

Share Market: शुक्रवार को भी भारतीय शेयर बाजार में कमजोरी का सिलसिला जारी रहा, जिसने निवेशकों की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। गुरुवार की भारी गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन भी सेंसेक्स और निफ्टी ने लाल निशान में कारोबार की शुरुआत की, जिससे बाजार में अनिश्चितता का माहौल गहरा गया है।
भारतीय शेयर बाजार में बड़ी गिरावट: शेयर मार्केट में हाहाकार, निवेशक चिंतित
गुरुवार की भारी गिरावट के बाद हफ्ते के आखिरी कारोबारी दिन शुक्रवार को भारतीय शेयर बाजार की शुरुआत कमजोर रही। बीएसई सेंसेक्स 225 अंक लुढ़ककर 82272 के स्तर पर खुला, जबकि एनएसई निफ्टी 47 अंक फिसलकर 25406 के स्तर पर कारोबार की शुरुआत की। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
पिछले कारोबारी दिन, गुरुवार को एनएसई निफ्टी 50 में 365 अंक या 1.41 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई थी, और यह 25454 पर बंद हुआ। वहीं, बीएसई सेंसेक्स 1236 अंक या 1.48 प्रतिशत गिरकर 82498 के स्तर पर बंद हुआ था।
शेयर मार्केट में गिरावट के मुख्य कारण
अमेरिका-ईरान के बीच बढ़ते तनाव और वॉल स्ट्रीट में रातोंरात हुई गिरावट के बाद शुक्रवार को अधिकांश एशियाई बाजारों में कमजोरी का रुख देखा गया। जापान का निक्केई 225 इंडेक्स 1.04 प्रतिशत नीचे रहा, जबकि टॉपिक्स भी 1.12 प्रतिशत की गिरावट के साथ ट्रेड करता नजर आया। इसके विपरीत, दक्षिण कोरिया का कोस्पी 0.66 प्रतिशत बढ़ा, हालांकि स्मॉल-कैप कोस्डैक में 0.19 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। चंद्र नव वर्ष की छुट्टी के कारण चीन और हांगकांग के बाजार बंद रहे।
गुरुवार को अमेरिकी शेयर बाजार भी गिरावट के साथ बंद हुए। इस दौरान निवेशकों की नजरें अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव पर टिकी रहीं। डॉव जोन्स इंडस्ट्रियल एवरेज 267.50 अंक या 0.54 प्रतिशत गिरकर 49,395.16 पर बंद हुआ। वहीं, एसएंडपी 500 में 0.28 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई और यह 6,861.89 पर बंद हुआ। नैस्डैक कंपोजिट भी 0.31 प्रतिशत लुढ़ककर 22,682.73 पर आ गया।
वैश्विक बाजारों पर तनाव का असर
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। गुरुवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने खुलेआम ईरान को चेतावनी देते हुए कहा कि वह जल्द से जल्द परमाणु समझौता करें, अन्यथा उसे गंभीर परिणाम भुगतने होंगे। ट्रंप ने इसके लिए ईरान को 10-15 दिन की समय-सीमा भी दी है। इस पर ईरान ने भी धमकी दी कि अगर हमला हुआ तो वह अपने यहां अमेरिकी बेस पर जवाबी कार्रवाई करेगा। मध्य-पूर्व में अमेरिकी सेना की भारी तैनाती के बीच युद्ध का खतरा और बढ़ गया है, जिससे वैश्विक अर्थव्यवस्था पर नकारात्मक प्रभाव पड़ने की आशंका है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
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यह स्थिति वैश्विक बाजारों के लिए चिंता का विषय बनी हुई है, और निवेशकों को सलाह दी जा रही है कि वे सावधानीपूर्वक कदम उठाएं। बाजार की यह अस्थिरता कब तक बनी रहती है, यह देखने वाली बात होगी। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


