back to top
⮜ शहर चुनें
फ़रवरी, 14, 2026
spot_img

अमेरिका-भारत व्यापार समझौता: कैसे बदलेगी Indian Economy की तस्वीर, गोल्डमैन सैक्स का बड़ा अनुमान

spot_img
- Advertisement - Advertisement

Indian Economy: एक साल से अधिक समय तक चली गहन वार्ताओं के बाद, भारत और अमेरिका ने आखिरकार एक महत्वपूर्ण व्यापार समझौते को अंतिम रूप दे दिया है, जिसने भारतीय उत्पादों पर अमेरिकी आयात शुल्क को घटाकर 18% कर दिया है। इस ऐतिहासिक कदम के बाद, दिग्गज ब्रोकरेज फर्म गोल्डमैन सैक्स ने भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक बेहद सकारात्मक मैक्रोइकोनॉमिक दृष्टिकोण प्रस्तुत किया है।

- Advertisement -

अमेरिका-भारत व्यापार समझौता: कैसे बदलेगी Indian Economy की तस्वीर, गोल्डमैन सैक्स का बड़ा अनुमान

Indian Economy पर टैरिफ कटौती का सीधा असर: गोल्डमैन का GDP अनुमान

गोल्डमैन सैक्स की नवीनतम रिपोर्ट में इस बात पर प्रकाश डाला गया है कि इस व्यापार समझौते के प्रभावी होने से भारत के लिए टैरिफ दरों में उल्लेखनीय कमी आएगी, जिससे यह 15-19 प्रतिशत टैरिफ दायरे वाले अन्य प्रमुख एशियाई देशों के समकक्ष आ जाएगा। देश की आर्थिक वृद्धि पर इस डील के प्रभाव का आकलन करते हुए, गोल्डमैन सैक्स ने अपने विश्लेषण में कहा है कि, “हमारा अनुमान है कि यदि नए, कम टैरिफ दरें लागू होती हैं, तो भारत की वार्षिक सकल घरेलू उत्पाद (GDP) में लगभग 0.2 प्रतिशत की वृद्धि हो सकती है।” यह अनुमान भारत के कुल सकल घरेलू उत्पाद के लगभग 4 प्रतिशत के बराबर गुड्स एक्सपोर्ट एक्सपोजर और अमेरिकी अंतिम मांग व गुड्स एक्सपोर्ट डिमांड इलास्टिसिटी के लगभग 0.7 पर आधारित है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

निवेश के माहौल पर टिप्पणी करते हुए, रिपोर्ट में स्पष्ट रूप से कहा गया है कि इस व्यापार समझौते के सफलतापूर्वक संपन्न होने से व्यापार-नीति से जुड़ी अनिश्चितताएं कम होंगी, जिससे निजी निवेश के इरादों में महत्वपूर्ण सुधार होगा। रिपोर्ट में आगे कहा गया है कि कैलेंडर वर्ष 2026 की दूसरी छमाही में निजी पूंजीगत व्यय (कैपेक्स) में संभावित सुधार से वास्तविक GDP वृद्धि को और बढ़ावा मिल सकता है। इन सभी सकारात्मक कारकों को ध्यान में रखते हुए, गोल्डमैन सैक्स ने कहा, “कुल मिलाकर, हम अपने CY26 के वास्तविक GDP वृद्धि के अनुमान को 20 आधार अंक बढ़ाकर 6.9 प्रतिशत वार्षिक कर रहे हैं।” रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

- Advertisement -
यह भी पढ़ें:  लोन रिकवरी: अब ग्राहकों को डरा-धमका नहीं पाएंगे रिकवरी एजेंट, RBI ने जारी किए सख्त दिशा-निर्देश

बाहरी संतुलन और वित्तीय स्थिरता पर प्रभाव

बाहरी संतुलन के दृष्टिकोण से, रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि भारतीय निर्यात पर टैरिफ कम होने से 2026 तक चालू खाता घाटा (CAD) जीडीपी के लगभग 0.25 प्रतिशत से कम होकर 0.8 प्रतिशत हो जाने का अनुमान है। यह भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए एक और सकारात्मक संकेत है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। गोल्डमैन सैक्स ने यह भी कहा कि व्यापारिक तनाव कम होने से देश की वित्तीय स्थितियाँ और बेहतर हो सकती हैं। पूंजी प्रवाह में संभावित सुधार से भारतीय रुपये पर मौजूद दबाव भी कुछ हद तक कम होगा, जिससे आर्थिक स्थिरता को बल मिलेगा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।

- Advertisement -

जरूर पढ़ें

T20 World Cup: कप्तान टकर की तूफानी पारी, आयरलैंड ने ओमान को दिया 236 रनों का लक्ष्य!

T20 World Cup: क्रिकेट प्रेमियों! तैयार हो जाइए एक और रोमांचक मुकाबले की गर्माहट...

महाशिवरात्रि 2026: महादेव की कृपा का महापर्व

Mahashivratri 2026: फाल्गुन मास की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मनाया जाने वाला...

ओ रोमियो: शाहिद कपूर की फिल्म ने वैलेंटाइन डे पर रचा इतिहास, Box Office Collection ने तोड़े सारे रिकॉर्ड!

Box Office Collection News: विशाल भारद्वाज और शाहिद कपूर की जोड़ी ने एक बार...

नई Hyundai Verna Facelift का अनावरण: डिजाइन और दमदार फीचर्स से मचाएगी धमाल!

Hyundai Verna Facelift: भारतीय ऑटोमोबाइल बाजार में सेडान सेगमेंट हमेशा से महत्वपूर्ण रहा है,...
error: कॉपी नहीं, शेयर करें