

Stock Market: भारतीय शेयर बाजार ने आईटी सेक्टर की दिग्गज कंपनियों में तेज गिरावट के बावजूद बुधवार को मामूली बढ़त के साथ कारोबार का समापन किया। यह दिखाता है कि एक तरफ जहाँ प्रौद्योगिकी शेयरों पर अनिश्चितता का बादल मंडरा रहा है, वहीं बाजार के अन्य क्षेत्रों में मजबूत खरीदारी ने सूचकांकों को सहारा दिया। निवेशकों के लिए यह एक संकेत है कि मौजूदा आर्थिक परिदृश्य में विभिन्न सेक्टर्स के प्रदर्शन में भारी अंतर देखने को मिल सकता है, जहाँ सावधानी के साथ अवसरों को तलाशने की आवश्यकता है।
# आईटी दिग्गजों की गिरावट के बावजूद भारतीय Stock Market में मामूली उछाल, जानें बड़े कारण
## उतार-चढ़ाव भरे दिन में Stock Market का प्रदर्शन और प्रमुख घटक
बीएसई का 30 शेयरों वाला सेंसेक्स 78.56 अंक यानी 0.09 प्रतिशत की बढ़त के साथ 83,817.69 अंक पर बंद हुआ। वहीं, एनएसई का निफ्टी भी 48.45 अंक यानी 0.19 प्रतिशत चढ़कर 25,776 अंक पर पहुँच गया। दिनभर के कारोबार में सेंसेक्स ने 83,947.53 का उच्च स्तर और 83,119.95 का निचला स्तर छुआ, जिससे करीब 828 अंकों का बड़ा उतार-चढ़ाव देखने को मिला। बाजार की इस अस्थिरता के बीच, इटर्नल, ट्रेंट, एनटीपीसी, अदाणी पोर्ट्स, पावर ग्रिड और मारुति सुजुकी जैसी कंपनियों के शेयर लाभ में रहे। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। अमेरिकी डॉलर के मुकाबले रुपये की कमजोरी और कच्चे तेल की बढ़ती कीमतें बाजार की धारणा पर असर डाल रही थीं, इसके बावजूद चुनिंदा शेयरों में मजबूती ने सूचकांकों को बढ़त बनाए रखने में मदद की।
## आईटी सेक्टर पर कृत्रिम मेधा का गहराता साया
इसके ठीक विपरीत, आईटी सेक्टर में भारी बिकवाली देखने को मिली। इन्फोसिस, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (टीसीएस), एचसीएल टेक और टेक महिंद्रा के शेयरों में सात प्रतिशत तक की गिरावट दर्ज की गई, जिससे ये कंपनियां नुकसान में रहीं। प्रमुख आईटी कंपनियों में इस तेज गिरावट के चलते बीएसई आईटी सूचकांक 5.49 प्रतिशत टूटकर 35,109.51 अंक पर बंद हुआ। एनरिच मनी के सीईओ पोनमुडी आर. ने इस पर टिप्पणी करते हुए कहा कि तेल एवं गैस, टिकाऊ उपभोक्ता सामान, धातु और ऑटो शेयरों में मजबूती दिखी, लेकिन वैश्विक टेक शेयरों की कमजोरी के कारण आईटी सेक्टर पर दबाव बना रहा। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। उन्होंने आगे जोड़ा कि एआई स्टार्टअप एंथ्रोपिक द्वारा एक ऐसा नया टूल पेश किया गया है जो पूरी कार्यप्रणाली को स्वचालित कर सकता है। इस खबर से यह चिंता बढ़ गई है कि कृत्रिम मेधा की तेज प्रगति पारंपरिक सॉफ्टवेयर बिजनेस मॉडल को गंभीर रूप से प्रभावित कर सकती है।
निवेशकों की गतिविधियों पर नज़र डालें तो, मंगलवार को विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 5,236.28 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 1,014.24 करोड़ रुपये का निवेश किया। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें। एशियाई बाजारों की बात करें तो, दक्षिण कोरिया का कॉस्पी, चीन का शंघाई कंपोजिट और हांगकांग का हैंगसेंग बढ़त में बंद हुए, जबकि जापान का निक्की गिरावट के साथ समाप्त हुआ। यूरोपीय बाजार दोपहर के कारोबार में मिले-जुले रुख में थे।
वैश्विक मोर्चे पर, अमेरिकी बाजार मंगलवार को गिरावट के साथ बंद हुए। अंतरराष्ट्रीय बाजार में ब्रेंट क्रूड 0.36 प्रतिशत की तेजी के साथ 67.57 डॉलर प्रति बैरल पर पहुँच गया। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के शोध प्रमुख विनोद नायर के अनुसार, अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते तनाव के कारण निवेशक सतर्क रुख अपना रहे हैं, जिससे बाजार में उतार-चढ़ाव का माहौल बना हुआ है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1।


