
नई दिल्ली: देश की सबसे बड़ी एयरलाइन इंडिगो की ऑपरेशनल दिक्कतों के कारण लगातार फ्लाइट्स रद्द हो रही हैं। इस अव्यवस्था का फायदा उठाते हुए, कई अन्य एयरलाइनों ने घरेलू उड़ानों के किराए में अचानक भारी वृद्धि कर दी, जिससे यात्रियों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। स्थिति को नियंत्रण में लाने के लिए, नागरिक उड्डयन मंत्रालय (MoCA) ने हस्तक्षेप करते हुए एयरलाइनों के किराए पर लगाम कसी है।
इंडिगो, जो दिसंबर के पहले सप्ताह से ही परिचालन संबंधी समस्याओं से जूझ रही है, के कारण हजारों यात्री प्रभावित हुए हैं। कई शहरों से उड़ानें रद्द होने या विलंबित होने की खबरें आ रही हैं। इस संकट को अवसर में बदलते हुए, कुछ एयरलाइनों ने घरेलू उड़ानों के टिकट की कीमतें अप्रत्याशित रूप से बढ़ा दीं। अंतिम समय में टिकट खरीदने वाले यात्रियों को सामान्य से कई गुना अधिक भुगतान करना पड़ रहा है।
किराए में बेतहाशा वृद्धि पर सरकार की पैनी नजर
अचानक बढ़े किराए पर लगाम लगाने के लिए नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने अपनी आपातकालीन नियामक शक्तियों का इस्तेमाल किया है। मंत्रालय ने सभी एयरलाइनों को निर्देश दिया है कि वे परिचालन सामान्य होने तक प्रभावित मार्गों पर तय किराए की सीमा का सख्ती से पालन करें।
यात्रियों को शोषण से बचाने के लिए सरकारी हस्तक्षेप
मंत्रालय ने एक आधिकारिक बयान जारी कर कहा, “नागरिक उड्डयन मंत्रालय ने कुछ एयरलाइनों द्वारा वर्तमान परिचालन संबंधी दिक्कतों के दौरान अत्यधिक हवाई किराया वसूलने संबंधी चिंताओं को गंभीरता से लिया है। यात्रियों को किसी भी प्रकार की अवसरवादी मूल्य निर्धारण से बचाने के लिए, मंत्रालय ने सभी प्रभावित मार्गों पर उचित और वहनीय किराए सुनिश्चित करने के लिए अपनी नियामक शक्तियों का प्रयोग किया है।”
मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि किराए की यह सीमा तब तक लागू रहेगी जब तक कि स्थिति पूरी तरह से सामान्य नहीं हो जाती। इस कदम का मुख्य उद्देश्य बाजार में मूल्य निर्धारण अनुशासन बनाए रखना, मुश्किल में फंसे यात्रियों का शोषण रोकना और यह सुनिश्चित करना है कि तत्काल यात्रा की आवश्यकता वाले लोगों, जैसे कि वरिष्ठ नागरिक, छात्र और मरीज, को इस दौरान वित्तीय कठिनाइयों का सामना न करना पड़े। मंत्रालय ने यह भी आश्वासन दिया है कि स्थिति पर लगातार नजर रखी जाएगी और किसी भी अनुचित बदलाव के खिलाफ तत्काल सुधारात्मक कार्रवाई की जाएगी।





