back to top
⮜ शहर चुनें
मार्च, 12, 2026
spot_img

Oil Crisis के बीच भारत में तेल आपूर्ति पर सरकार का बड़ा बयान: घबराहट की जरूरत नहीं!

spot_img
- Advertisement -

Oil Crisis: पश्चिम एशिया में जारी भू-राजनीतिक उथल-पुथल ने वैश्विक तेल बाजारों में अनिश्चितता बढ़ा दी है, जिससे दुनिया भर में Oil Crisis की आशंकाएं गहरा गई हैं। हालांकि, भारत सरकार ने इन चिंताओं को खारिज करते हुए आश्वस्त किया है कि देश में फिलहाल तेल और गैस की आपूर्ति सामान्य और पर्याप्त बनी हुई है।

- Advertisement -

Oil Crisis के बीच भारत में तेल आपूर्ति पर सरकार का बड़ा बयान: घबराहट की जरूरत नहीं!

भारत पर Oil Crisis का असर और सरकार की तैयारी

केंद्रीय पेट्रोलियम मंत्री हरदीप सिंह पुरी ने गुरुवार को संसद में स्पष्ट किया कि देश में तेल और गैस की पर्याप्त उपलब्धता है और घबराहट में लोग गैस की मांग अनावश्यक रूप से बढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी घोषणा की कि वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति आज से फिर शुरू हो जाएगी, और ग्रामीण उपभोक्ताओं को 45 दिनों के भीतर दूसरी बुकिंग की सुविधा मिलेगी। मंत्री के अनुसार, भारत की रिफाइनरियां अपनी पूरी क्षमता पर, यानी 100% उत्पादन पर काम कर रही हैं। “आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।” किसी को भी घबराने की आवश्यकता नहीं है।

- Advertisement -

देश की प्रमुख तेल कंपनी इंडियन ऑयल कॉर्पोरेशन ने भी बयान जारी कर देशभर में ईंधन की निर्बाध आपूर्ति का आश्वासन दिया है। कंपनी ने कहा कि उसके सभी फ्यूल स्टेशन सामान्य रूप से काम कर रहे हैं और पेट्रोल-डीजल की पर्याप्त आपूर्ति जारी है। कंपनी ने लोगों से अपील की है कि वे केवल विश्वसनीय जानकारी पर भरोसा करें और अफवाहों से बचें।

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: क्यों सहमा भारतीय बाजार और आगे क्या?

भारत अपनी कुल तेल जरूरतों का लगभग 80% आयात करता है, जिससे यह वैश्विक ऊर्जा बाजार में किसी भी अस्थिरता के प्रति संवेदनशील हो जाता है। ऐसे में, देश की ऊर्जा सुरक्षा सुनिश्चित करना एक बड़ी चुनौती है।

यहां कुछ प्रमुख बिंदु दिए गए हैं जो वर्तमान स्थिति को उजागर करते हैं:
* भारत अपनी 80% तेल जरूरतों के लिए आयात पर निर्भर है।
* सभी भारतीय रिफाइनरियां 100% क्षमता पर कार्य कर रही हैं।
* वाणिज्यिक एलपीजी सिलेंडरों की आपूर्ति आज से पुनः शुरू होगी।
* ग्रामीण क्षेत्रों में उपभोक्ता 45 दिनों में दूसरी एलपीजी बुकिंग कर सकेंगे।

वैश्विक आपूर्ति बनाए रखने के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी कई कदम उठाए गए हैं। संयुक्त राज्य अमेरिका ने अपने सामरिक पेट्रोलियम भंडार (Strategic Petroleum Reserve) से 172 मिलियन बैरल कच्चा तेल जारी किया है। वहीं, इंटरनेशनल एनर्जी एजेंसी (IEA) ने घोषणा की है कि उसके सदस्य देश आपातकालीन भंडार से 400 मिलियन बैरल तेल बाजार में जारी करेंगे। यह 1973 के तेल संकट के बाद छठी बार है जब इस संगठन ने वैश्विक तेल आपूर्ति को स्थिर रखने के लिए ऐसा कदम उठाया है। “आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।” देश की ऊर्जा सुरक्षा को बनाए रखने के लिए सरकार लगातार प्रयास कर रही है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

पश्चिम एशिया में बढ़ता तनाव और वैश्विक प्रभाव

पश्चिम एशिया में तनाव 28 मार्च को उस समय बढ़ा जब इजरायल ने ईरान पर हवाई हमले किए। अब इस संघर्ष को लगभग दो सप्ताह हो चुके हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि यह युद्ध लंबा चलता है, तो वैश्विक तेल आपूर्ति और कीमतों पर इसका बड़ा असर पड़ सकता है। इसका सीधा प्रभाव भारत सहित कई देशों की अर्थव्यवस्था पर दिखाई दे सकता है। वर्तमान में, वैश्विक तेल बाजार में स्थिरता बनाए रखने के लिए अंतर्राष्ट्रीय समुदाय के प्रयास जारी हैं। भारत सरकार की ओर से लगातार निगरानी की जा रही है ताकि देश में ईंधन की कीमतों और आपूर्ति पर कोई प्रतिकूल प्रभाव न पड़े। “आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।”

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

Kuldeep Yadav Wedding: कुलदीप यादव और वंशिका की शाही शादी, जानें पूरी डिटेल

Kuldeep Yadav Wedding: भारतीय क्रिकेट टीम के स्टार स्पिनर कुलदीप यादव जल्द ही अपनी...

कृतिका कामरा के पति गौरव कपूर की एक्स वाइफ ने चुराया सबका दिल, 42 की उम्र में भी हैं बेहद ग्लैमरस

Kritika Kamra News: टीवी और बॉलीवुड की दुनिया में सितारों की पर्सनल लाइफ हमेशा...

घर में चांदी की मछली रखने के Vastu Tips: धन और समृद्धि के लिए

Vastu Tips: भारतीय संस्कृति में वास्तु शास्त्र का अपना एक विशेष महत्व है, जो...

टी20 विश्व कप में Jasprit Bumrah का जलवा: क्यों हैं वो चुनौतियों के बादशाह!

Jasprit Bumrah: भारतीय क्रिकेट के 'बूम-बूम' जसप्रीत बुमराह जब मैदान पर उतरते हैं, तो...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें