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मार्च, 6, 2026
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डिफेंस स्टॉक्स: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारतीय रक्षा कंपनियों में आया बूम!

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Defence Stocks: जब भी वैश्विक भू-राजनीतिक परिस्थितियाँ अस्थिर होती हैं, बाजार की चाल अप्रत्याशित हो जाती है। मौजूदा ईरान-इजरायल युद्ध के मद्देनजर, मिडिल ईस्ट में पनपा तनाव भारतीय शेयर बाजार के एक खास सेक्टर को अप्रत्याशित ऊँचाइयों पर ले जा रहा है – डिफेंस सेक्टर। यह सिर्फ एक अस्थायी उछाल नहीं, बल्कि बढ़ते भू-राजनीतिक जोखिमों के प्रति निवेशकों की बढ़ती दिलचस्पी और सुरक्षा-उन्मुख निवेश रणनीतियों का स्पष्ट संकेत है।

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Defence Stocks: मिडिल ईस्ट तनाव के बीच भारतीय रक्षा कंपनियों में आया बूम!

भारतीय डिफेंस स्टॉक्स में तेज़ी के कारण

ईरान और इजरायल के बीच जारी संघर्ष ने वैश्विक स्तर पर अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिसका सीधा असर रक्षा क्षेत्र की कंपनियों पर दिख रहा है। मझगाँव डॉक शिपबिल्डर्स (Mazagon Dock Shipbuilders) के शेयर शुक्रवार, 6 मार्च को लगभग 9 प्रतिशत उछल गए। यह लगातार दूसरा दिन था जब इस शेयर ने तेजी दर्ज की, और अकेले इसी सप्ताह में इस PSU स्टॉक ने लगभग 15 प्रतिशत की शानदार बढ़त हासिल की। शुक्रवार को बीएसई पर मझगाँव डॉक ने 2398.95 रुपये पर कारोबार शुरू किया और इंट्राडे में 2559 रुपये का उच्चतम स्तर तथा 2373.55 रुपये का निम्नतम स्तर छुआ। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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मझगाँव डॉक के शेयरों में यह उछाल केवल मौजूदा भू-राजनीतिक तनाव के कारण नहीं है, बल्कि इसे भारतीय नौसेना से मिला 99,000 करोड़ रुपये का एक बड़ा कॉन्ट्रैक्ट भी इसकी प्रमुख वजह है। इस महत्वपूर्ण सौदे के तहत, कंपनी को भारतीय नौसेना के लिए 6 अत्याधुनिक पनडुब्बियां बनानी हैं, जो इसकी ऑर्डर बुक को मजबूत करता है। कंपनी द्वारा इस जानकारी को सार्वजनिक करने के बाद से ही बाजार में निवेशकों की रुचि बढ़ी है। इसके अतिरिक्त, हाल ही में अमेरिकी सबमरीन द्वारा एक ईरानी युद्धपोत पर हमला कर उसे डुबोने की खबर ने वैश्विक स्तर पर रक्षा खर्च में वृद्धि की उम्मीदों को और बल दिया है, जिससे निवेशकों का सेंटिमेंट मजबूत हुआ है।

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यह भी पढ़ें:  भारतीय Stock Market धड़ाम: सेंसेक्स और निफ्टी में भारी गिरावट, वैश्विक संकेतों का असर

वास्तव में, युद्ध जैसी स्थितियों में दुनिया भर की सरकारें अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा को प्राथमिकता देते हुए सेना की तैयारियों और उपकरणों पर खर्च बढ़ा देती हैं। इससे रक्षा कंपनियों के लिए बड़े ऑर्डर मिलने की संभावनाएं तेजी से बढ़ती हैं। इसके अलावा, भू-राजनीतिक तनाव भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए निर्यात के नए अवसर भी खोलता है, क्योंकि यदि संघर्ष लंबा खिंचता है, तो अंतरराष्ट्रीय स्तर पर उन्नत तकनीक और हथियारों की मांग बढ़ जाती है। यही वजह है कि ऐसे समय में जब शेयर बाजार में गिरावट का माहौल होता है, निवेशक Defence Stocks को एक सुरक्षित निवेश विकल्प के रूप में देखते हैं। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अन्य रक्षा शेयरों पर भी दिखा असर

हाल के दिनों में पारस डिफेंस (Paras Defense) से लेकर भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (BEL), हिंदुस्तान एयरोनॉटिक्स लिमिटेड (Hindustan Aeronautics) और कोचीन शिपयार्ड (Cochin Shipyard) जैसे अन्य PSU स्टॉक्स में भी इसी तरह की तेजी देखने को मिली है। यह दर्शाता है कि भारतीय रक्षा क्षेत्र न केवल देश की सामरिक जरूरतों को पूरा कर रहा है, बल्कि वैश्विक अनिश्चितताओं के बीच आर्थिक मजबूती का भी एक प्रमुख स्तंभ बन कर उभर रहा है। यह प्रवृत्ति निवेशकों को दीर्घकालिक विकास की संभावनाओं वाले इस सेक्टर की ओर आकर्षित कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

यह उछाल इस बात का प्रमाण है कि भारत की आत्मनिर्भरता और रक्षा उत्पादन क्षमता में वृद्धि हो रही है, जिससे विदेशी आयात पर निर्भरता कम हो रही है और घरेलू उद्योग को प्रोत्साहन मिल रहा है। वैश्विक मंच पर भारत की बढ़ती सामरिक स्थिति भी इसमें एक महत्वपूर्ण कारक है, जो भारतीय रक्षा कंपनियों के लिए अंतरराष्ट्रीय बाजार में अपनी पैठ बनाने के अवसर प्रदान करती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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