

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में बीते कारोबारी सप्ताह का अंतिम दिन एक बड़ी गिरावट के साथ समाप्त हुआ। प्रमुख बेंचमार्क इंडेक्स में आई जबरदस्त गिरावट ने बाजार में हाहाकार मचा दिया, जिससे करोड़ों रुपये का पूंजीगत नुकसान हुआ और अनिश्चितता का माहौल गहरा गया। सेंसेक्स 961.42 अंक फिसलकर 81,287.19 के स्तर पर बंद हुआ, वहीं निफ्टी में भी 317.90 अंकों की भारी गिरावट दर्ज की गई और यह 25,178.65 के स्तर पर सिमट गया। इस एक ही दिन में करीब 5.5 लाख करोड़ रुपये बाजार से साफ हो गए। FMCG, ऑटो, रियल्टी और फार्मा जैसे प्रमुख सेक्टर के शेयरों में जोरदार बिकवाली देखी गई, जिसने बाजार के सेंटीमेंट को बुरी तरह प्रभावित किया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।
Stock Market में गिरावट के प्रमुख कारण
बाजार में इस अप्रत्याशित गिरावट के पीछे कई वैश्विक और घरेलू कारण जिम्मेदार रहे, जिन्होंने मिलकर निवेशकों के आत्मविश्वास को हिला दिया। आइए जानते हैं वे कौन से प्रमुख कारक थे:
- **अमेरिका-ईरान विवाद से बढ़ी अनिश्चितता:** गुरुवार को अमेरिका और ईरान के बीच न्यूक्लियर प्रोग्राम को लेकर हुई बातचीत का कोई सकारात्मक परिणाम नहीं निकला। दोनों देशों के बीच तनावपूर्ण संबंध बरकरार हैं। ऐसे में अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की सरकार द्वारा एक बड़ा एयरक्राफ्ट और वॉरशिप बेड़ा इकट्ठा करने की बात ने भू-राजनीतिक अनिश्चितता को और बढ़ा दिया है। इस वैश्विक तनाव के कारण बाजार से दूरी बनी।
- **भारतीय रुपये की कमजोर पड़ती चाल:** डॉलर के मुकाबले भारतीय रुपये की चाल कमजोर पड़ गई। कारोबारी दिन की शुरुआत में रुपया 90.9475 डॉलर पर खुला, लेकिन विदेशी पूंजी की बिकवाली और घरेलू शेयर बाजारों में कमजोरी के कारण इस पर भारी दबाव देखा गया। रुपये का कमजोर होना भी बाजार के लिए एक नकारात्मक संकेत साबित हुआ।
- **विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली:** विदेशी संस्थागत निवेशकों (FIIs) ने पिछले कारोबारी दिन सुबह करीब 3,466 करोड़ रुपए के शेयर बेचे थे, जिसका सीधा असर आज के बाजार पर दिखा। इन निवेशकों की लगातार बिकवाली भारतीय बाजारों के लिए एक चिंता का विषय बनी हुई है और यह गिरावट का एक प्रमुख कारण भी रही।
- **वैश्विक बाजारों में कमजोरी का असर:** सिर्फ भारत ही नहीं, बल्कि वैश्विक बाजार भी दबाव में थे। अमेरिका के वॉल स्ट्रीट का टेक-हैवी नैस्डैक कंपोजिट इंडेक्स गुरुवार को गिरावट के साथ बंद हुआ था। दुनिया की दिग्गज टेक्नोलॉजी कंपनियों के शेयरों में भी भारी गिरावट देखने को मिली, जिसका सीधा प्रभाव भारतीय बाजारों तक भी पहुंचा। एनवीडिया के शेयर 5 फीसदी तक लुढ़क गए, वहीं अल्फाबेट के शेयर में करीब 2 फीसदी और अमेजन के शेयर में करीब 1 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई। यह वैश्विक कमजोरी भारतीय बाजार के लिए एक बड़ा ट्रिगर साबित हुई। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें
आगे की राह और निवेशकों के लिए सलाह
बाजार विशेषज्ञों का मानना है कि वैश्विक भू-राजनीतिक तनाव और रुपये की कमजोरी निकट भविष्य में भी बाजार पर दबाव बनाए रख सकती है। ऐसे में निवेशकों को सतर्कता बरतने और सोच-समझकर निवेश करने की सलाह दी जाती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। वर्तमान में, अस्थिरता के इस माहौल में, मजबूत फंडामेंटल वाली कंपनियों में निवेश और लंबी अवधि के दृष्टिकोण के साथ चलना फायदेमंद साबित हो सकता है।




