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फ़रवरी, 13, 2026
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आईटी स्टॉक्स में भारी गिरावट: भारतीय शेयर बाजार में आया भूचाल, जानें क्यों?

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Stock Market: भारतीय शेयर बाजार में पिछले कुछ दिनों से जारी वैश्विक उठापटक का असर अब गहराता जा रहा है। हालिया कारोबारी सत्रों में आईटी शेयरों पर भारी दबाव और अन्य सेक्टरों में तेज बिकवाली ने निवेशकों की चिंताएं बढ़ा दी हैं, जिससे बाजार में भारी गिरावट दर्ज की गई। वैश्विक बाजारों में अनिश्चितता के कारण घरेलू शेयर बाजार में शुक्रवार को बड़ी गिरावट देखने को मिली। पिछले तीन कारोबारी दिनों में आईटी स्टॉक्स ने अपनी बाजार पूंजीकरण में लगभग छह लाख करोड़ रुपये गंवा दिए हैं, जो सेक्टर के लिए एक गंभीर संकेत है। हफ्ते के आखिरी दिन, बीएसई का 30 शेयरों वाला संवेदी सूचकांक सेंसेक्स 1,048.16 अंक यानी 1.25 प्रतिशत लुढ़ककर 82,626.76 पर बंद हुआ। वहीं, नेशनल स्टॉक एक्सचेंज (एनएसई) का निफ्टी भी 336.10 अंक यानी 1.30 प्रतिशत टूटकर 25,471.10 के स्तर पर आ गया। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। कारोबार के दौरान सेंसेक्स में 1,140 अंक से अधिक और निफ्टी में 360 अंक से ज्यादा की गिरावट आई थी, जिसने निवेशकों को सकते में डाल दिया।

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इस भारी बिकवाली का असर मिडकैप शेयरों पर भी स्पष्ट दिखा। बीएसई मिडकैप का कुल बाजार पूंजीकरण एक ही दिन में 6.83 लाख करोड़ रुपये घटकर 465.31 लाख करोड़ रुपये रह गया, जो पहले 472.48 लाख करोड़ रुपये था। यह आंकड़ों की गिरावट बाजार की समग्र कमजोर धारणा को दर्शाती है।

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भारतीय शेयर बाजार में गिरावट की मुख्य वजहें

बाजार में इस बड़े कोहराम की सबसे बड़ी वजह धातु, आईटी और जिंस शेयरों में हुई ताबड़तोड़ बिकवाली रही। जियोजीत इन्वेस्टमेंट्स लिमिटेड के विनोद नायर के मुताबिक, आगामी अमेरिकी मुद्रास्फीति आंकड़ों से पहले कमजोर वैश्विक संकेतों और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) से जुड़ी आशंकाओं ने निवेशकों का रुख सतर्क कर दिया है। एआई के कारण भारतीय आईटी सेक्टर पर पड़ने वाले संभावित असर की चिंता भी बाजार पर भारी पड़ रही है। इसके अलावा, धातु शेयरों में मुनाफावसूली ने भी दबाव बढ़ाने का काम किया है।

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सेंसेक्स की 30 प्रमुख कंपनियों में से 28 के शेयर लाल निशान में बंद हुए। इनमें हिंदुस्तान यूनिलीवर, टाइटन कंपनी, टाटा स्टील, अडानी पोर्ट्स, टाटा कंसल्टेंसी सर्विसेज (TCS), रिलायंस इंडस्ट्रीज, एचडीएफसी बैंक और एचसीएल टेक्नोलॉजीज जैसे दिग्गज शेयरों में उल्लेखनीय गिरावट दर्ज की गई। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। सिर्फ बजाज फाइनेंस और भारतीय स्टेट बैंक (SBI) ही बढ़त के साथ बंद होने में कामयाब रहे, जो बाजार की व्यापक कमजोरी के बीच एक अपवाद रहे।

वैश्विक बाजार और निवेशकों का रुझान

घरेलू बाजार के साथ-साथ एशियाई बाजारों में भी कमजोरी का रुख रहा। हैंग सेंग इंडेक्स, शंघाई कम्पोजिट, निक्केई 225 और कोस्पी जैसे प्रमुख सूचकांक नुकसान में रहे। अमेरिकी बाजार भी एक दिन पहले करीब दो प्रतिशत तक गिरकर बंद हुए थे, जिससे वैश्विक आर्थिक परिदृश्य पर चिंताएं बढ़ गई हैं।

हालांकि, इन सबके बीच विदेशी संस्थागत निवेशकों (एफआईआई) ने 108.42 करोड़ रुपये की शुद्ध खरीदारी की, जबकि घरेलू संस्थागत निवेशकों (डीआईआई) ने 276.85 करोड़ रुपये के शेयर खरीदे। यह दर्शाता है कि कुछ निवेशक मौजूदा गिरावट को खरीदारी के अवसर के रूप में देख रहे हैं। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इस बीच, वैश्विक तेल मानक ब्रेंट क्रूड 0.32 प्रतिशत बढ़कर 67.81 डॉलर प्रति बैरल पर पहुंच गया, जो कच्चे तेल की कीमतों में स्थिरता या मामूली वृद्धि का संकेत देता है।

कुल मिलाकर, वैश्विक अनिश्चितता, एआई तकनीक के संभावित प्रभाव को लेकर चिंताएं और विभिन्न सेक्टरों में हुई तेज बिकवाली ने भारतीय बाजारों पर भारी दबाव बना दिया है। निवेशकों को सलाह दी जाती है कि वे मौजूदा बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानीपूर्वक निवेश करें। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

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