिए एक महत्वपूर्ण बदलाव ला सकती है।


