
Share Market: भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एक शानदार उछाल दर्ज किया, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने जबरदस्त मजबूती के साथ संकेत दिए कि बाजार में खरीदारी का उत्साह लौट आया है।
भारतीय शेयर मार्केट: सेंसेक्स में 500 अंकों का उछाल, निफ्टी ने छुआ नया शिखर
शेयर मार्केट में मौजूदा उछाल के प्रमुख कारण
भारतीय शेयर बाजार ने सोमवार को एक शानदार उछाल दर्ज किया, जिससे निवेशकों के चेहरे खिल उठे। शुरुआती कारोबार में प्रमुख सूचकांकों ने जबरदस्त मजबूती के साथ संकेत दिए कि बाजार में खरीदारी का उत्साह लौट आया है। बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज (BSE) का प्रमुख सूचकांक सेंसेक्स करीब 500 अंकों की जबरदस्त बढ़त के साथ कारोबार कर रहा था, वहीं नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (NSE) का निफ्टी 50 भी 168.40 अंक चढ़कर 25,862.10 के नए स्तर पर पहुंच गया। इस तेजी के पीछे वैश्विक स्तर पर मिले सकारात्मक संकेत, विदेशी निवेशकों की वापसी और विशेष रूप से PSU बैंकिंग शेयरों का दमदार प्रदर्शन रहा है।
बाजार की इस तेजी में विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) की मजबूत खरीदारी ने अहम भूमिका निभाई है। आंकड़ों के अनुसार, 6 फरवरी को FIIs ने 1,950.77 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जो 5 फरवरी को की गई 2,150.51 करोड़ रुपये की बिकवाली के बाद एक महत्वपूर्ण बदलाव है। महीने की शुरुआत में 3 फरवरी को उन्होंने 5,236.28 करोड़ रुपये की बड़ी खरीदारी की थी, जबकि 4 फरवरी को उनका रुख लगभग तटस्थ रहा, जिसमें उन्होंने 29.79 करोड़ रुपये की छोटी खरीदारी की। इस महीने अब तक FIIs ने कुल 93,250.26 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे हैं और 90,604.73 करोड़ रुपये के शेयर बेचे हैं। विदेशी निवेशकों की यह लगातार वापसी बाजार पर निवेशकों का भरोसा मजबूत कर रही है और बेंचमार्क इंडेक्स को ऊपर ले जाने में मदद कर रही है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
भारत और अमेरिका के बीच हाल ही में संपन्न हुई व्यापारिक डील (India-US trade deal) ने भी बाजार को सहारा दिया है। इस समझौते से भारतीय कंपनियों, विशेषकर निर्यात-उन्मुख क्षेत्रों को बड़े पैमाने पर लाभ होने की उम्मीद है। ब्रोकरेज फर्म बर्नस्टीन के विश्लेषण के अनुसार, यह डील भारतीय इक्विटी बाजार के लिए सकारात्मक है। इससे ऑटो कंपोनेंट बनाने वाली कंपनियों को विशेष फायदा हो सकता है, जबकि फार्मास्युटिकल सेक्टर को संभावित डाउनसाइड जोखिमों से सुरक्षा मिल सकती है।
ब्रोकरेज ने यह भी कहा कि टैरिफ में कमी से अमेरिका के साथ भारत के व्यापार संतुलन में सुधार होगा, जो पहले लगे टैरिफ की वजह से कमजोर हो गया था। बेहतर निर्यात प्रवाह से डॉलर के प्रवाह को समर्थन मिलेगा, जिससे भुगतान संतुलन मजबूत होगा और भारतीय रुपये को भी हल्का सहारा मिलने की उम्मीद है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
सोमवार के कारोबारी सत्र में सरकारी बैंकों के शेयरों में आई जबरदस्त तेजी ने बाजार को नई ऊंचाई दी है। PSU बैंकिंग सेक्टर के शेयर आज के टॉप गेनर्स में से थे, जिससे पूरे मार्केट को मजबूती मिली। विशेष रूप से, स्टेट बैंक ऑफ इंडिया (SBI) के शेयरों ने 9 फरवरी को लगभग 7 प्रतिशत की रिकॉर्ड-उच्च बढ़त दर्ज की। दिसंबर तिमाही में उम्मीदों से कहीं बेहतर प्रदर्शन के कारण इसके नेट प्रॉफिट में 24 प्रतिशत की वृद्धि हुई, जिससे निवेशकों का भरोसा बढ़ा। इसके बाद कई ब्रोकरेज फर्मों ने SBI के लिए अपने टारगेट प्राइस बढ़ा दिए, जिसने स्टॉक में तेज बढ़ोतरी को सपोर्ट किया। आज PSU बैंकिंग सेक्टर की रैली का नेतृत्व SBI ने ही किया।
सरकारी बैंकों का शानदार प्रदर्शन
सुबह के कारोबार में निफ्टी PSU बैंक इंडेक्स ने 3.52 प्रतिशत की प्रभावशाली बढ़त हासिल की, जिसमें SBI 6.70 प्रतिशत की छलांग लगाकर सबसे ऊपर रहा। इसके अलावा, इंडियन बैंक के शेयरों में 3.48 प्रतिशत, बैंक ऑफ इंडिया के शेयरों में 3.32 प्रतिशत, सेंट्रल बैंक ऑफ इंडिया में 2.38 प्रतिशत और यूको बैंक के शेयरों में 2.24 प्रतिशत का उछाल देखा गया। पंजाब एंड सिंध बैंक में 2.18 प्रतिशत, यूनियन बैंक ऑफ इंडिया में 1.53 प्रतिशत, केनरा बैंक में 1.52 प्रतिशत, पंजाब नेशनल बैंक में 1.42 प्रतिशत, बैंक ऑफ बड़ौदा में 1.37 प्रतिशत और बैंक ऑफ महाराष्ट्र में 1.08 प्रतिशत की बढ़ोतरी दर्ज की गई। यह दर्शाता है कि सरकारी बैंक अब बाजार में एक महत्वपूर्ण ड्राइविंग फोर्स बन रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। निवेशकों के लिए यह संकेत है कि भारतीय अर्थव्यवस्था के बुनियादी ढांचे में सुधार हो रहा है, जिसका सीधा असर इन बैंकों के प्रदर्शन पर दिख रहा है।





