



EPFO: कर्मचारी भविष्य निधि संगठन अपने करोड़ों सदस्यों के लिए एक बड़ी राहत की खबर लेकर आ रहा है। बहुत जल्द पीएफ से पैसे निकालना पहले से कहीं ज्यादा आसान होने वाला है, क्योंकि EPFO एक नए मोबाइल एप्लिकेशन पर काम कर रहा है जो सीधे यूपीआई के जरिए फंड निकासी की सुविधा देगा। यह पहल डिजिटल सेवाओं को बेहतर बनाने और निकासी में लगने वाले समय को कम करने के उद्देश्य से की गई है।
# EPFO का बड़ा कदम: अब UPI से मिलेगा पीएफ का पैसा, अप्रैल में लॉन्च होगा नया ऐप!
## EPFO का नया ऐप: क्या बदलेगा सिस्टम?
श्रम मंत्रालय के स्तर पर चल रहे इस महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट के तहत, ईपीएफ खाते में एक निश्चित न्यूनतम राशि सुरक्षित रखी जाएगी, जबकि शेष राशि को यूपीआई के माध्यम से सीधे बैंक खाते में निकाला जा सकेगा। यह सुविधा पीएफ खाताधारकों के लिए गेम चेंजर साबित हो सकती है। अनुमान है कि यह नया ऐप अप्रैल महीने में लॉन्च हो जाएगा, जिससे लाखों लोगों को त्वरित वित्तीय सहायता मिल पाएगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इसके साथ ही, ईपीएफ सदस्य इस नए ऐप के माध्यम से अपना पासबुक बैलेंस भी आसानी से देख सकेंगे। वर्तमान में पीएफ बैलेंस देखने या निकासी के लिए यूएएन पोर्टल या उमंग ऐप का सहारा लेना पड़ता है, लेकिन ये प्लेटफॉर्म पहले की तरह काम करते रहेंगे और नया ऐप इन सेवाओं को और अधिक सरल बनाएगा। वर्तमान में, ईपीएफओ करीब 100 डमी अकाउंट्स पर इस सिस्टम का ट्रायल कर रहा है ताकि तकनीकी खामियों को दूर किया जा सके और सिस्टम की क्षमता को पूरी तरह से परखा जा सके। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
## त्वरित निकासी और बढ़ी हुई सीमाएं
अभी पीएफ निकालने के लिए सदस्यों को विदड्रॉल क्लेम फाइल करना पड़ता है, जिसमें अक्सर काफी समय लग जाता है। हालांकि, ऑटो सेटलमेंट मोड के तहत इलेक्ट्रॉनिक तरीके से दावों का निपटान आवेदन के तीन दिनों के भीतर कर दिया जाता है। ईपीएफओ ने पहले ही ऑटो सेटलमेंट के तहत विदड्रॉल की सीमा को एक लाख रुपये से बढ़ाकर पांच लाख रुपये कर दिया है, जिससे सदस्य बीमारी, शिक्षा, शादी या घर निर्माण जैसे जरूरतों के लिए तेजी से फंड निकाल सकें। संगठन के करीब आठ करोड़ सदस्य हैं और कोविड-19 के दौरान ऑटो सेटलमेंट क्लेम सेवा शुरू की गई थी ताकि वित्तीय संकट से जूझ रहे लोगों को तुरंत राहत मिल सके। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। हालांकि तब भी क्लेम फाइल करना जरूरी था, लेकिन अब नया यूपीआई आधारित सिस्टम इस पूरी प्रक्रिया को लगभग तात्कालिक बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है। यह तकनीक न केवल पारदर्शिता बढ़ाएगी बल्कि सदस्यों को उनके पैसे तक तुरंत पहुंच प्रदान कर वित्तीय सुरक्षा भी सुनिश्चित करेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



