back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 5, 2026
spot_img

भारत का निर्यात: नवंबर में रिकॉर्ड उछाल, महंगाई के मोर्चे पर राहत

spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
spot_img
- Advertisement - Advertisement

India Exports: देश की अर्थव्यवस्था के लिए एक अच्छी खबर! नवंबर 2025 के आंकड़े बताते हैं कि भारतीय निर्यात में ज़बरदस्त उछाल आया है, जबकि आयात में गिरावट दर्ज की गई है। इस बीच, थोक मुद्रास्फीति दर का नकारात्मक बने रहना महंगाई के मोर्चे पर मिल रही राहत की पुष्टि करता है। वाणिज्य मंत्रालय द्वारा जारी इन आंकड़ों से भारतीय व्यापार और आर्थिक स्थिरता की नई तस्वीर सामने आई है। सोमवार को जारी सरकारी आंकड़ों के अनुसार, नवंबर में देश का निर्यात 19.37 प्रतिशत बढ़कर 38.13 अरब अमेरिकी डॉलर हो गया, जबकि आयात 1.88 प्रतिशत घटकर 62.66 अरब अमेरिकी डॉलर रह गया।

- Advertisement -

वाणिज्य सचिव राजेश अग्रवाल ने बताया कि नवंबर में हुए निर्यात ने अक्टूबर में हुए नुकसान की भरपाई कर दी। उन्होंने आगे कहा कि 38.13 अरब अमेरिकी डॉलर का यह निर्यात पिछले दस वर्षों में सबसे अधिक है, जो वैश्विक व्यापार में भारत की बढ़ती भूमिका और उत्पादों की मांग को दर्शाता है।

- Advertisement -

नवंबर 2025 में भारत का निर्यात: व्यापार घाटे में सुधार

नवंबर में व्यापार घाटा 24.53 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। अप्रैल से नवंबर के दौरान कुल निर्यात 2.62 प्रतिशत बढ़कर 292.07 अरब अमेरिकी डॉलर तक पहुँच गया, जबकि इसी आठ महीनों की अवधि में आयात 5.59 प्रतिशत बढ़कर 515.21 अरब अमेरिकी डॉलर रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  Stock Market: पॉलीकैब इंडिया को आयकर विभाग का बड़ा झटका, शेयरों में गिरावट क्यों?

इसके साथ ही, भारत में थोक मुद्रास्फीति दर नकारात्मक बनी हुई है, जो आर्थिक मोर्चे पर एक महत्वपूर्ण सकारात्मक संकेत है। यह दर्शाता है कि लागत के स्तर पर वस्तुओं की कीमतें कम हो रही हैं, जिसका अंततः उपभोक्ताओं को भी लाभ मिल सकता है।

थोक मुद्रास्फीति दर: महंगाई में कमी के ठोस संकेत

नवंबर महीने में सालाना आधार पर थोक मुद्रास्फीति दर में 0.32 प्रतिशत की कमी आई। इस गिरावट की मुख्य वजह खनिज तेलों, खाद्य पदार्थों, कच्चे पेट्रोलियम और प्राकृतिक गैस की कीमतों में आई कमी है। अक्टूबर में यह 1.21 प्रतिशत थी और अब 0.32 फीसदी पर आ गई है। हालांकि यह एक मामूली बढ़ोतरी है, लेकिन ओवरऑल मुद्रास्फीति दर कम हुई है। अभी भी थोक महंगाई दर शून्य से नीचे बनी हुई है।

नवंबर के आंकड़ों से स्पष्ट संकेत मिलता है कि महंगाई का सबसे मुश्किल दौर अब पीछे छूट रहा है। यद्यपि खाने-पीने की चीजों की कीमतें अभी भी दबाव बनाए हुए हैं, लेकिन उनमें आई गिरावट पहले के मुकाबले काफी धीमी हो गई है। फूड प्राइस इंडेक्स ने थोक महंगाई को नीचे खींचने में अहम भूमिका निभाई है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1, जो आपको देता है रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

फूड इंडेक्स में नरमी जारी रही, क्योंकि सब्जियों के दाम पहले की तेज गिरावट के बाद अब स्थिर हो गए हैं। आलू और प्याज की कीमत पिछले साल की तुलना में काफी कम रही है, जिससे पता चलता है कि इनकी सप्लाई मजबूत बनी रही। यह किसानों और उपभोक्ताओं दोनों के लिए एक संतुलित स्थिति को इंगित करता है। कुल मिलाकर, ये आंकड़े भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक सकारात्मक दृष्टिकोण प्रस्तुत करते हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

सेमीफाइनल में इंग्लैंड को दूसरा झटका, बुमराह ने हैरी ब्रुक को किया आउट

T20 World Cup: भारत और इंग्लैंड के बीच टी20 वर्ल्ड कप 2026 के दूसरे...

Rani Mukerji की ‘ब्लैक’: एक ऐसी फिल्म जिसने बदल दी थी जिंदगी!

Rani Mukerji News: बॉलीवुड की दिग्गज अदाकारा रानी मुखर्जी ने हाल ही में अपनी...

मध्य पूर्व में CBSE बोर्ड परीक्षाएं रद्द और स्थगित: छात्रों के लिए बड़ी खबर

CBSE Board Exam: मध्य पूर्व के देशों में मौजूदा हालात को देखते हुए केंद्रीय...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें