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फ़रवरी, 13, 2026
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आईटी स्टॉक्स पर एआई का साया: ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, TCS 2020 के स्तर से नीचे

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IT Stocks: वैश्विक शेयर बाजारों में जारी अनिश्चितता और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बढ़ती आशंकाओं ने भारतीय आईटी सेक्टर के शेयरों में भारी बिकवाली ला दी है, जिससे पिछले आठ कारोबारी दिनों में कंपनियों का करीब छह लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटल साफ हो गया है। एक समय भारतीय बाजार के सबसे मजबूत स्तंभ माने जाने वाले आईटी स्टॉक्स अब निवेशकों की चिंता का सबब बन गए हैं।

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आईटी स्टॉक्स पर एआई का साया: ₹6 लाख करोड़ स्वाहा, TCS 2020 के स्तर से नीचे

आईटी स्टॉक्स की गिरावट: क्या एआई तकनीक है असली वजह?

वैश्विक बाजार में उथल-पुथल और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) को लेकर बढ़ती आशंकाओं के बीच घरेलू शेयर बाजार में आईटी सेक्टर के शेयरों में जबरदस्त बिकवाली देखने को मिल रही है। पिछले कई महीनों से अपेक्षाकृत स्थिर रहने वाला भारतीय आईटी सेक्टर अचानक वैश्विक गिरावट के केंद्र में आ गया है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। बीते आठ कारोबारी दिनों में आईटी कंपनियों का करीब छह लाख करोड़ रुपये का मार्केट कैपिटल घट चुका है।

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लगभग 250 बिलियन डॉलर के इस सेक्टर पर एआई के प्रभाव की आशंका इतनी गहरी है कि Tata Consultancy Services (टीसीएस) का मार्केट वैल्यू 2020 के स्तर से भी नीचे फिसलकर 10 लाख करोड़ रुपये से कम रह गया है। यह गिरावट किसी एक कंपनी के खराब नतीजों या किसी विशेष ऐलान की वजह से नहीं, बल्कि व्यापक वैश्विक अनिश्चितता और एआई के भविष्य को लेकर बनी आशंकाओं के कारण हो रही है। निवेशकों को यह चिंता सता रही है कि तेजी से विकसित हो रही एआई तकनीक पारंपरिक आईटी सर्विसेज के बिजनेस मॉडल को किस हद तक बदल सकती है।

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  • प्रमुख आईटी कंपनियों की गिरावट (पिछले 8 दिन):
  • TCS: करीब 19 प्रतिशत टूटा।
  • Infosys: 21 प्रतिशत की गिरावट।
  • HCL Technologies: लगभग 17 प्रतिशत की गिरावट।
  • शुक्रवार की स्थिति:
  • टीसीएस के शेयरों में करीब 6 प्रतिशत की गिरावट दर्ज की गई।
  • निफ्टी आईटी इंडेक्स लगभग 5 प्रतिशत तक लुढ़क गया।
यह भी पढ़ें:  कोल इंडिया का 'Dividend Stock': निवेशकों के लिए बड़ा ऐलान, जानें रिकॉर्ड डेट और भुगतान की तारीख

बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, अमेरिका से आए मजबूत रोजगार आंकड़ों ने वहां ब्याज दरों में जल्द कटौती की उम्मीदों को कमजोर कर दिया है। ऊंची ब्याज दरों का मतलब यह है कि ग्रोथ और टेक्नोलॉजी शेयरों में निवेश को लेकर सतर्कता बढ़ती है। भारतीय आईटी कंपनियों की आय का बड़ा हिस्सा अमेरिकी क्लाइंट्स से आता है, इसलिए अमेरिका में आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों का सीधा असर इन कंपनियों पर पड़ता है। यदि अमेरिकी कंपनियां एआई तकनीक के चलते टेक्नोलॉजी पर खर्च घटाती हैं, तो भारतीय आईटी कंपनियों की आय प्रभावित हो सकती है, जिससे निवेशकों का भरोसा डगमगा रहा है। रियल-टाइम बिजनेस – टेक्नोलॉजी खबरों के लिए यहां क्लिक करें

अमेरिकी बाजार का असर और निवेशकों की चिंता

इसी बीच, वॉल स्ट्रीट पर आईटी शेयरों में आई गिरावट के पीछे अमेरिकी एआई स्टार्टअप Anthropic के नए एआई टूल को भी एक वजह माना जा रहा है। माना जा रहा है कि यह टूल आईटी सेवाओं के पारंपरिक मॉडल को चुनौती दे सकता है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। इससे यह आशंका बढ़ी है कि भविष्य में आईटी सेक्टर में नौकरियों और काम के घंटों में कमी आ सकती है। आप पढ़ रहे हैं देशज टाइम्स बिहार का N0.1। यही कारण है कि एआई को लेकर बढ़ती अनिश्चितता ने निवेशकों के सेंटिमेंट पर गहरा असर डाला है और इन स्टॉक्स में भारी दबाव देखने को मिल रहा है।

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