
अमेरिका से एक बड़ी खबर सामने आ रही है, जिसने भारत के चावल निर्यातकों की धड़कनें बढ़ा दी हैं। रूसी राष्ट्रपति पुतिन की यात्रा के ठीक बाद, पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने एक बार फिर भारत पर नए टैरिफ थोपने के संकेत दिए हैं। इस बार निशाना है भारत का चावल निर्यात, जिससे व्यापारिक गलियारों में हलचल तेज हो गई है।
ट्रंप का टैरिफ बम और अमेरिकी किसानों की चिंता
पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने हाल ही में भारत से आयात होने वाले चावल पर नए टैरिफ लगाने की संभावना जताई है। उनका आरोप है कि भारत सहित कई देश अमेरिका में सस्ता चावल ‘डंप’ कर रहे हैं, जिससे अमेरिकी किसानों को भारी नुकसान हो रहा है। उन्होंने संकेत दिया है कि अमेरिकी प्रशासन कृषि उत्पादों पर नए शुल्कों पर विचार कर रहा है, जिसमें कनाडा से आने वाला उर्वरक और भारत से निर्यात होने वाला चावल प्रमुख रूप से शामिल हो सकता है। इसी बीच, अमेरिका ने अपने किसानों को राहत देने के लिए 12 अरब डॉलर के बेलआउट पैकेज की भी घोषणा की है।
भारतीय चावल कंपनियों पर सीधा असर
ट्रंप के इस बयान का सीधा असर भारतीय चावल निर्यातकों के शेयरों पर देखा गया। LT Foods, GRM Overseas और Sarveshwar Foods जैसी प्रमुख कंपनियों के शेयरों में 7% तक की गिरावट दर्ज की गई। खासकर LT Foods, जिसके कुल राजस्व का 46% हिस्सा अमेरिकी बाजार से आता है, इस खबर से ज्यादा प्रभावित हुई। बता दें कि अमेरिकी बाजार में उसका ‘गोल्डन स्टार अमेरिका’ नंबर 1 जैस्मीन राइस ब्रांड है।
वैश्विक बाजार में भारत की स्थिति और निर्यात आंकड़े
भारत दुनिया का सबसे बड़ा चावल उत्पादक देश है, जिसकी उत्पादन क्षमता 150 मिलियन टन है। वैश्विक चावल निर्यात में इसकी हिस्सेदारी 30.3% है। वित्तीय वर्ष 2024 में भारत ने अमेरिका को लगभग 234,000 टन चावल का निर्यात किया था, जिसकी कीमत ₹2,849 करोड़ थी।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों पर गहराएगा संकट?
यह संभावित टैरिफ ऐसे समय में सामने आने की खबर है, जब भारत और अमेरिका के बीच व्यापार समझौतों पर बातचीत पहले से ही अटकी हुई है। दोनों देशों के बीच कृषि उत्पाद ही सबसे बड़ी अड़चन बने हुए हैं। नए टैरिफ व्यापार वार्ताओं को और भी जटिल बना सकते हैं, जिससे दोनों देशों के व्यापारिक रिश्तों में तनाव बढ़ने की आशंका है।








