Gold Price: साल के पहले दिन निवेशकों के लिए एक दिलचस्प मोड़ देखने को मिला, जब सोने और चांदी की आसमान छूती कीमतों में हल्की नरमी दर्ज की गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में बनी सुस्ती का सीधा असर घरेलू बाजारों पर दिखा, जिसने इस कीमती धातु को खरीदने का अवसर तलाश रहे लोगों का ध्यान खींचा। 1 जनवरी को जहां अंतरराष्ट्रीय हाजिर सोने का भाव घटकर 4,308.30 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, वहीं भारतीय बाजारों में भी कीमतें नरम रहीं।
आर्थिक राजधानी मुंबई में 24 कैरेट सोना 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम की दर से कारोबार कर रहा था, जबकि राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में यह 1,35,030 रुपये प्रति 10 ग्राम पर दर्ज किया गया। चांदी की कीमतों में भी गिरावट देखने को मिली, जो घटकर 2,38,900 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई है। यह एक ऐसा अपडेट है जिसे लेकर आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
हालांकि, पिछले एक साल के प्रदर्शन पर नजर डालें तो चांदी ने निवेशकों को जबरदस्त रिटर्न दिया है। बीते साल चांदी की कीमतों में करीब 170 प्रतिशत तक का उछाल देखने को मिला, जबकि सोने ने लगभग 70 प्रतिशत और तांबे ने 35 से 40 प्रतिशत तक का रिटर्न दिया है, जो इन कीमती धातुओं की लंबी अवधि की मजबूती को दर्शाता है।
घरेलू बाजार में Gold Price: जानें प्रमुख शहरों के हाल
देश के प्रमुख शहरों में 1 जनवरी को 24 कैरेट और 22 कैरेट सोने के दाम इस प्रकार रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
- दिल्ली: 24 कैरेट सोना 1,35,030 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,23,790 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- मुंबई: 24 कैरेट सोना 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,23,640 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- कोलकाता: 24 कैरेट सोना 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,23,640 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- चेन्नई: 24 कैरेट सोना 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,23,640 रुपये प्रति 10 ग्राम।
- हैदराबाद: 24 कैरेट सोना 1,34,880 रुपये प्रति 10 ग्राम, 22 कैरेट सोना 1,23,640 रुपये प्रति 10 ग्राम।
कीमतों में यह उतार-चढ़ाव अंतरराष्ट्रीय बाजार के संकेतों, डॉलर की चाल और निवेशकों की मुनाफावसूली का नतीजा माना जा रहा है। सोने और चांदी के दाम रोज़ाना तय होते हैं और इनके पीछे कई अहम कारक काम करते हैं।
सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करने वाले कारक
सबसे बड़ा कारण डॉलर और रुपये के बीच एक्सचेंज रेट में होने वाला उतार-चढ़ाव है, क्योंकि अंतरराष्ट्रीय बाजार में सोने और चांदी की कीमतें अमेरिकी डॉलर में तय की जाती हैं। ऐसे में जब डॉलर मजबूत होता है या रुपया कमजोर पड़ता है, तो भारत में इन कीमती धातुओं की कीमतें अपने आप बढ़ जाती हैं।
इसके अलावा, सीमा शुल्क और टैक्स भी कीमतों पर सीधा असर डालते हैं। भारत अपनी जरूरत का अधिकांश सोना आयात करता है, इसलिए इंपोर्ट ड्यूटी, जीएसटी और अन्य स्थानीय करों में किसी भी तरह का बदलाव सोने-चांदी की कीमतों को प्रभावित करता है। टैक्स बढ़ने पर दाम ऊपर जाते हैं, जबकि कटौती होने पर कीमतों में राहत मिल सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
अंतरराष्ट्रीय बाजार की स्थिति भी एक बड़ा फैक्टर है। वैश्विक स्तर पर युद्ध, भू-राजनीतिक तनाव, आर्थिक मंदी या ब्याज दरों में बदलाव जैसी घटनाएं निवेशकों के रुझान को बदल देती हैं। जब दुनिया भर में अनिश्चितता बढ़ती है, तो निवेशक शेयर बाजार या अन्य जोखिम भरे निवेश से निकलकर सोने जैसे सुरक्षित विकल्पों की ओर रुख करते हैं, जिससे इसकी मांग और कीमत दोनों बढ़ जाती है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें।





