

Copper Recycling: सोना और चांदी के बाद कमोडिटी बाजार में अगर किसी धातु ने निवेशकों को शानदार रिटर्न दिया है, तो वह है कॉपर। बढ़ती औद्योगिक मांग और मजबूत भविष्य की संभावनाओं के बीच, लेड रीसाइक्लिंग की दिग्गज कंपनी ग्रेविटा इंडिया ने कॉपर रीसाइक्लिंग क्षेत्र में धमाकेदार एंट्री कर एक बड़ा दांव खेला है।
ग्रेविटा इंडिया का कॉपर रीसाइक्लिंग में धमाकेदार प्रवेश, वैश्विक लीडर बनने की ओर अग्रसर
ग्रेविटा इंडिया ने राष्ट्रीय मेटल इंडस्ट्रीज (Rashtriya Metal Industries) का ₹565 करोड़ में अधिग्रहण करने की घोषणा की है, जो कंपनी को मल्टी-कमोडिटी प्लेयर बना देगा। यह कदम विशेष रूप से महत्वपूर्ण है क्योंकि इलेक्ट्रिक वाहन (EV) और नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) क्षेत्रों में कॉपर की मांग मौजूदा स्तरों से 3-4 गुना अधिक होने का अनुमान है। कॉपर रीसाइक्लिंग सिर्फ मांग को पूरा करने का एक तरीका नहीं है, बल्कि यह खनन की तुलना में 85% कम ऊर्जा का उपयोग करता है, जिससे यह पर्यावरण के लिए भी बेहद फायदेमंद है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
कॉपर रीसाइक्लिंग बाजार में ग्रेविटा इंडिया की नई रणनीति
इस अधिग्रहण के साथ, ग्रेविटा इंडिया का लक्ष्य केवल अपनी उत्पाद श्रृंखला का विस्तार करना नहीं है, बल्कि ‘विजन 2027’ के तहत खुद को एक वैश्विक रीसाइक्लिंग लीडर के रूप में स्थापित करना भी है। कंपनी का यह कदम ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर औद्योगिक मांग में लगातार वृद्धि देखी जा रही है और टिकाऊ समाधानों की आवश्यकता बढ़ रही है।
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ग्रेविटा इंडिया का विजन 2027 और भविष्य की संभावनाएं
ग्रेविटा इंडिया, जो पहले मुख्य रूप से लेड रीसाइक्लिंग के लिए जानी जाती थी, अब एक व्यापक रीसाइक्लिंग समाधान प्रदाता बनने की ओर अग्रसर है। कॉपर बाजार में प्रवेश, विशेष रूप से ऐसे सेगमेंट में जहां भविष्य की वृद्धि दर बहुत अधिक है, कंपनी के लिए एक महत्वपूर्ण रणनीतिक बदलाव को दर्शाता है। यह कदम न केवल कंपनी के राजस्व को बढ़ाएगा बल्कि इसे सर्कुलर इकोनॉमी में एक महत्वपूर्ण खिलाड़ी के रूप में भी स्थापित करेगा। इस विस्तार से कंपनी को विभिन्न कमोडिटी बाजारों में अपनी पकड़ मजबूत करने और बढ़ती वैश्विक मांग को पूरा करने में मदद मिलेगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।



