

Stock Market: भारतीय अर्थव्यवस्था की मजबूत बुनियाद और वैश्विक चिंताओं में कमी के चलते विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों (FPIs) का रुख एक बार फिर भारतीय बाजार की ओर मुड़ गया है। लंबे समय तक की बिकवाली के बाद, फरवरी महीने में विदेशी निवेशकों ने रिकॉर्ड तोड़ निवेश कर बाजार में नई जान फूंकी है, जो घरेलू निवेशकों के लिए भी एक बड़ा सकारात्मक संकेत है। यह बदलाव भारत और अमेरिका के बीच हुए व्यापार समझौतों के बाद और भी स्पष्ट रूप से दिख रहा है, जिससे भविष्य के लिए उज्ज्वल संकेत मिल रहे हैं।
Stock Market: विदेशी निवेशकों का भारतीय बाजार पर फिर भरोसा, फरवरी में आया बंपर निवेश
Stock Market में FPIs की धमाकेदार वापसी: आंकड़ों में जानिए पूरा हाल
डिपॉजिटरी के आंकड़ों के अनुसार, फरवरी के पहले दो हफ्तों में (13 फरवरी तक) विदेशी पोर्टफोलियो निवेशकों ने भारतीय शेयर बाजार में 19,675 करोड़ रुपये का भारी-भरकम निवेश किया है। यह आंकड़ा पिछले तीन महीनों की लगातार निकासी के बाद एक महत्वपूर्ण बदलाव को दर्शाता है। इससे पहले, जनवरी में FPIs ने 35,962 करोड़ रुपये, दिसंबर में 22,611 करोड़ रुपये और नवंबर में 3,765 करोड़ रुपये की शुद्ध निकासी की थी। पूरे साल 2025 में विदेशी निवेशकों ने भारतीय बाजार से शुद्ध रूप से 1.66 लाख करोड़ रुपये निकाले थे। ऐसे में फरवरी में आया यह निवेश न सिर्फ उत्साहजनक है, बल्कि यह दर्शाता है कि दुनिया की आर्थिक महाशक्तियां भारत की ग्रोथ स्टोरी पर दांव लगाने को तैयार हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
यह निवेश दर्शाता है कि वैश्विक स्तर पर भारतीय अर्थव्यवस्था की स्थिति मजबूत बनी हुई है और निवेशकों को यहां बेहतर रिटर्न की उम्मीद दिख रही है। खासकर ऐसे समय में जब अंतरराष्ट्रीय बाजार में कई तरह की अनिश्चितताएं बनी हुई हैं, भारत में निवेश का बढ़ना एक सकारात्मक संकेत है। शेयर बाजार के विशेषज्ञ इस ट्रेंड को एक बड़े बदलाव के तौर पर देख रहे हैं, जो आने वाले समय में बाजार को नई ऊंचाइयों पर ले जा सकता है।
क्यों बढ़ा विदेशी निवेशकों का भरोसा?
मॉर्निंगस्टार इन्वेस्टमेंट रिसर्च इंडिया के रिसर्च हेड, हिमांशु श्रीवास्तव के मुताबिक, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर चिंताओं में आई नरमी, खासकर अमेरिका के नरम महंगाई आंकड़ों ने निवेशकों का आत्मविश्वास बढ़ाया है। इससे वे भारत जैसे तेजी से उभरते बाजारों में जोखिम उठाने को तैयार हैं। यह वैश्विक आर्थिक माहौल में एक बड़ा बदलाव है, जो भारत के लिए फायदेमंद साबित हो रहा है।
एंजेल वन के वरिष्ठ विशेषज्ञ, वकार जावेद खान ने भी इस बात पर जोर दिया कि अमेरिका-भारत व्यापार समझौता, 2026-27 के केंद्रीय बजट का सकारात्मक प्रभाव और वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी जैसे कई कारकों ने विदेशी निवेशकों के भरोसे को मजबूत किया है। इन सभी कारणों का संगम भारतीय शेयर बाजार के लिए एक अनुकूल माहौल बना रहा है। यही वजह है कि फरवरी में यह उल्लेखनीय बदलाव देखने को मिला है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।
प्रमुख बिंदु:
- फरवरी 2024 (13 फरवरी तक) में FPIs का शुद्ध निवेश: 19,675 करोड़ रुपये।
- पिछले तीन महीनों में हुई निकासी:
- जनवरी: 35,962 करोड़ रुपये।
- दिसंबर: 22,611 करोड़ रुपये।
- नवंबर: 3,765 करोड़ रुपये।
- वर्ष 2025 में कुल शुद्ध निकासी: 1.66 लाख करोड़ रुपये।
- मौजूदा निवेश के पीछे मुख्य कारण: अमेरिका-भारत व्यापार समझौता, अमेरिकी महंगाई में नरमी, 2026-27 बजट का सकारात्मक प्रभाव और वैश्विक अनिश्चितताओं में कमी।
भारतीय अर्थव्यवस्था की यह गति वैश्विक पटल पर उसकी बढ़ती साख को भी दर्शाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।




