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फ़रवरी, 19, 2026
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भारत का ग्रेट निकोबार Infrastructure Project: ₹90,000 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

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Infrastructure Project: चीन की बढ़ती समुद्री चुनौतियों और भू-आर्थिक दबावों के बीच, भारत ने एक महत्वाकांक्षी कदम उठाते हुए ग्रेट निकोबार द्वीप पर ₹90,000 करोड़ की एक विशालकाय परियोजना का शुभारंभ किया है। यह केवल एक निर्माण नहीं, बल्कि हिंद महासागर में भारत की रणनीतिक पकड़ को मजबूत करने का एक निर्णायक प्रयास है, जो भारत को वैश्विक व्यापार मार्गों पर एक मजबूत स्थिति दिला सकता है।

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# भारत का ग्रेट निकोबार Infrastructure Project: ₹90,000 करोड़ से बदलेगी तस्वीर

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भारत सरकार ने ग्रेट निकोबार द्वीप पर एक भव्य परियोजना की घोषणा की है, जिसमें लगभग ₹90,000 करोड़ का भारी-भरकम निवेश किया जाएगा। इस कदम को चीन की समुद्री क्षेत्र में बढ़ती उपस्थिति और भू-आर्थिक प्रभाव का मुकाबला करने के लिए एक रणनीतिक उत्तर माना जा रहा है। यह परियोजना भारत को हिंद महासागर का नया सिंगापुर बनाने की दिशा में एक बड़ा कदम साबित हो सकती है, जिससे देश की आर्थिक और सामरिक ताकत में अभूतपूर्व वृद्धि होगी।

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## Infrastructure Project के प्रमुख घटक और रणनीतिक महत्व

इस मेगा परियोजना में कई महत्वपूर्ण घटक शामिल हैं जो द्वीप की क्षमताओं को पूरी तरह से बदल देंगे। इनमें शामिल हैं:
* इंटरनेशनल कंटेनर ट्रांसशिपमेंट टर्मिनल (ICTT)
* ग्रीनफील्ड इंटरनेशनल एयरपोर्ट
* स्मार्ट सिटी
* हाइब्रिड पावर ग्रिड

यह द्वीप मलाका जलडमरूमध्य (Strait of Malacca) के पास एक बेहद रणनीतिक स्थान पर स्थित है, जो इसे भारत के लिए वैश्विक व्यापार मार्गों पर एक मजबूत स्थिति लेने का अवसर प्रदान करता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यह टर्मिनल दुनिया के सबसे व्यस्त शिपिंग लेन में से एक के करीब है, जिससे जहाजों को लंबी दूरी तय किए बिना माल का आदान-प्रदान करने में मदद मिलेगी और यह भारत की समुद्री व्यापार क्षमता को भी बढ़ाएगा।

इस परियोजना से अरबों डॉलर की विदेशी मुद्रा आय (foreign exchange earnings) होने और लाखों नई नौकरियां पैदा होने की उम्मीद है। यह न केवल स्थानीय अर्थव्यवस्था को बढ़ावा देगा बल्कि पूरे क्षेत्र के लिए आर्थिक विकास का इंजन बनेगा। यह भारत के लिए एक गेम-चेंजर साबित हो सकता है, जिससे ग्लोबल ट्रेड में उसकी हिस्सेदारी बढ़ेगी और वह समुद्री शक्ति के रूप में अपनी पहचान मजबूत कर पाएगा।

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## भारत की बदलती भू-आर्थिक रणनीति

यह पहल भारत को केवल एक क्षेत्रीय शक्ति नहीं, बल्कि हिंद महासागर में एक महत्वपूर्ण ग्लोबल ट्रेड हब के रूप में स्थापित करने की दीर्घकालिक दृष्टि का हिस्सा है। इस परियोजना के माध्यम से, भारत का लक्ष्य अपनी भू-आर्थिक रणनीति को मजबूत करना और वैश्विक आपूर्ति श्रृंखलाओं में अपनी भूमिका का विस्तार करना है। यह सुनिश्चित करेगा कि भारत न केवल व्यापारिक गतिविधियों में सक्रिय रहे, बल्कि समुद्री सुरक्षा और स्थिरता बनाए रखने में भी अग्रणी भूमिका निभाए। यह सब देशज टाइम्स बिहार का N0.1 की खबर है।

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ग्रेट निकोबार परियोजना भारत के विकास पथ पर एक मील का पत्थर साबित हो सकती है, जो इसे आर्थिक समृद्धि और रणनीतिक स्वायत्तता की दिशा में ले जाएगी। इससे देश की सुरक्षा मजबूत होगी और अंतरराष्ट्रीय मंच पर उसकी स्थिति और भी सुदृढ़ होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

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